JAC Class 10 Maths Notes Chapter 9 त्रिकोणमिति का अनुप्रयोग

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JAC Board Class 10 Maths Notes Chapter 9 त्रिकोणमिति का अनुप्रयोग

भूमिका :
इस अध्याय में हम उन विधियों के विषय में पढ़ेंगे जिनमें त्रिकोणमिति का प्रयोग हमारे आसपास के जीवन से जुड़ा होता है। त्रिकोणमिति की आवश्यकता रवगोलकी में पृथ्वी से ग्रहों और तारों की दूरियाँ परिकलित करने में होती थी। त्रिकोणमिती का प्रयोग भूगोल और नौचालन, मानचित्र बनाने और देशांतर और अक्षांश के सापेक्ष एक द्वीप की स्थिति ज्ञात करने में की जाती है।

इस अध्याय में हम अध्ययन करेंगे कि वास्तविक माप के बिना, त्रिकोणमिति का प्रयोग विभिन्न वस्तुओं की ऊँचाइयाँ और दूरियाँ ज्ञात करने में किया जाता है।

ऊंचाइयाँ और दूरियाँ :
दृष्टि रेखा (Line of sight) : प्रेक्षक की आँख से प्रेक्षक द्वारा देखी गई वस्तु के बिन्दु को मिलाने वाली रेखा को दृष्टि रेखा कहते हैं, अथवा जब हम किसी वस्तु (object) को देखते हैं, तो हमारी आँख और वस्तु को जोड़ने वाली रेखा को दृष्टि रेखा कहते हैं।
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 9 त्रिकोणमिति का अनुप्रयोग 1
चित्र में आँख बिन्दु पर है और वस्तु की स्थिति P है। अत: OP दृष्टि रेखा होगी।

JAC Class 10 Maths Notes Chapter 9 त्रिकोणमिति का अनुप्रयोग

पूरक कोण (Complimentary angles) : यदि दो कोणों का योग 90° हो, तो ये कोण पूरक कोण कहलाते हैं।

आन्तरिक एकान्तर कोण (Alternate interior angles) : यदि दो रेखाओं को एक तिर्यक रेखा काटती है तो दोनों रेखाओं के अन्दर तिर्यक रेखा के विपरीत दिशा में बने कोण एकान्तर कोण कहलाते हैं, यदि दोनों रेखाएँ परस्पर समान्तर हैं, तो बने आन्तरिक एकान्तर कोण बराबर होते हैं।
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उन्नयन कोण (Angle of elevation): जब कोई वस्तु, आँख से ऊपर हो, तो दृष्टि रेखा, क्षैतिज के साथ जो कोण बनता है उसे उन्नयन या उन्नतांश या उन्नति कोण कहते हैं।
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चित्र में आँख बिन्दु पर है और वस्तु (object) की स्थिति P है। अतः OP दृष्टि रेखा है जो क्षैतिज रेखा OX से कोण ∠XOP बनाती है। अतः उन्नयन कोण = ∠XOP

JAC Class 10 Maths Notes Chapter 9 त्रिकोणमिति का अनुप्रयोग

अवनमन कोण (Angle of depression) : जब कोई वस्तु, आँख से नीचे हो, तो दृष्टि रेखा, क्षैतिज के साथ जो कोण बनता है उसे अवनमन या अवनति कोण कहते हैं।
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चित्र में आँख बिन्दु पर और वस्तु (object) की स्थिति P है अतः OP दृष्टि रेखा है जो क्षैतिज रेखा OX’ से कोण X’OP बनाती है। अतः अवनमन कोण = X’OP
ऊँचाई एवं दूरी की समस्याओं को हल करते समय निम्नलिखित बिन्दुओं को ध्यान में रखना चाहिए :
(i) सर्वप्रथम प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़ने के उपरान्त चित्र बनाकर समकोण त्रिभुज का निर्माण करते हैं।
(ii) समकोण त्रिभुज में ज्ञात कोण के त्रिकोणमितीय अनुपातों (sine, cosine, tangent) आदि को ज्ञात भुजा के पदों में व्यक्त करते हैं।
(iii) चित्र में स्पष्ट है कि O का P के सापेक्ष उन्नयन कोण = P का O के सापेक्ष अवनमन कोण।
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चित्र में वस्तुओं द्वारा प्रेक्षक की आंख पर अन्तरित अवनमन कोणों के उदाहरण :
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JAC Class 10 Maths Notes Chapter 6 त्रिभुज

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JAC Board Class 10 Maths Notes Chapter 6 त्रिभुज

भूमिका :
सर्वांगसम आकृति के बारे में हम पिछली कक्षा IX में पढ़ चुके हैं। ऐसी दो ज्यामितीय आकृतियाँ जिनके आकार व रूप बिल्कुल समान हों एवं परस्पर अध्यारोपण पर एक-दूसरे को पूरा-पूरा ढक लेती हैं, सर्वांगसम आकृतियाँ कहलाती हैं।

इस अध्याय में हम ऐसी ही आकृतियों का अध्ययन करेंगे जिनका रूप या आकृतियाँ (Shape) बिल्कुल समान हों किन्तु आकार में भिन्नता हो, समरूप आकृतियाँ कहलाती हैं।
दो सर्वांगसम आकृतियाँ भी समरूप होती हैं। किन्तु इसका विलोम सर्वदा सत्य नहीं होता अर्थात् समरूप आकृतियाँ सदैव सर्वांगसम नहीं होती हैं।
→ बहुभुज (Polygon) : रेखाखण्डों से बनी साधारण वक्र बन्द आकृति को बहुभुज कहते हैं।

→ त्रिभुज (Triangle) : तीन भुजाओं वाले बहुभुज को त्रिभुज कहते हैं।

→ विषमबाहु त्रिभुज (Scalene Triangle) : एक त्रिभुज जिसकी तीनों भुजाएँ असमान हों, विषमबाहु त्रिभुज कहलाता है।

→ समद्विबाहु त्रिभुज (Isosceles Triangle) : एक त्रिभुज जिसकी कोई सी दो भुजाएँ समान हों, समद्विबाहु त्रिभुज कहलाता है।

→ समबाहु त्रिभुज (Equilateral Triangle) : एक त्रिभुज जिसकी तीनों भुजाएँ समान हों, समबाहु त्रिभुज कहलाता है।

→ न्यूनकोण त्रिभुज (Acute angled Triangle) : एक त्रिभुज जिसके तीनों कोण न्यून कोण ( less than 90°) हो, न्यूनकोण त्रिभुज कहलाता है।

→ अधिक कोण त्रिभुज (Obtuse angled Triangle) : एक त्रिभुज जिसका एक कोण अधिक कोण (greater than 90°) हो, अधिक कोण त्रिभुज कहलाता है।

→ समकोण त्रिभुज (Right angled Triangle) : एक त्रिभुज जिसका एक कोण समकोण है, समकोण त्रिभुज कहलाता है।

→ त्रिभुज का परिमाप (Perimeter of a Triangle) : त्रिभुज की तीनों भुजाओं का योग त्रिभुज का परिमाप कहलाता है।

→ त्रिभुज की माध्यिका (Median of a Triangle) : त्रिभुज के शीर्ष से इसके सम्मुख भुजा के मध्य बिन्दु को मिलाने वाली रेखा को त्रिभुज की माध्यिका कहते हैं।

→ त्रिभुज का शीर्षलम्ब (Altitude of a Triangle) : त्रिभुज के एक शीर्ष से सम्मुख भुजा पर खींची गयी लम्ब रेखा को त्रिभुज का शीर्षलम्ब कहते हैं।

→ त्रिभुज का कोण समद्विभाजक (Bisector of angle of a Triangle) : त्रिभुज के एक शीर्ष कोण को समद्विभाजित करने वाली रेखा को त्रिभुज का कोण समद्विभाजक कहते है।

→ समकोणीय त्रिभुज (Equiangular Triangle) : यदि दो त्रिभुजों के संगत कोण बराबर हों, तो वे समकोणीय त्रिभुज कहलाते हैं।

JAC Class 10 Maths Notes Chapter 6 त्रिभुज

समरूप आकृतियाँ :
ऐसी आकृतियाँ जिनका आकार तो समान है, परन्तु माप भिन्न है, समरूप आकृतियाँ कहलाती हैं।
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 6 त्रिभुज 1
उदाहरण : चित्र (A) में दो भवन, चित्र (B) में चार त्रिभुज, चित्र (C) में चार वृत्त, चित्र (D) में तीन पंचभुज और चित्र (E) में चार वर्ग को देखने पर इनका आकार समान एवं माप भिन्न-भिन्न है अर्थात् सभी समान संख्या की भुजाओं के समबहुभुज हैं जैसे: समबाहु त्रिभुज, वर्ग, वृत्त, समपंचभुज इत्यादि समरूप होते हैं।

JAC Class 10 Maths Notes Chapter 6 त्रिभुज

समरूप बहुभुज :
दो बहुभुज समरूप होते हैं, यदि उनके संगत कोण समान हों एवं उनकी संगत भुजाएँ समानुपाती हों।
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 6 त्रिभुज 2
चित्र में, दो बहुभुज ABCDEF एवं PQRSTU समरूप हों, तो संगत कोण समान होंगे, अर्थात्
∠A = ∠P, ∠B = ∠Q, ∠C = ∠R, ∠D = ∠S, ∠E = ∠T एवं ∠F = ∠U
एवं संगत भुजाएँ समानुपाती होंगी, अर्थात्
\(\frac{A B}{P Q}=\frac{B C}{Q R}=\frac{C D}{R S}=\frac{D E}{S T}=\frac{E F}{T U}=\frac{F A}{U P}\)
टिप्पणी: यदि एक बहुभुज दूसरे बहुभुज के समरूप हो और दूसरा बहुभुज, तीसरे बहुभुज के समरूप हो, तो पहला बहुभुज, तीसरे बहुभुज के भी समरूप होता है।
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 6 त्रिभुज 3
दो बहुभुजों के समरूप होने के लिए भुजाओं का समानुपाती होना ही पर्याप्त नहीं है, जैसे कि चित्र में, ABCD एक वर्ग है और PQRS एक समचतुर्भुज है। वर्ग ABCD की भुजाएँ समचतुर्भुज PQRS की भुजाओं की समानुपाती हैं परन्तु वर्ग ABCD के कोण समचतुर्भुज PQRS के कोणों के समान नहीं हैं। अतः वर्ग एवं समचतुर्भुज की भुजाएँ समानुपाती होते हुए भी दोनों समरूप नहीं हैं।
भुजाओं की समान संख्या वाले दो बहुभुज समरूप होते हैं, यदि
(i) सभी संगत कोण बराबर हों।
(ii) सभी संगत भुजाएँ एक ही अनुपात में (या समानुपाती हों।

JAC Class 10 Maths Solutions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय Ex 8.2

Jharkhand Board JAC Class 10 Maths Solutions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय Ex 8.2 Textbook Exercise Questions and Answers.

JAC Board Class 10 Maths Solutions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय Exercise 8.2

प्रश्न 1.
निम्नलिखित के मान निकालिए :
(i) sin 60° cos 30° + sin 30° cos 60°
(ii) 2 tan2 45° + cos2 30° – sin2 60°
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हल:
(i) sin 60° cos 30° + sin 30° cos 60°
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प्रश्न 2.
सही विकल्प चुनिए और अपने विकल्प का औचित्य दीजिए:
(i) \(\frac{2 \tan 30^{\circ}}{1+\tan ^2 30^{\circ}}\) =
(A) sin 60°
(B) cos 60°
(C) tan 60°
(D) sin 30°
(ii) \(\frac{1-\tan ^2 45^{\circ}}{1+\tan ^2 45^{\circ}}\) =
(A) tan 90°
(B) 1
(C) sin 45°
(D) 0
(iii) sin 2A = 2 sin A तब सत्य होता है, जबकि A बराबर है :
(A) 0°
(B) 30° 2tan 30°
(C) 45°
(D) 60°
(iv) \(\frac{2 \tan 30^{\circ}}{1-\tan ^2 30^{\circ}}\) बराबर है:
(A) cos 60°
(B) sin 60°
(C) tan 60°
(D) sin 30°
हल:
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अत: सही विकल्प (A) है।

(ii) \(\frac{1-\tan ^2 45^{\circ}}{1+\tan ^2 45^{\circ}}=\frac{1-1^2}{1+1^2}\)
= \(\frac{1-1}{1+1}=\frac{0}{2}\) = 0
अत: सही विकल्प (D) है।

(iii) sin 2A = 2 sin A
यदि A = 0 हो तो
बायाँ पक्ष = sin 2A = sin (2 × 0)
= sin 0° = 0
दायाँ पक्ष = 2 sin A = 2 sin 0° = 0
अत: सही विकल्प (A) है।

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अत: सही विकल्प (C) है।

प्रश्न 3.
यदि tan (A + B) = \(\sqrt{3}\) और tan (A – B) = \(\frac{1}{\sqrt{3}}\); 0° < A + B ≤ 90°; A > B तो A और B का मान ज्ञात कीजिए।
हल:
tan (A + B) = \(\sqrt{3}\)
tan (A + B) = tan 60°
A + B = 60° ….(1)
और tan (A – B) = \(\frac{1}{\sqrt{3}}\)
tan (A – B) = tan 30°
A – B = 30° …(2)
समीकरण (1) और (2) को जोड़ने पर
A + B = 60°
A – B = 30°
2A = 90°
A = \(\frac{90^{\circ}}{2}\) = 45°
A का मान समीकरण (1) में रखने पर,
45° + B = 60°
⇒ B = 60° – 45°
∴ B = 15°
अतः A = 45° और B = 15°.

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प्रश्न 4.
बताइए कि निम्नलिखित में कौन-कौन सत्य हैं या असत्य हैं। कारण सहित अपने उत्तर की पुष्टि कीजिए:
(i) sin (A + B) = sin A + sin B
(ii) θ में वृद्धि होने के साथ sin θ के मान में भी वृद्धि होती है।
(iii) 6 में वृद्धि होने के साथ cos θ के मान में भी वृद्धि होती है।
(iv) θ के सभी मानों पर sin θ = cos θ
(v) A = 0° पर cot A परिभाषित नहीं है।
हल:
(i) माना कि
A = 30° तथा B = 60°
तो sin (A + B) = sin (30° + 60°)
= sin 90°
= 1
और sin A + sin B = sin 30° + sin 60°
= \(\frac{1}{2}+\frac{\sqrt{3}}{2}=\frac{1+\sqrt{3}}{2}=1\)
अतः sin (A + B) ≠ sin A + sin B
∴ दिया गया कथन असत्य है।

(ii) ∵ θ के मान 0°, 30°, 45°, 60°, 90° लेने पर,
sin 0° = 0, sin 30° = \(\frac{1}{2}\)
sin 45° = \(\frac{1}{\sqrt{2}}\)
sin 60° = \(\frac{\sqrt{3}}{2}\)
sin 90° = 1
अतः θ का मान बढ़ने पर sin θ का मान बढ़ता है। परन्तु यह θ = 90° तक ही सही है, आगे नहीं।
दिया गया कथन सत्य है।

(iii) ∵ cos 0° = 1 और cos 90° = 0
अतः θ का मान बढ़ाने पर cos θ के मान में वृद्धि नहीं होती।
∴ दिया गया कथन असत्य है।

(iv) ∵ sin θ = cos θ
θ = 30° लेने पर
sin 30° = \(\frac{1}{2}\)
cos 30° = \(\frac{\sqrt{3}}{2}\)
∴ sin 30° ≠ cos 30°
∴ दिया गया कथन असत्य है।

(v) tan 0° = 0
cot 0° = \(\frac{1}{\tan 0^{\circ}}\)
= \(\frac{1}{0}\) = अपरिभाषित
A = 0° पर cot A अपरिभाषित है।
∴ दिया गया कथन सत्य है।

JAC Class 10 Maths Notes Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय

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JAC Board Class 10 Maths Notes Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय

भूमिका :
त्रिकोणमिति के अंग्रेजी शब्द Trigonometry की व्युत्पत्ति ग्रीक शब्दों ‘tri’ (जिसका अर्थ है, तीन), ‘gon’ (जिसका अर्थ है, भुजा) और ‘metron’ (जिसका अर्थ है, माप) से हुई है। वस्तुत: त्रिकोणमिति में एक त्रिभुज की भुजाओं और कोणों के बीच के सम्बन्धों का अध्ययन करते हैं।

पाइथागोरस प्रमेय (Pythagoras Theorem) : “किसी समकोण त्रिभुज में समकोण बनाने वाली भुजाओं के वर्गों का योग त्रिभुज के कर्ण के वर्ग के बराबर होता है।”
(कर्ण)2 = (समकोण बनाने वाली एक भुजा)2 + (समकोण बनाने वाली दूसरी भुजा)2
चित्र में ΔABC समकोण त्रिभुज है, जिसमें ∠B = 90°, कर्ण = CA तथा समकोण बनाने वाली भुजाएँ क्रमश: AB और BC हैं।
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 1
∴ भुजाओं में सम्बन्ध :
(AC)2 = (AB)2 + (BC)2
यदि दो भुजाओं की माप ज्ञात हो, तो तीसरी भुजा की माप ज्ञात कर सकते हैं।
→ त्रिकोणमिति (Trigonometry): त्रिकोणमिति गणित की वह शाखा है, जिसके अन्तर्गत एक त्रिभुज की भुजाओं और कोणों के बीच के सम्बन्धों का अध्ययन किया जाता है।
→ त्रिकोणमितीय अनुपात (Trigonometric Ratios): एक समकोण त्रिभुज में किसी न्यून कोण के सापेक्ष भुजाओं के अनुपात का अध्ययन त्रिकोणमितीय अनुपात कहलाता है।
→ त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ (Trigonometric Identities): एक कोण के त्रिकोणमितीय अनुपातों से सम्बन्धित समीकरण को त्रिकोणमितीय सर्वसमिका कहते हैं। जबकि यह सम्बन्धित कोण (कोणों) के सभी मानों के लिए सत्य होता है।
→ पूरक कोण (Complimentary angles): यदि दो कोणों का योग 90° हो, तो उन कोणों को परस्पर पूरक कोण कहते हैं।
→ sin θ : प्रतीक sin θ का प्रयोग कोण θ, के sinθ के संक्षिप्त रूप में किया गया है।
→ cos θ : प्रतीक cos θ का प्रयोग कोण θ, के cosinθ के संक्षिप्त रूप में किया गया है।
→ tan θ : प्रतीक tan θ का प्रयोग कोण θ के tangent के संक्षिप्त रूप में किया गया है।
→ cot θ : प्रतीक cot θ का प्रयोग कोण θ के, cotangent के संक्षिप्त रूप में किया गया है।
→ sec θ : प्रतीक sec θ का प्रयोग कोण θ के, secant के संक्षिप्त रूप में किया गया है।
→ cosec θ : प्रतीक cosec θ का प्रयोग कोण θ, के cosecant के संक्षिप्त रूप में किया गया है।

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त्रिकोणमितीय अनुपात :
समकोण त्रिभुज ABC की भुजाओं के कुछ अनुपातों का उसके न्यूनकोणों के सापेक्ष अध्ययन को त्रिकोणमितीय अनुपात कहते हैं।
समकोण त्रिभुज ABC में ∠B समकोण और न्यूनकोण A के सापेक्ष त्रिकोणमितीय अनुपातों को निम्नांकित प्रकार से परिभाषित कर सकते हैं-
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JAC Class 10 Maths Notes Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 3
टिप्पणी : cosec A, sec A और cot A अनुपातों sin A, cos A और tan A के क्रमशः व्युत्क्रम हैं।
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 4
इसलिए, समकोण त्रिभुज के एक न्यूनकोण के त्रिकोणमितीय अनुपात, त्रिभुज के कोण और उसकी भुजाओं की लम्बाई के बीच के सम्बन्ध को व्यक्त करते हैं।

JAC Class 10 Maths Notes Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय

त्रिकोणमितीय अनुपातों में पारस्परिक सम्बन्ध (Relations among Trigonometric Ratios) :
(i) sin और cosec त्रिकोणमितीय अनुपात परस्पर व्युत्क्रम (Reciprocal) हैं।
(ii) cos और sec त्रिकोणमितीय अनुपात परस्पर व्युत्क्रम हैं।
(iii) tan और cot त्रिकोणमितीय अनुपात, परस्पर व्युत्क्रम हैं।

इन्हें निम्न प्रकार से भी व्यक्त किया जा सकता है :
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sin2 θ + cos2 θ =1
sin2 θ = 1 – cos2 θ
cos2 θ = 1 – sin2 θ
sec2 = 1 + tan2 θ
sec2 θ – tan2 θ = 1
tan2 θ = sec22 θ – 1
cosec2 θ = 1 – cot2 θ
cosec2 θ – 1 = cot2 θ
cosec2 θ – cot2 θ = 1
अग्रांकित सारणी की सहायता से प्रत्येक त्रिकोणमितीय अनुपात को दूसरे त्रिकोणमितीय अनुपातों में परिवर्तित किया जा सकता है :
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JAC Class 10 Maths Notes Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय

कुछ विशिष्ट कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात :
0° तथा 90° के त्रिकोणमितीय अनुपात: यदि समकोण ΔABC में कर्ण AC तथा ΔABC’ में कर्ण AC’ बराबर लम्बाई के हैं। दोनों त्रिभुजों से हम देखते हैं कि θ का मान ज्यों-ज्यों बढ़ाते जाते हैं, त्यों-त्यों उसकी सम्मुख भुजा की लम्बाई बढ़ती जाती है। इसके विपरीत θ का मान कम करने पर उसकी सम्मुख भुजा की लम्बाई कम होती जाती है।
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यदि θ का मान घटते घटते शून्य हो जाए, तो उस स्थिति में θ की सम्मुख भुजा BC शून्य और आधार भुजा AB = AC हो जाती है तथा बिन्दु C बिन्दु B के ठीक ऊपर होगा।
∴ sin 0° = \(\frac{B C}{A C}=\frac{0}{A C}\) = 0
तथा cos 0° = \(\frac{A B}{A C}=\frac{A C}{A C}\) = 1 (∵ AB = AC)
tan 0° = \(\frac{\sin 0^{\circ}}{\cos 0^{\circ}}=\frac{0}{1}\) = 0

sin 0° = 0
cos 0° = 1
tan 0° = 0
विलोमतः
cosec 0° = अपरिभाषित
sec 0° = 1
cot 0° = अपरिभाषित
यदि समकोण ΔABC में 6 का मान बढ़ाने पर ∠θ के सामने की भुजा BC की लम्बाई बढ़ती है और आधार भुजा घटती है। θ = 90° की स्थिति में BC भुजा, कर्ण AC के बराबर हो जाती है और बिन्दु के ठीक ऊपर होता है और भुजा AB शून्य हो जाती है।
sin 90° = \(\frac{B C}{A C}=\frac{A C}{A C}=1\)
(∵ 90° पर BC = AC)
तथा cos 90° = \(\frac{A B}{A C}=\frac{0}{A C}\)
tan 90° = \(\frac{\sin 90^{\circ}}{\cos 90^{\circ}}=\frac{1}{0}\) = ∞ (अपरिभाषित)
sin 90° = 1
cos 90° = 0
tan 90° = अपरिभाषित
cosec 90° = 1
विलोमत: sec 90° = अपरिभाषित
cot 90° = 0
30° और 60° के त्रिकोणमितीय अनुपात : एक समबाहु त्रिभुज ABC लेते हैं। जिसका प्रत्येक कोण 60° का होता है।
∴ ∠A = ∠B = ∠C = 60°
शीर्ष A से भुजा BC पर लम्ब AD डालते हैं।
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 8
अर्थात् AD ⊥ BC
ΔABD ≅ ΔACD, (RHS सर्वांगसमता नियम से)
∴ BD = DC
∠BAD = ∠CAD (CPCT)
अत: ΔABD एक समकोण Δ है, जिसका कोण D समकोण है।
जहाँ ∠BAD = 30° और ∠ABD = 60°
माना AB = BC = CA = 2a
तब BD = \(\frac{1}{2}\)BC = \(\frac{1}{2}\) × 2a = a
समकोण ΔABD में,
AD2 = AB2 – BD2
= (2a)2 – (a)2
= 4a2 – a2 = 3a2
AD = a\(\sqrt{3}\)
अब sin 30° = \(\frac{B D}{A B}=\frac{a}{2 a}=\frac{1}{2}\)
cosec 30° = \(\frac{1}{\sin 30^{\circ}}=\frac{1}{\frac{1}{2}}=2\)
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JAC Class 10 Maths Notes Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 10

45° के त्रिकोणमितीय अनुपात : समकोण ΔABC में, जिसका ∠B = 90° है। यदि एक ∠A = 45°, तो दूसरा ∠B = 45° का होगा।
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 11
अर्थात्
∠A = ∠C = 45°
∴ AB = BC
माना AB = BC = a
पाइथागोरस प्रमेय से,
AC2 = AB2 + BC2 = a2 + a2
⇒ AC2 = 2a2
∴ AC = \(\sqrt{2}\)a.
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 12

JAC Class 10 Maths Notes Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय

विशेष कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपातों की सारणी (Tables of Trigonometric Ratios of Particular Angles)
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पूरक कोणों के त्रिकोणमितीय अनुपात (Trignometrical Ratios of Complementary Angles) :
यदि दो कोणों का योग 90° के बराबर हो, तो वे दोनों कोण एक-दूसरे के पूरक कहलाते हैं। एक समकोण ΔABC में ∠B समकोण है। इसलिए
∠A + ∠C = 90° ⇒ ∠C = 90° – A
अर्थात् ∠A व ∠C एक-दूसरे के पूरक हैं।

∠A के लिए त्रिकोणमितीय अनुपात :
कर्ण = AC, लम्ब = BC, आधार = AB
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 14
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अब ∠C = (90° – A) के लिए त्रिकोणमितीय अनुपात :
कर्ण = AC, आधार = BC, लम्ब = AB
sin ( 90° – A) = लम्ब / कर्ण = \(\frac{A B}{A C}\)
cos (90° – A) = \(\frac{B C}{A C}\)
tan (90° – A) = \(\frac{A B}{B C}\)
cot (90° – A ) = \(\frac{B C}{A B}\)
sec (90° – A) = \(\frac{A C}{B C}\)
cosec (90° – A) = \(\frac{A C}{A B}\)
∠A और ∠C के त्रिकोणमितीय अनुपातों की तुलना करने पर,
sin ( 90° – A) = \(\frac{A B}{A C}\) = cos A
cos (90° – A) = \(\frac{B C}{A C}\) = sin A
tan (90° – A) = \(\frac{A B}{B C}\) = cot A
cot (90° – A ) = \(\frac{B C}{A B}\) = tan A
sec (90° – A) = \(\frac{A C}{B C}\) = cosec A
cosec (90° – A) = \(\frac{A C}{A B}\) = sec A

टिप्पणी : जब हम कोण को बदलेंगे, तो sin θ, cos θ, tan θ, cot θ, sec θ, cosec θ भी परिवर्तित हो जायेंगे। याद रखने के लिए ‘co’ को जोड़िए यदि यह नहीं है तो ‘co’ को हटाइए।

JAC Class 10 Maths Notes Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय

त्रिकोणमितीय सर्वसमिकाएँ :
एक समकोण ΔABC में ∠B समकोण है। पाइथागोरस प्रमेय से,
AB2 + BC2 = AC2 …..(1)
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समीकरण (1) के प्रत्येक पदों को AC2 से विभाजित करने पर,
\(\frac{A B^2}{A C^2}+\frac{B C^2}{A C^2}=\frac{A C^2}{A C^2}\)
या \(\left(\frac{A B}{A C}\right)^2+\left(\frac{B C}{A C}\right)^2=1\)
या (cos A)2 + (sin A)2 = 1
अर्थात् cos2 A + sin2 A = 1, जहाँ 0° ≤ A ≤ 90°
sin2 A + cos2 A = 1 …..(2)
अब समीकरण (1) को AB2 से विभाजित करने पर,
\(\frac{A B^2}{A B^2}+\frac{B C^2}{A B^2}=\frac{A C^2}{A B^2}\)
या \(\left(\frac{A B}{A B}\right)^2+\left(\frac{B C}{A B}\right)^2=\left(\frac{A C}{A B}\right)^2\)
अर्थात् 1 + tan2 A = sec2 A …..(3)
अब समीकरण (1) को BC2 से विभाजित करने पर,
\(\frac{A B^2}{B C^2}+\frac{B C^2}{B C^2}=\frac{A C^2}{B C^2}\)
⇒ \(\left(\frac{A B}{B C}\right)^2+\left(\frac{B C}{B C}\right)^2=\left(\frac{A C}{B C}\right)^2\)
⇒ cot2 A + 1 = cosece2 A ….( 4 )
इन सर्वसमिकाओं का प्रयोग करके हम प्रत्येक त्रिकोणमितीय अनुपात को, दूसरे त्रिकोणमितीय अनुपातों के पदों में व्यक्त कर सकते हैं,
sin2 θ + cos2 θ = 1
⇒ sin2 θ = 1 – cos2 θ
या cos2 θ = 1 – sin2 θ
1 + tan2 θ = sec2 θ
⇒ tan2 = sec2 θ – 1
या sec2 θ – tan2 θ = 1
cot2 θ + 1 = cosec2 θ
⇒ cot2 θ = cosec2 θ – 1
या cosec2 θ – cot2 θ = 1

JAC Class 10 Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Ex 2.1

Jharkhand Board JAC Class 10 Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Ex 2.1 Textbook Exercise Questions and Answers.

JAC Board Class 10 Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Exercise 2.1

Question 1.
JAC Class 10 Maths Solutions Chapter 2 Polynomials Ex 2.1 1
Solution:
1. The number of zeroes is 0 as the graph being parallel to the x-axis does not intersect it.
2. The number of zeroes is 1 as the graph intersects the x-axis at one point only.
3. The number of zeroes is 3 as the graph intersects the x-axis at three points.
4. The number of zeroes is 2 as the graph intersects the x-axis at two points.
5. The number of zeroes is 4 as the graph intersects the x-axis at four points.
6. The number of zeroes is 3 as the graph intersects the x-axis at three points.

JAC Class 10 Maths Notes Chapter 14 सांख्यिकी

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JAC Board Class 10 Maths Notes Chapter 14 सांख्यिकी

भूमिका :
पिछली कक्षाओं में आपने विभिन्न आलेखों जैसे कि दंड आलेख, आयत चित्र, बारम्बारता बहुभुज के माध्यम से दिए हुए आँकड़ों को अवर्गीकृत एवम् वर्गीकृत बारम्बारता बंटनों में व्यवस्थित करना सीखा था तथा अवर्गीकृत आँकड़ों की केन्द्रीय प्रवृत्ति की मापें जैसे कि माध्य, माध्यक, बहुलक के बारे में भी अध्ययन किया था। इस अध्याय में हम वर्गीकृत आँकड़ों के माध्य, माध्यक और बहुलक कैसे ज्ञात किया जाता है सीखेंगे और संचयी बारम्बारता, संचयी बारम्बारता वक्रों, जो तोरण कहलाती है, को किस प्रकार खींचा जाता है, सीखेंगे।
→ सांख्यिकी (Statistics) : सांख्यिकी वह विज्ञान है, जिसमें आँकड़ों का संग्रह तथा वर्गीकरण किया जाता है तथा उनका विश्लेषण करके उनकी व्याख्या की जाती है।
सांख्यिकी को लैटिन शब्द ‘स्टेट्स (Status) या जर्मन शब्द स्टे (Statistic ) या इटेलियन शब्द स्टेटिस्टा (Statista) से लिया गया है।
→ प्रेक्षण (Observation) : सांख्यिकीय आँकड़ों का प्रत्येक पद प्रेक्षण कहलाता है।
→ बारम्बारता (Frequency) : किसी सारणी में किसी पद की बारम्बारता कई बार हो, तो वह पद जितनी बार आता है उसे पद की बारम्बारता कहते हैं।
→ बारम्बारता सारणी (Frequency table) : वर्ग अन्तराल के अनुसार वर्गीकरण करके जो सारणी बनती है उसे बारम्बारता सारणी कहते हैं।
→ वर्ग की सीमाएँ (Class limits) : वर्ग को निश्चित करने के लिए दो संख्याएँ प्रयोग की जाती हैं, जो उस वर्ग की सीमाएँ कहलाती हैं।
पहली संख्या वर्ग की निम्न सीमा तथा दूसरी संख्या वर्ग की उच्च सीमा कहलाती है।
→ वर्ग अन्तराल (Class size) : किसी वर्ग की उच्च सीमा तथा निम्न सीमा का अन्तर वर्ग अन्तराल कहलाता है।
→ वर्ग चिह्न (Class marks) : एक वर्ग अन्तराल का मध्य बिन्दु या वर्ग चिह्न उसकी उच्च और निम्न सीमाओं का औसत मान होता है।
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 14 सांख्यिकी 1
→ संचयी बारम्बारता (Cumulative Frequency) : किसी वर्ग की संचयी बारम्बारता उस वर्ग तथा उस वर्ग तक के सभी वर्गों की बारम्बारताओं के योग बराबर होती है।
(i) समान्तर माध्य (Arithmetic Mean) : “वह मान है जो दिये हुए आँकड़ों के योगफल को, आँकड़ों की संख्या से भाग देने पर प्राप्त होता है।”
(ii) बहुलक (Mode) : सांख्यिकीय आँकड़ों में जिस पद की बारम्बारता सबसे अधिक होती है, बहुलक कहलाता है अथवा दिए गए आँकड़ों (प्रेक्षणों) में सबसे अधिक बार आने वाले आँकड़ों को बहुलक कहते हैं।
(iii) माध्यक (Median) : केन्द्रीय प्रवृत्ति का ऐसा मापक जो आँकड़ों में सबसे बीच के प्रेक्षण का मान देता है माध्यक कहलाता है।
केन्द्रीय प्रवृत्ति-“आँकड़ों में से किसी एक आँकड़े के पास जाने की उनकी प्रवृत्ति को केन्द्रीय प्रवृत्ति कहते हैं।”

1. प्राप्त आँकड़ों से समान्तर माध्य ज्ञात करना :
इस प्रकार यदि किसी चर राशि के n मान क्रमश: x1, x2, ……, xn हों तो उनका
समान्तर माध्य = \(\frac{x_1+x_2+\ldots \ldots+x_n}{n}\) या \(\bar{x}=\frac{1}{n} \sum_{i=1}^n x_i\) [सूत्र रूप] …..(i)
प्रतीक : (i) Σ (सिग्मा) ग्रीक वर्णमाला का एक अक्षर है और गणित में इसको योग या संकलन (Summation) की प्रक्रिया दर्शाने के लिए प्रयोग में लाया जाता है।
\(\sum_{i=1}^n x_i=x_1+x_2+\ldots \ldots \ldots+x_n\)
(ii) \(\bar{x}\) [x bar] द्वारा समान्तर माध्य प्रकट किया जाता है।
(iii) समान्तर माध्य को संक्षेप में माध्य भी कहते हैं।

2. यदि आँकड़े बारम्बारता सारणी के रूप में दिए हों तो माध्य का अवकलन निम्न प्रकार किया जाता है:
(i) प्रत्यक्ष विधि (Direct Method)
(ii) कल्पित माध्य विधि (Assumed Mean Method) या संक्षेप विधि (Shortcut Method)
(iii) पद-विचलन विधि (Step-deviation Method)
अवर्गीकृत बारम्बारता बंटन से समान्तर माध्य :
क्रिया पद (Working Steps) :
पद I : प्रत्येक विचर को उसकी बारम्बारता से गुणा (fi × xi) कीजिए।
पद II : ऐसे सभी गुणनफलों का योगफल ज्ञात कीजिए।
पद III : उपर्युक्त योगफल में बारम्बारता के योगफल का भाग दीजिए।
पद IV : इस प्रकार प्राप्त भागफल समान्तर माध्य होगा।
प्रत्यक्ष विधि में निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग किया जाता है:
माध्य = \(\bar{x}=\frac{\sum f_i x_i}{\sum f_i}\)

JAC Class 10 Maths Notes Chapter 14 सांख्यिकी

वर्गीकृत आँकड़ों का समान्तर माध्य :
क्रिया पद (Working Steps) :
पद I : वर्गीकृत बंटन में प्रत्येक वर्ग के मध्यमानों को ज्ञात कर उन्हें विचर x से प्रदर्शित कीजिए।
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 14 सांख्यिकी 2
पद II : प्रत्येक वर्ग के मध्यमान को उसकी संगत बारम्बारता से गुणा कीजिए। (किसी वर्ग का मध्यमान उस वर्ग की निम्न एवं उच्च, दोनों सीमाओं के योगफल का आधा होता है।)
पद III : उपर्युक्त सभी गुणनफलों के योगफल में बारम्बारताओं के योगफल का भाग दीजिए।
पद IV : यह भागफल ही समान्तर माध्य होगा।
प्रत्यक्ष विधि में निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग किया जाता है :
माध्य x \(\bar{x}=\frac{\sum f_i x_i}{\sum f_i}\)

कल्पित माध्य विधि (Assumed mean method) या संक्षेप विधि (Short-cut method) :
समान्तर माध्य (\(\bar{x}\)) = \(A+\frac{\sum f_i d_i}{\sum f_i}\)
जहाँ di = xi – A, A = कल्पित माध्य
Σfi = N = बारम्बारताओं का योग
नोट : सामान्यतः कल्पित माध्य विचर x का वह मान (अथवा मध्यमान) लिया जाता है जिसकी बारम्बारता अधिकतम हो। ऐसा करने से गणितीय परिकलन सरल हो जाता है।

पद-विचलन विधि (Step-deviation method) : इस विधि में विचलनों di = xi – A के सभी मानों को किसी एक उभयनिष्ठ संख्या (माना h) से भाग देते हैं। ऐसी स्थिति में इन सभी विचलनों को h से विभाजित करते हुए नये विचलन \(u_i=\frac{x_i-A}{h}\) के रूप में लेते हैं।
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 14 सांख्यिकी 3
जहाँ \(u_i=\frac{x_i-A}{h}\)
A = कल्पित माध्य
h = वर्ग माप
Σfi = N = बारम्बारताओं का योगे

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वर्गीकृत आँकड़ों का बहुलक :
आँकड़ों के किसी संग्रह या संकलन में जिस प्रेक्षण की बारम्बारता (आवृत्ति) अधिकतम होती है, उस प्रेक्षण के मान को बहुलक कहते हैं।
जैसे: (i) एक कक्षा के 20 छात्रों की आयु वर्षों में निम्न प्रकार हैं, इसका बहुलक ज्ञात करना है :
15 16 13 14 14 13 15 14 13 13
14 12 15 14 16 13 14 14 13 15
उक्त बंटन से स्पष्ट है कि आयु 14 वर्ष सबसे अधिक 7 बार आया है। इसकी बारम्बारता सबसे अधिक है। अतः बहुलक 14 होगा।
(ii) कुछ विद्यार्थियों के प्राप्तांक निम्न प्रकार हैं, इनका बहुलक ज्ञात करना है :
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 14 सांख्यिकी 4
हल: यहाँ प्राप्तांक 34 की बारम्बारता सबसे अधिक 20 है।
अतः बहुलक = 34 अंक होगा।

वर्गीकृत बारम्बारता बंटन से बहुलक :
(Mode from Grouped Frequency Distribution)
वर्गीकृत बारम्बारता बंटन से बहुलक निकालने के लिए अग्र क्रिया पद हैं:
पद I. वर्गीकृत बारम्बारता बंटन के जिस वर्ग की बारम्बारता सबसे अधिक होती है, उसे बहुलक वर्ग (modal class) कहते हैं। सर्वप्रथम बहुलक वर्ग को ज्ञात करते हैं।
पद II. बहुलक वर्ग के माध्यम से निम्न सूत्र का प्रयोग करते हुए बहुलक ज्ञात करते हैं:
बहुलक = \(l+\left(\frac{f_1-f_0}{2 f_1-f_0-f_2}\right) \times h\)
जहाँ l = बहुलक वर्ग की निम्न सीमा
f1 = बहुलक वर्ग की बारम्बारता
f0 = बहुलक वर्ग से ठीक पूर्व वर्ग की बारम्बारता
f2 = बहुलक वर्ग के ठीक बाद के वर्ग की बारम्बारता
h = बहुलक वर्ग का अन्तराल

JAC Class 10 Maths Notes Chapter 14 सांख्यिकी

माध्यिका या माध्यक (Median) :
1. अवर्गीकृत या व्यक्तिगत श्रेणी से माध्यिका (Median from Ungrouped or Individual Series) : यदि किसी चर राशि x के मानों को आरोही (ascending) या अवरोही (descending) क्रम में रखा जाए, तो इस श्रेणी के मध्य (बीच) के पद को श्रेणी की माध्यिका या माध्यक (Median) कहते हैं।
(i) यदि पदों की संख्या विषम है, तो मध्य में एक ही पद \(\frac{n+1}{2}\) वाँ होगा।
माध्यक (M) = \(\frac{n+1}{2}\) वाँ होगा।
(ii) यदि पदों की संख्या सम है, तो
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 14 सांख्यिकी 5

संचयी बारम्बारता बंटन का आलेखीय निरूपण (Graphical Representation of Cumulative Frequency) :
बारम्बारता बहुभुज तथा वक्र बनाने की दो विधियाँ हैं :
(1) ‘से कम’ विधि, (2) ‘से अधिक’ विधि।
(1) ‘से कम विधि’ (‘Less than’ method) : (i) वर्ग अन्तरालों की उच्च सीमा से प्रारम्भ करते हैं तथा वर्ग बारम्बारताओं को जोड़कर संचयी बारम्बारता (c.f.) बनाते हैं।
(ii) एक उचित पैमाना लेकर वर्गों की उच्च सीमा को X-अक्ष के अनुदिश निरूपित करते हैं।
(iii) एक उचित पैमाना लेकर संचयी बारम्बारताओं को Y-अक्ष के अनुदिश निरूपित करते हैं।
(iv) ग्राफ पर बिन्दुओं (xi, fi) को अंकित करते हैं, जहाँ xi किसी वर्ग की उच्च सीमा तथा fi संगत संचयी बारम्बारता है।
(v) चरण (iv) से प्राप्त बिन्दुओं को हाथ से वक्र के रूप में जोड़कर संचयी बारम्बारता वक्र अथवा तोरण प्राप्त करते है।

(2) से अधिक’ विधि (‘More than’ method) :
(i) वर्ग अन्तरालों की निम्न सीमा से प्रारम्भ करते हैं तथा बारम्बारताओं के योग में से प्रत्येक वर्ग की बारम्बारता घटाकर संचयी बारम्बारता बंटन प्राप्त करते हैं।
(ii) एक उचित पैमाना लेकर वर्गों की निम्न सीमा को X-अक्ष के अनुदिश निरूपित करते हैं।
(iii) एक उचित पैमाना लेकर संचयी बारम्बारताओं को Y-अक्ष के अनुदिश निरूपित करते हैं।
(iv) ग्राफ पर बिन्दुओं (xi, fi) को अंकित करते हैं, जहाँ xi किसी वर्ग की निम्न सीमा तथा fi संगत संचयी बारम्बारता हैं।
(v) चरण (iv) से प्राप्त बिन्दुओं को हाथ से वक्र से रूप में जोड़कर बारम्बारता वक्र अथवा तोरण प्राप्त करते हैं।

तोरण अथवा वक्र द्वारा माध्यक ज्ञात करने की विधि : (i) ग्राफ पेपर पर दो प्रकार के बारम्बारता वक्रों में से एक खींचते हैं।
(ii) \(\frac{N}{2}\)(N = Σfi) ज्ञात कर, Y-अक्ष पर संगत बिन्दु अंकित करते हैं।
(iii) इस संगत बिन्दु से X-अक्ष के समान्तर रेखा खींचते हैं जो वक्र को एक बिन्दु (माना P) पर काटती है।
(iv) यह बिन्दु P का भुज अर्थात् बिन्दु P का x-निर्देशांक माध्यिका होगी।

JAC Class 10 Maths Notes Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति

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JAC Board Class 10 Maths Notes Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति

भूमिका :
किसी समतल में यदि किसी बिन्दु की स्थिति ज्ञात करनी हो तो दो संख्याओं की आवश्यकता पड़ती है। इन संख्याओं को बिन्दु के निर्देशांक कहते हैं। इससे सम्बन्धित ज्यामिति की शाखा को निर्देशांक ज्यामिति कहते हैं।

→ माना किसी समतल में दो परस्पर लम्बवत् रेखाएँ XOX’ और YOY’ हैं जो कि बिन्दु O पर प्रतिच्छेद करती हैं। इन्हें निर्देशांक अक्ष (Coordinate axes) कहते हैं और O को मूलबिन्दु (Origin) कहते हैं। XOX’ और YOY’ परस्पर लम्बवत् हैं। अत: XOX’ और YOY’ समकोणिक अक्ष या आयतीय निर्देशांक अक्ष (Rectangular axes) कहते हैं।
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति 1
→ किसी बिन्दु की y-अक्ष से दूरी उस बिन्दु का x-निर्देशांक या भुज (abscissa) कहलाती है तथा उस बिन्दु की x अक्ष से दूरी उस बिन्दु का J-निर्देशांक या कोटि (ordinate) कहलाती है।
→ x- अक्ष पर स्थित किसी बिन्दु के निर्देशांक (x, 0) के रूप के होते हैं तथा y-अक्ष पर स्थित किसी बिन्दु के निर्देशांक (0, y) के रूप के होते हैं।
→ यदि हमें किसी बिन्दु के निर्देशांक ज्ञात हों तो उसका आलेख कागज पर अंकित कर सकते हैं जैसा कि हम अध्याय 2 में पढ़ चुके हैं कि y = ax2 + bx + c (a ≠ 0) का आलेख एक परवलय (Parabola) होता है।
(1) निर्देशांक अक्ष (Coordinate Axes) : समतल पर किसी बिन्दु की स्थिति ज्ञात करने के लिए परस्पर दो लम्बवत् रेखाएँ खींची जाती हैं। जिसमें क्षैतिज रेखा को x-अक्ष तथा लम्बवत् रेखा को y-अक्ष कहते हैं। इन रेखाओं को निर्देशांक अक्ष कहते हैं।
(2) मूल बिन्दु (Origin): दो निर्देशांक अक्षों के प्रतिच्छेद बिन्दु को मूल बिन्दु कहते हैं। इसे सामान्यतः O से प्रदर्शित करते हैं।
(3) चतुर्थाश (Quadrants) : दो लम्बवत् निर्देशांक अक्षों द्वारा विभाजित चार भागों को चतुर्थांश कहते हैं।
(4) संरेखीय बिन्दु (Collinear points) : यदि तीन या तीन से ज्यादा बिन्दु एक सीधी रेखा पर स्थित हों तो उन्हें संरेखीय बिन्दु कहते हैं ।

JAC Class 10 Maths Notes Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति

एक बिन्दु के कार्तीय निर्देशांक (Cartesian Co-ordinates ) : माना एक समतल में बिन्दु P के निर्देशांक ज्ञात करने के लिए बिन्दु P से XOX’ या x- अक्ष पर लम्बे PM और YOY या y-अक्ष पर लम्ब PN डालते हैं। मूल बिन्दु 0 से M की दिष्ट दूरी (OM x) बिन्दु P का x-निर्देशांक या भुज (abscissa) और M से P की दिष्ट दूरी (MP = y) बिन्दु P का y-निर्देशांक या कोटि (ordinate) कहलाता है। बिन्दु जिसका भुज और कोटि हो, बिन्दु (x, y) अर्थात् P(x, y) कहलाता है। बिन्दु के निर्देशांक सदैव क्रमित युग्म (x, y) में निरूपित किये जाते हैं अर्थात् बिन्दु के निर्देशांक लिखते समय x-निर्देशांक पहले और y-निर्देशांक बाद में लिखते हैं और इन्हें अल्प विराम () से अलग करते हुए छोटे कोष्ठक में लिखते हैं।
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति 2

चतुर्थांश में निर्देशांकों के चिह्न (Sign of co-ordinates in quadrants) : दोनों अक्ष XOX’ और YOY’ समतल को चार भागों में विभाजित करते हैं। इन्हें चतुर्थांश कहते हैं XOY, YOX’, X’OY’ और Y’OX को क्रमशः प्रथम, द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ चतुर्थांश कहते हैं। हम सदैव OX और OY दिशाओं को धनात्मक और OX’ और OY’ दिशाओं को ऋणात्मक लेते हैं।
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति 3
यदि समतल में किसी बिन्दु P के निर्देशांक (x, y) हों, तो
प्रथम चतुर्थांश में x > 0, y > 0; निर्देशांक (+, +)
द्वितीय चतुर्थाश में x < 0, y > 0; निर्देशांक (-, +)
तृतीय चतुर्थांश में x < 0, y < 0; निर्देशांक (-, -)
चतुर्थं चतुर्थांश में x > 0, y < 0; निर्देशांक (+, -)

JAC Class 10 Maths Notes Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति

दूरी सूत्र :
माना XOX’ और YOY’ निर्देशांक अक्ष हैं और समतल में स्थित दो बिन्दु P (x1, y1) और Q (x2, y2) हैं जिनके बीच की दूरी ज्ञात करनी है। बिन्दु P और Q से x- अक्ष पर लम्ब क्रमश: PM और ON डालते हैं और P से QN पर लम्ब PR डाला। अत: OM = बिन्दु P का भुज = x1
इसी प्रकार :
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति 4
ON = x2, PM = y1 और QN = y2
अत: चित्रानुसार, PR = MN = ON – OM = x2 – x1
और QR = QN – RN = QN – PM = y2 – y1
अतः समकोण त्रिभुत्र PRQ में पाइथागोरस प्रमेय से,
PQ2 = PR2 + QR2
या PQ2 = (x2 – x1)2 + (y2 – y1)2
या PQ = \(\sqrt{\left(x_2-x_1\right)^2+\left(y_2-y_1\right)^2}\)
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति 5
जो कि दो बिन्दुओं के बीच की दूरी का सूत्र है।
विशेष स्थिति : मूलबिन्दु O(0, 0) से किसी बिन्दु P(x, y) की दूरी OP = \(\sqrt{x^2+y^2}\)
ध्यान रखने योग्य बिन्दु :
→ x-अक्ष पर स्थित प्रत्येक बिन्दु की कोटि अर्थात् y-निर्देशांक = 0
→ y-अक्ष पर स्थित प्रत्येक बिन्दु का भुज अर्थात् x-निर्देशांक = 0
→ यदि किसी बिन्दु का भुज शून्य और कोटि धनात्मक है, तो वह बिन्दु धन y-अक्ष पर स्थित होगा।
→ यदि किसी बिन्दु का भुज शून्य और कोटि ऋणात्मक है, तो वह बिन्दु ऋण y-अक्ष पर स्थित होगा।
→ यदि किसी बिन्दु का भुज धनात्मक और कोटि शून्य है, तो वह बिन्दु धन x-अक्ष पर स्थित होगा।
→ यदि किसी बिन्दु का भुज ऋणात्मक और कोटि शून्य है, तो वह बिन्दु ऋण x-अक्ष पर स्थित होगा।

विभाजन सूत्र :
दो बिन्दुओं के मध्य दूरी का आन्तरिक और बाह्य विभाजन (Internal and external division of distance between two points) : माना समतल में दो बिन्दु A और B हैं। यदि रेखा AB पर कोई बिन्दु P, A व B के मध्य स्थित हो, तो इस प्रकार के विभाजन को आन्तरिक विभाजन कहते हैं। यदि विभाजन बिन्दु P, A और B के मध्य में नहीं होकर A के बायीं ओर या B के दायीं ओर स्थित हो, तो ऐसे विभाजन को बाह्य विभाजन कहते हैं।
(i) आन्तरिक विभाजन (Internal division ) : माना समतल में स्थित दो बिन्दु (x1, y1) और B(x2, y2) हैं और बिन्दु P (x, y) रेखाखण्ड AB को m1 : m2 में आन्तरिक रूप से विभाजित करता है बिन्दु A, P और B से x-अक्ष पर डाले गये लम्ब क्रमश: AL, PM और BN हैं। बिन्दु A से PM पर लम्ब AQ और बिन्दु P से BN पर लम्ब PR डाला, तब
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति 6
OL = x1, OM = x, ON = x2
AL = y1, PM = y और BN = y2
∴ AQ = LM = OM – OL = x – x1
PR = MN = ON – OM = x2 – x
PQ = PM – QM = PM – AL = y – y1
BR = BN – RN = BN – PM = y2 – y
चित्र में, त्रिभुज AQP और त्रिभुज PRB स्पष्टतः समरूप त्रिभुज हैं।
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति 7

(ii) बाह्य विभाजन (External Division) : माना समतल में स्थित बिन्दु A(x1, y1) और B(x2, y2) हैं। बिन्दु P(x, y) रेखाखण्ड AB को m1 : m2 मैं बाह्य विभाजित करता है। बिन्दु A, B और P से x-अक्ष पर डाले गये लम्ब क्रमश: AL, BN और PM हैं। बिन्दु A से PM पर लम्ब AQ और B से PM पर लम्ब BR डाला, तब OL = x1, ON = x2, OM = x, AL = y1, BN = y2 और PM = y
∴ AQ = LM = OM – OL = x – x1
BR = NM = OM – ON = x – x2
PQ = PM – QM = PM – AL = y – y1
और PR = PM – RM = PM – BN = y – y2
चित्र में, त्रिभुज AQP और त्रिभुज BRP स्पष्टत: समरूप त्रिभुज हैं।
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति 8
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति 9
इसको विभाजन सूत्र (Section formula) कहा जाता है। इसी सूत्र को A. P और B से y-अक्ष पर लम्ब डालकर और ऊपर की भाँति प्रक्रिया अपनाकर भी प्राप्त किया जा सकता है। यदि P रेखाखण्ड AB को K : 1 के अनुपात में विभाजित करें तो बिन्दु P के निर्देशांक \(\left(\frac{K x_2+x_1}{K+1}, \frac{K y_2+y_1}{K+1}\right)\) होंगे।
विशेष स्थिति : यदि बिन्दु P रेखाखण्ड AB का मध्य-बिन्दु हो, अर्थात् P, AB को 1 में विभाजित करता हो, तो P के निर्देशांक \(\left(\frac{x_1+x_2}{2}, \frac{y_1+y_2}{2}\right)\)

JAC Class 10 Maths Notes Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति

त्रिभुज का क्षेत्रफल :
(i) जब किसी त्रिभुज का आधार और इसका शीर्षलम्ब (ऊँचाई) दिया हो, तो इसका क्षेत्रफल निम्न सूत्र द्वारा परिकलित किया जा सकता है :
त्रिभुज का क्षेत्रफल = \(\frac{1}{2}\) × आधार × शीर्ष लम्ब (ऊंचाई)

(ii) यदि किसी त्रिभुज के तीनों शीर्षो के निर्देशांक दिए हाँ तो :
माना कि ABC एक त्रिभुज है, जिसके शीर्ष A(x1, y1), B (x2, y2) और C (x3, y3) हैं बिन्दुओं A, B और C से X-अक्ष पर लम्ब AP, BQ और CR खींचे। बिन्दुओं A, B और C से स्पष्टत: ABQP, APRC और BQRC सभी समलम्ब हैं जैसा कि आकृति में है।
JAC Class 10 Maths Notes Chapter 7 निर्देशांक ज्यामिति 10
अब, आकृति से स्पष्ट कि
ΔABC का क्षेत्रफल = समलम्ब ABQP का क्षेत्रफल + समलम्ब APRC का क्षेत्रफल – समलम्ब BQRC का क्षेत्रफल
हम यह भी जानते हैं कि

एक समलम्ब का क्षेत्रफल = \(\frac{1}{2}\) (समान्तर भुजाओं का योग) × (उनके बीच की दूरी)
अतः ΔABC का क्षेत्रफल
= \(\frac{1}{2}\)(BQ + AP) QP + \(\frac{1}{2}\)(AP + CR)PR – \(\frac{1}{2}\)(BQ + CR)QR
= \(\frac{1}{2}\)(y2 + y1)(x1 – x2) + \(\frac{1}{2}\)(y1 + y3)(x3 – x1) – \(\frac{1}{2}\)(y2 + y3)(x3 – x2)
= \(\frac{1}{2}\)[x1(y2 – y3) + x2(y3 – y1) + x3(y1 – y2)]
अत: ΔABC का क्षेत्रफल निम्न व्यंजक का संख्यात्मक मान है :
= \(\frac{1}{2}\)[x1(y2 – y3) + x2(y3 – y1) + x3(y1 – y2)]

JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय

Jharkhand Board JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय Important Questions and Answers.

JAC Board Class 10th Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय

लघुत्तरात्मक / निबन्धात्मक प्रश्न :

प्रश्न 1.
यदि tan A = \(\frac{3}{4}\) हो, तो sec A(1 – sin A)(sec A + tan A) का मान ज्ञात कीजिए।
हल:
दिया है कि
tan A = \(\frac{A B}{B C}=\frac{3}{4}\)
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 1
माना कि BC = 4k तथा AB = 3k
समकोण त्रिभुज ABC में,
पाइथागोरस प्रमेय से
AC2 = AB2 + BC2
= (3k)2 + (4k)2
= 9k2 + 16k2
= 25k2
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 2

JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय

प्रश्न 2.
cos2 12° + cos2 78° का मान ज्ञात कीजिए।
हल:
cos2 12° + cos2 78°
cos2 (90° – 78°) + cos2 78° = 0
[∵ cos (90° – θ) = sin θ]
sin2 78° + cos2 78° = 1.

प्रश्न 3.
मान ज्ञात कीजिए :
\(\frac{2 \cos 65^{\circ}}{\sin 25^{\circ}}-\frac{\tan 20^{\circ}}{\cot 70^{\circ}}-\sin 90^{\circ}\) + tan 5° tan 35° tan 60°.tan 55° tan 85°
हल:
\(\frac{2 \cos 65^{\circ}}{\sin 25^{\circ}}-\frac{\tan 20^{\circ}}{\cot 70^{\circ}}\) – sin 90° + tan 5° tan 35° tan 60°.tan 55° tan 85°
= \(\frac{2 \cos \left(90^{\circ}-25^{\circ}\right)}{\sin 25^{\circ}}-\frac{\tan \left(90^{\circ}-70^{\circ}\right)}{\cot 70^{\circ}}\) – 1 + tan (90° – 85°). tan 85° \(\sqrt{3}\).tan (90° – 55°) tan 55°
[∵ tan 60° = \(\sqrt{3}\) sin 90° = 1]
= \(\frac{2 \sin 25^{\circ}}{\sin 25^{\circ}}-\frac{\cot 70^{\circ}}{\cot 70^{\circ}}\) – 1 + cot 85° tan 85° \(\sqrt{3}\).cot 55°. tan 55°
[∵ cos (90° – θ) = sin θ, tan (90° – θ) = cot θ]
= 2 – 1 – 1 + \(\frac{1}{\tan 85^{\circ}}\).tan 85°\(\sqrt{3}\).\(\frac{1}{\tan 55^{\circ}}\)
= 1 × \(\sqrt{3}\) × 1
= \(\sqrt{3}\)
अत: \(\frac{2 \cos 65^{\circ}}{\sin 25^{\circ}}-\frac{\tan 20^{\circ}}{\cot 70^{\circ}}\) – sin 90° + tan 5° tan 35° tan 60°.tan 55°.tan 85° = \(\sqrt{3}\)

JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय

प्रश्न 4.
सिद्ध कीजिए कि :
\(\frac{\sin \theta}{1+\cos \theta}+\frac{1+\cos \theta}{\sin \theta}\) = 2 cosec θ.
हल:
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 3
= \(\frac{1+1+2 \cos \theta}{\sin \theta(1+\cos \theta)}=\frac{2+2 \cos \theta}{\sin \theta(1+\cos \theta)}\)
= \(\frac{2(1+\cos \theta)}{\sin \theta(1+\cos \theta)}=\frac{2}{\sin \theta}\)
= 2 cosec θ = R.H.S.
∴ L.H.S. = R.H.S.

प्रश्न 5.
यदि sin θ + cos θ = \(\sqrt{3}\), तब सिद्ध कीजिए कि tan θ + cot θ = 1.
हल:
दिया है,
sin θ + cos θ = \(\sqrt{3}\)
(sin θ + cos θ)2 = (\(\sqrt{3}\))2
sin2 θ + cos2 θ + 2 sin θ cos θ = 3
⇒ 1 + 2 sin θ cos θ = 3
⇒ 2 sin θ cos θ = 3 – 1 = 2
⇒ 2 sin θ cos θ = \(\frac{2}{2}\) = 1
⇒ sin θ cos θ = sin2 θ + cos2 θ [∵ 1 = sin2 θ + cos2 θ]
⇒ \(\frac{\sin ^2 \theta+\cos ^2 \theta}{\sin \theta \cos \theta}=1\)
⇒ \(\frac{\sin ^2 \theta}{\sin \theta \cos \theta}+\frac{\cos ^2 \theta}{\sin \theta \cos \theta}=1\)
⇒ \(\frac{\sin \theta}{\cos \theta}+\frac{\cos \theta}{\sin \theta}=1\)
⇒ tan θ + cot θ = 1.

प्रश्न 6.
यदि tan θ + sec θ, तब सिद्ध कीजिए कि sec θ = \(\frac{l^2+1}{2 l}\)
हल:
दिया है,
tan θ + sec θ = l
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 4
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 5

JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय

प्रश्न 7.
यदि 3 cot A = 4 तो \(\frac{1-\tan ^2 A}{1+\tan ^2 A}\) का मान ज्ञात कीजिए।
हल:
3 cot A = 4
cot A = \(\frac{4}{3}\)
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 6

प्रश्न 8.
सिद्ध कीजिए कि :
tan4 θ + tan2 θ = sec4 θ – sec2 θ.
हल:
L.H.S. = tan4 θ + tan2 θ
= tan2 θ + (tan2 θ + 1)
= (sec2 θ – 1) (sec2 θ – 1 + 1) [∵ tan2 θ = sec2 θ – 1]
= (sec2 θ – 1) (sec2 θ)
= sec4 θ – sec2 θ
= R.H.S.
∴ L.H.S. = R.H.S.

प्रश्न 9.
यदि x = r sin A cos C, y = r sin A sin C तथा z = r cos A है, तो सिद्ध कीजिए कि x2 + y2 + z2 = r2 है।
हल:
दिया है,
x = r sin A cos C, y = sin A sin C तथा
z = r cos A
L.H.S. = x2 + y2 + z2
= (r sin A cos C)2 + (r sin A sin C)2 + (r cos A)2
= r2 sin2 A cos2 C + r2 sin2 A sin2 C + r2 cos A
= r2 sin2 A (cos2 C + sin2 C) + r2 cos2 A
= r2 sin2 A + r2 cos2 A [∵ sin2 C + cos2 C = 1]
= r2 (sin2 A + cos2 A)
= r2
R.H.S. = r2
∴ L.H.S. = R.H.S.

JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय

प्रश्न 10.
दिखाइये कि
tan 36° tan 17° tan 54° tan 73° = 1.
हल:
L.H.S. = tan 36° tan 17° tan 54° tan 73°
= tan (90° – 54°) tan (90° – 73°) tan 54° tan 73°
= cot 54° cot 73° tan 54° tan 73°
= 1 = R.H.S.

प्रश्न 11.
यदि cos A = \(\frac{12}{13}\), तो cot A का मान परिकलित कीजिए।
हल:
एक ΔABC की रचना करते हैं, जिसमें ∠B = 90° है।
दिया है, cos A = \(\frac{12}{13}\)
आधार / कर्ण = \(\frac{12}{13}\)
आधार = 12k
तथा कर्ण = 13k
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 7
ΔABC में पाइथागोरस प्रमेय से
AC2 = AB2 + BC2
⇒ BC2 = AC2 – AB2
⇒ BC2 = (13k)2 – (12k)2
⇒ BC2 = 169k2 – 144k2
⇒ BC2 = 25k2
⇒ BC ± 5k
cot A = आधार / लम्ब
= \(\frac{12 k}{5 k}\)
= \(\frac{12}{5}\)

प्रश्न 12.
त्रिकोणमितीय अनुपात tan A को sec A के पदों में लिखिए।
हल:
∵ sec2 A = 1 + tan2 A
⇒ tan2 A = sec2 A – 1
⇒ tan A = \(\sqrt{\sec ^2 A-1}\)

JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय

प्रश्न 13.
(i) यदि cos 3A = sin (A – 34°) हो, जहाँ A एक न्यूनकोण है तो A का मान ज्ञात कीजिए।
(ii) निम्नलिखित सर्वसमिका सिद्ध कीजिए, जहाँ वे कोण, जिनके लिए व्यंजक परिभाषित है, न्यूनकोण है।
\(\frac{1+\cot ^2 A}{1+\tan ^2 A}=\left(\frac{1-\cot A}{1-\tan A}\right)^2\)
हल:
(i) दिया है, cos 3A = sin(A – 34°)
⇒ cos 3A = cos[90° – (A – 34°)]
⇒ 3A = 90° – (A – 34°)
⇒ 3A = 90° – A + 34°
⇒ 4A = 124°
⇒ A = 31°

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प्रश्न 14.
(i) (1 + tan θ + sec θ) ( 1 + cot θ – cosec θ) का मान ज्ञात कीजिए।
(ii) सिद्ध कीजिए: \(\frac{\tan A-\sin A}{\tan A+\sin A}=\frac{\sec A-1}{\sec A+1}\)
हल:
(i) (1 + tan θ + sec θ) ( 1 + cot θ – cosec θ)
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 9
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 10

प्रश्न 15.
सिद्ध कीजिए :
2(sin6 θ + cos6 θ) – 3(sin4 θ + cos4 θ) + 1 =0
हल:
L.H.S. = 2(sin6 θ + cos6 θ) – 3(sin4 θ + cos4 θ) + 1
= 2[(sin2 θ)3 + (cos2 θ)3] – 3(sin4 θ + cos4 θ) + 1
= 2[(sin2 θ + cos2 θ) {sin2 θ)2 + (cos2 θ)2 – sin2 θ cos2 θ}] – 3(sin4 θ + cos4 θ) + 1
[∵ a3 + b3 = (a + b)(a2 + b2 – ab)]
= 2[1·(sin4 θ + cos4 θ – sin2 θ cos2 θ] – 3(sin4 θ + cos4 θ) + 1
= 2 sin4 θ + 2 cos4 θ – 2 sin2 θ cos2 θ – 3sin4 θ – 3 cos4 θ + 1
= -sin4 θ – cos4 θ – 2 sin2 θ cos2 θ + 1
= -[sin4 θ + cos4 θ + 2 sin2 θ cos2 θ] + 1
= -[(sin2 θ + cos2 θ)2] + 1
= – [(1)2] + 1
= 1 + 1 = 0 = R.H.S.

JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय

प्रश्न 16.
सिद्ध कीजिए:
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 30
हल:
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 11

प्रश्न 17.
मान ज्ञात कीजिए :
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 12
हल:
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 13a

प्रश्न 18.
सिद्ध कीजिए:
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 31
हल:
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 14
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 15
समीकरण (i) व (ii) से,
L.H.S. = R.H.S.

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प्रश्न 19.
यदि sin (A + 2B) = \(\frac{\sqrt{3}}{2}\) तथा cos (A + 4B) = 0 है, जहाँ A तथा B न्यूनकोण हैं, तो A तथा B ज्ञात कीजिए।
हल:
दिया है,
sin(A + 2B) = \(\frac{\sqrt{3}}{2}\)
sin(A + 2B) = sin 60° (∵ sin 60° = \(\frac{\sqrt{3}}{2}\))
A + 2B = 60° …..(i)
तथा cos(A + 4B) = 0
cos(A + 4B) = cos 90° (∵ cos 90° = 0)
A + 4B = 90° ……(ii)
समीकरण (i) व (ii) को हल करने पर,
B = 15° तथा A = 30°

प्रश्न 20.
सिद्ध कीजिए :
\(\frac{\sin A-\cos A+1}{\sin A+\cos A-1}=\frac{1}{\sec A-\tan A}\)
हल:
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 16

प्रश्न 21.
सिद्ध कीजिए:
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 32
हल:
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 17

प्रश्न 22.
यदि sec θ = x + \(\frac{1}{4 x}\), x ≠ 0, तो (sec θ + tan θ) ज्ञात कीजिए :
हल:
sec θ = x + \(\frac{1}{4 x}\)
sec θ = \(\frac{4 x^2+1}{4 x}\)
दोनों पक्षों का वर्ग भरने पर प्राप्त होता है-
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 18

प्रश्न 23.
(1) यदि 4 tan θ = 3 है, तो \(\left(\frac{4 \sin \theta-\cos \theta+1}{4 \sin \theta+\cos \theta-1}\right)\) का मान ज्ञात कीजिए।
(ii) यदि tan 2A = cot (A – 18°), जहाँ 2A एक न्यून कोण है, तो A का मान ज्ञात कीजिए।
हल:
(i) यदि 4 tan θ = 3
tan θ = \(\frac{3}{4}\)
लम्ब = 3k; आधार = 4k; कर्ण = ?
पाइथागोरस प्रमेय से,
(कर्ण)2 = (लम्ब)2 + (आधार)2
= (3k)2 + (4k)2
= 9k2 + 16k2
= 25k2
कर्ण = 5k
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 19

(ii) यदि tan 2A = cot(A – 18°)
⇒ cot(90° – 2A) = cot(A – 18°)
⇒ 90° – 2A = A – 18°
-2A – A = – 18° – 90°
-3A = -108°
A = \(\frac{108^{\circ}}{3}\)
A = 36°.

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प्रश्न 24.
सिद्ध कीजिए:
\(\frac{\sin A-2 \sin ^3 A}{2 \cos ^3 A-\cos A}\) = tan A.
हल:
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 20

प्रश्न 25.
सिद्ध कीजिए:
\(\sqrt{\frac{1-\sin \theta}{1+\sin \theta}}\) = sec θ – tan θ
हल:
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 21

प्रश्न 26.
सिद्ध कीजिए:
\(\frac{\tan ^2 \theta}{1+\tan ^2 \theta}+\frac{\cot ^2 \theta}{1+\cot ^2 \theta}=1\)
हल:
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 22

प्रश्न 27.
सिद्ध कीजिए : (1 + tan A – sec A) × (1 + tan A + sec A) = 2 tan A
हल:
L.H.S. = (1 + tan A – sec A) × (1 + tan A + sec A)
= {(1 + tan A) – sec A} {(1 + tan A) + sec A}
= (1 + tan A)2 – sec2 A
= 1 + tan2 A + 2 tan A – sec2 A
= sec2 A + 2 tan A – sec2 A
= 2 tan A = R.H.S.

प्रश्न 28.
सिद्ध कीजिए कि :
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 23
हल:
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 24
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 25

प्रश्न 29.
यदि x = 3 sin θ + 4 cos θ तथा y = 3 cos θ – 4 sin θ, तो ज्ञात कीजिए : x2 + y2 = 25
हल:
दिया है, x = 3 sin θ + 4 cos θ
x2 = (3 sin θ + 4 cos θ)2
= 9 sin2 θ + 16 cos2 θ + 24 sin θ cos θ
तथा y = 3 cos θ – 4 sin θ
y2 = (3 cos θ – 4 sin θ)2
= 9 cos2 θ + 16 sin2 θ – 24 sin θ cos θ
L.H.S. = x2 + y2
= 9 sin2 θ + 16 cos2 θ + 24 sin θ cos θ + 9 cos2 θ + 16 sin2 θ – 24 sin θ cos θ
= 25 sin2 θ + 25 cos2 θ
= 25(sin2 θ + cos2 θ)
= 25 × 1 = 25 = R.H.S.

JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय

प्रश्न 30.
यदि sin θ + sin2 θ = 1 है, तो सिद्ध कीजिए : cos2 θ + cos4 θ = 1
हल:
दिया है,
sin θ + sin2 θ = 1
⇒ sin θ = 1 – sin2 θ
⇒ sin θ = cos2 θ
अब cos2 θ + cos4 θ = cos2 θ + (cos2 θ)2
= cos2 θ + (sin θ)2
= cos2 θ + sin2 θ
= 1 = R.H.S.

वस्तुनिष्ठ प्रश्न :

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :

प्रश्न (क).

  1. \(\frac{\cos 80^{\circ}}{\sin 10^{\circ}}\) + cos 59° cosec 31° का मान …………… \frac{\cos 80^{\circ}}{\sin 10^{\circ}}है ।
  2. \(\left(\sin ^2 \theta+\frac{1}{1+\tan ^2 \theta}\right)\) का मान ………………. है।
  3. (1 + tan2 θ) (1 – sin θ) (1 + sin θ) का मान ………………….. है।
  4. sin 20° cos 70° + sin 70° cos 20° का मान है ……………….. ।
  5. sin 65° + sin2 25° का मान है …………………… ।

उत्तर:

  1. 2,
  2. 1,
  3. 1,
  4. 1,
  5. 1

JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय

निम्न में सत्य / असत्य बताइये :

प्रश्न (ख).

  1. समकोण त्रिभुज में समकोण की सम्मुख भुजा को लंब कहते हैं।
  2. sin व cos के मान सदैव 1 से कम या 1 के बराबर होते हैं।
  3. cosee व sec के मान सदैव से अधिक या 1 के बराबर होते हैं।
  4. यदि cot θ = \(\frac{12}{5}\) है, sin θ का मान \(\frac{13}{5}\) है।
  5. tan2 60° + sin2 45° का मान \(\frac{7}{2}\) है।

उत्तर:

  1. असत्य,
  2. सत्य,
  3. सत्य,
  4. असत्य,
  5. सत्य ।

(ग) बहुविकल्पीय प्रश्न :

प्रश्न 1.
यदि cos (10° + θ) = sin 30° है, तो θ का मान है:
(A) 50°
(B) 40°
(C) 80°
(D) 20°
हल:
cos (10° + θ) = sin 30°
cos(10° + θ) = sin(90° – 60°)
cos (10° + θ) = cos 60°
10° + θ = 60°
θ = 60° – 10° = 50
अत: सही विकल्प (A) है।

प्रश्न 2.
यदि sin A = cos A, 0 ≤ A ≤ 90° है, तो कोण A बराबर है:
(A) 30°
(B) 60°
(C) 0°
(D) 45°
हल:
sin A = cos A
⇒ sin A = sin (90° – A )
⇒ A = 90° – A
⇒ 2A = 90°
⇒ A = 45°
अतः सही विकल्प (D) है।

प्रश्न 3.
8 cot2 A – 8 cosec2 A बराबर है:
(A) 8
(B) 1
(C) – 8
(D) – \(\frac{1}{8}\)
हल:
8 cot2 A – 8 cosec2 A
= 8 cot2 A – 8(1 + cot2 A)
= 8 cot2 A – 8 – 8 cot2 A
= -8
अत: सही विकल्प (C) है।

JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय

प्रश्न 4.
यदि cos A = \(\frac{\sqrt{3}}{2}\), 0° < A < 90° है, तो A बराबर है:
(A) \(\frac{\sqrt{3}}{2}\)
(B) 30°
(C) 60°
(D) 1
हल :
cos A = \(\frac{\sqrt{3}}{2}\)
⇒ cos A = cos 30°
⇒ A = 30°
अतः सही विकल्प (B) है।

प्रश्न 5.
θ का ऐसा मान जिसके लिए sin (44° + θ) = cos 30° है, होना :
(A) 46°
(B) 60°
(C) 16
(D) 90°
हल:
sin(44° + θ) = cos 30°
⇒ sin(44° + θ) = cos(90° – 60°)
⇒ sin(44° + θ) = sin 60°
⇒ 44° + θ = 60°
⇒ θ = 60° – 44° = 16°
अत: सही विकल्प (C) है।

प्रश्न 6.
2 sin2 60° + 3 cot2 30° – tan 45° का मान होना :
(A) \(\frac{2}{19}\)
(B) \(\frac{12}{19}\)
(C) \(\frac{19}{2}\)
(D) इनमें से कोई नहीं।
हल:
2 sin2 60° + 3 cot2 30° – tan 45°
= 2 × \(\left(\frac{\sqrt{3}}{2}\right)^2\) + 3 × \((\sqrt{3})^2\) – 1
= 2 × \(\frac{3}{4}\) + 3 × 3 – 1
= \(\frac{3}{2}\) + 8 = \(\frac{19}{2}\)
अतः सही विकल्प (C) है।

प्रश्न 7.
यदि ΔABC का ∠C समकोण है, ता cos (∠A + ∠B) का मान है :
(A) 0
(B) 1
(C) \(\frac{1}{2}\)
(D) \(\frac{\sqrt{3}}{2}\)
हल:
दिया है, ΔABC का C समकोण है।
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 26
∵ हम जानते हैं कि त्रिभुज के तीनों कोणों का योग 180° होता है।
∴ ∠A + ∠B + ∠C = 180°
⇒ ∠A + ∠B + 90° = 180°
⇒ ∠A + ∠B = 180° – 90°
⇒ ∠A + ∠B = 90°
दोनों तरफ cos लेने पर
⇒ cos (∠A + ∠B) = cos 90°
⇒ cos (∠A + ∠B) = 0
अत: विकल्प (A) सही है।

JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय

प्रश्न 8.
यदि sin A + sin2 A = 1, तब व्यंजक (cos2 A + cos2 A) का मान हैं :
(A) 1
(B) \(\frac{1}{2}\)
(C) 2
(D) 3
हल:
दिया है,
sin A + sin2 A = 1
⇒ sin A = 1 – sin2 A
⇒ sin A = cos2 A ……(1)
अब cos2 A + cos4 A = cos2 A + (cos2 A)2
= cos2 A + sin2 A
= 1
[(1) का प्रयोग करने पर]
अत: विकल्प (A) सही है।

प्रश्न 9.
sin (45° + θ) – cos (45° – θ) बराबर है:
(A) 2 cos θ
(B) 0
(C) 2 sin θ
(D) 1
हल:
sin (45° + θ) – cos (45° – θ)
= sin (45° + θ) – cos [90° – (45° + θ)]
[∵ (45° – θ) = {90° – (45° + θ)}]
= sin (45° + θ) – sin (45° + θ)
[∵ cos (90° – θ) = sin θ = 0]
अतः विकल्प (B) सही है।

प्रश्न 10.
दिया गया है कि sin α = \(\frac{1}{2}\) और cos β = \(\frac{1}{2}\) तब (α + β) का मान है:
(A) 0°
(B) 30°
(C) 60°
(D) 90°
हल:
दिया है,
sin α = \(\frac{1}{2}\)
⇒ sin α = sin 30°
⇒ α = 30°
और cos β = \(\frac{1}{2}\)
⇒ cos β = cos 60°
⇒ β = 60°
अतः α + β = 30° + 60° = 90°
अतः विकल्प (D) सही है।

प्रश्न 11.
यदि sin θ – cos θ = θ तब (sin4 θ + cos4 θ) का मान है:
(A) 1
(B) \(\frac{3}{4}\)
(C) \(\frac{1}{2}\)
(D) \(\frac{1}{4}\)
हल:
दिया है,
sin θ – cos θ = 0 ⇒ sin θ = cos θ
⇒ \(\frac{\sin \theta}{\cos \theta}\) = 1 ⇒ tan θ = tan 45°
⇒ θ = 45°
अब sin4 θ + cos4 θ = sin4 45° + cos4 45°
= \(\left(\frac{1}{\sqrt{2}}\right)^4+\left(\frac{1}{\sqrt{2}}\right)^4\)
= \(\frac{1}{4}+\frac{1}{4}\)
= \(\frac{2}{4}\)
= \(\frac{1}{2}\)
अत: विकल्प (C) सही है।

JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय

प्रश्न 12.
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 33 बराबर है:
(A) tan θ
(B) cos θ
(C) sin θ
(D) cot θ.
हल:
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 27
अतः सही विकल्प (C)।

प्रश्न 13.
यदि sin θ = \(\frac{1}{2}\) हो, तो \(\frac{1-2 \sin ^2 \theta}{\sin \theta}\) का मान ज्ञात कीजिए ।
(A) 1
(B) 0
(C) 2
(D) – 1
हल:
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 28
अतः विकल्प (A) सही है।

प्रश्न 14.
यदि sec θ + tan θ = 7 है, तो sec θ – tan θ बराबर है:
(A) \(\frac{1}{7}\)
(B) 7
(C) 6
(D) 49
हल:
∵ हम जानते हैं कि
sec2 θ – tan2 θ = 1
⇒ (sec θ + tan θ) (sec θ – tan θ) = 1
⇒ 7 × (sec θ – tan θ) = 1
[दिया है : sec θ + tan θ = 7]
sec θ – tan θ = \(\frac{1}{7}\)
अतः विकल्प (A) सही है।

JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय

प्रश्न 15.
यदि 5 tan θ = 12 है, तो \(\frac{13 \sin \theta}{3}\) का मान है :
(A) 2
(B) 4
(C) 12
(D) 1
हल:
दिया है,
5 tan θ = 12
tan θ = \(\frac{12}{5}=\frac{A B}{B C}\)
JAC Class 10 Maths Important Questions Chapter 8 त्रिकोणमिति का परिचय 29
माना कि AB = 12k तथा BC = 5k
समकोण ΔABC में,
AC2 = BC2 + AB2 (पाइथागोरस प्रमेय से)
⇒ AC2 = (5k)2 + (12k)2
⇒ AC2 = 25k2 + 144k2
⇒ AC2 = 169k2
⇒ AC = \(\sqrt{169 k^2}\)
⇒ AC = 13k
∴ sin θ = \(\frac{A B}{A C}\)
= \(\frac{12 k}{13 k}=\frac{12}{13}\)
अब \(\frac{13 \sin \theta}{3}\)
= \(\frac{13 \times 12}{3 \times 13}\)
= 4
अतः विकल्प (B) सही है।

JAC Class 10 Maths Notes Chapter 5 समांतर श्रेढ़ियाँ

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JAC Board Class 10 Maths Notes Chapter 5 समांतर श्रेढ़ियाँ

भूमिका :
इस अध्याय में, हम कुछ प्रतिरूपों का अध्ययन करेंगे जिनमें उत्तरोत्तर पद अपने पहले पदों में एक स्थिर संख्या जोड़ने पर प्राप्त किए जाते हैं। हम यह भी देखेंगे कि किस प्रकार उनके n वें पद और n पदों का योग ज्ञात किया जाता है और इस ज्ञान का उपयोग दैनिक जीवन की समस्याओं को हल करने में किया जा सकता है।
(1) पद (Terms) : अनुक्रम में उपस्थित विभिन्न संख्याएँ इसके पद कहलाती हैं।
(2) सार्वअन्तर (Common difference) : समान्तर श्रेढी के किन्हीं दो क्रमागत पदों का अन्तर सार्वअन्तर कहलाता है।
(3) सीमित समान्तर श्रेढी (Finite A. P.) : एक समान्तर श्रेढी जिसमें पदों की संख्या सीमित हो, सीमित समान्तर श्रेढी कहलाती हैं।
(4) असीमित समान्तर श्रेढी (Infinite A. P.) : एक समान्तर श्रेढी जिसमें पदों की संख्या असीमित हो, असीमित समान्तर श्रेढी कहलाती है।
(5) व्यापक पद (General Term) : प्रथम पद a और सार्वअन्तर d वाली A. P का nवाँ पद व्यापक पद कहलाता an या l से निरूपित किया जाता है।
सूत्र an = a + (n – 1)d

अनुक्रम (Sequence)- संख्याओं (राशियों) के एक निश्चित नियमानुसार क्रम को अनुक्रम कहते हैं।
जैसे: (i) 2, 4, 6, 8, 10, ……….. इस क्रम में प्रत्येक संख्या (पहली संख्या को छोड़कर) अपनी पूर्व की संख्या से 2 अधिक है।
(ii) -3, -2, -1, 0, ……….. इस क्रम में प्रत्येक पद, अपने पिछले पद से 1 अधिक है।
(iii) 3, 3, 3, 3, 3, ……….. इस क्रम में प्रत्येक पद, अपने पिछले पद से 0 अधिक या 0 कम है।
(iv) 5, 7, 2, 9, 15, ……….. इस क्रम में कोई निश्चित क्रम नहीं है जिससे कि उसकी आगे की संख्याएँ ज्ञात की जा सकें।

JAC Class 10 Maths Notes Chapter 5 समांतर श्रेढ़ियाँ

समान्तर श्रेढ़ियाँ :
समान्तर श्रेढी संख्याओं का एक ऐसा क्रम होता है जिसमें पहले पद के अतिरिक्त प्रत्येक पद पिछली संख्या में एक स्थिर संख्या जोड़ने पर प्राप्त किया जाता है। इस स्थिर संख्या को समान्तर श्रेढी का सार्वअन्तर कहते हैं। यह संख्या धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य हो सकती है।
समान्तर श्रेढी के पहले पद को a1 से, दूसरे पद को a2 से, ……., nवें पद को an से और सार्वअन्तर को d से व्यक्त करते हैं, तब श्रेढी a1, a2, a3, ………. , an हो जाती है।
अब, a2 – a1 = a3 – a2 = ………. = an – an – 1 = d
⇒ a, a + d, a + 2d, a + 3d, ………..
यह अनुक्रम एक समान्तर श्रेढी (A.P.) को निरूपित करता है जिसमें प्रथम पद ‘a’ और सार्वअन्तर d है। इसे समान्तर शेष का व्यापक रूप कहते हैं।
सामान्यतः, प्रथम पद को a1, t1, x1 आदि से प्रकट किया जाता है, दूसरे पद को a2, t2, x2 आदि से प्रकट किया जाता है। व्यापक रूप से n वें पद को an, tn, xn आदि से प्रकट किया जाता है।

समान्तर श्रेढी का nवाँ पद :
माना कि a1, a2, a3, …….., an एक समान्तर श्रेढी है जिसका प्रथम पद a1 = a, और सार्वअन्तर d है।
⇒ a1 = a + (1 – 1)d
तब दूसरा पद a2 = a + d
⇒ a2 = a + (2 – 1) d
इसी प्रकार, तीसरा पद a3 = a2 + d
⇒ a3 = (a + d) + d
= a + 2d = a + (3 – 1)d
चौथा पद a4 = a3 + d = (a + 2d) + d
= a + 3d = a + (4 – 1)d
इस प्रतिरूप को देखते हुए हम कह सकते हैं कि nवाँ पद (an) = a + (n – 1) d होगा। अर्थात्
समान्तर श्रेढी का व्यापक पद = प्रथम पद + (पदों की संख्या – 1) × सार्वअन्तर
an को A.P का व्यापक पद भी कहते हैं। यदि किसी A. P. में m पद हों तो am इसके अन्तिम पद निरूपित करता है जिसे कभी-कभी l द्वारा भी व्यक्त किया जाता है।

JAC Class 10 Maths Notes Chapter 5 समांतर श्रेढ़ियाँ

समान्तर श्रेढी के n पदों का योगफल :
प्रमेय : यदि एक समान्तर श्रेढी का प्रथम पद a, सार्वअन्तर d तथा पदों का योगफल Sn है, तो
Sn = \(\frac{n}{2}\){2a + (n – 1) d}
या Sn = \(\frac{n}{2}\) (a + 1)
जहाँ l = अन्तिम पद = a + (n – 1)d
प्रमाण : माना कि A.P. के n पद हैं:
a, a + d, a + 2d, …… a + (n – 1)d
इस A. P. का nवाँ पद a + (n – 1)d है तथा A. P. के प्रथम n पदों के योग को Sn द्वारा व्यक्त करते हैं।
Sn = a + (a + d) + (a + 2d) + [a + (- 1)d] …. (1)
पदों को विपरीत क्रम में लिखने पर, हम प्राप्त करते हैं:
Sn = [a + (n – 1)d] + [a + (n – 2)d] + …….. + (a + d) + a …… (2)
समीकरण (1) और (2) को जोड़ने पर हमें प्राप्त होता हैं:
2Sn = {2a + (n – 1)d} + {2a + (n – 1)d} + …… + {2a + (n – 1)d }
⇒ 2Sn = n[2a + (n – 1)d]
⇒ Sn = \(\frac{n}{2}\)[2a + (n – 1)d]
इसे हम इस रूप में भी लिख सकते हैं:
Sn = \(\frac{n}{2}\)[a + a + (n – 1)d]
अर्थात् Sn = \(\frac{n}{2}\)(a + an) …..(3)
∵ an = l, अन्तिम पद है।
समीकरण (3), से Sn = \(\frac{n}{2}\)(a + l) …..(4)
इस सूत्र की सहायता से जब प्रथम पद और अन्तिम पद दिया हो और सार्वअन्तर नहीं दिया हो, तो Sn का मान ज्ञात कर सकते हैं।

टिप्पणी 1. सूत्र Sn = \(\frac{n}{2}\)[2a + (n – 1)d ] में चार राशियाँ Sn, a, n और d हैं। यदि इनमें से कोई भी तीन ज्ञात हों तो शेष चौथी राशि को उपर्युक्त सूत्र से ज्ञात किया जा सकता है।
कभी-कभी इनमें से दो राशियाँ ज्ञात होती हैं ऐसी स्थिति में शेष दोनों राशियाँ किसी दूसरे सम्बन्ध से ज्ञात की जा सकती हैं।
टिप्पणी 2. यदि किसी अनुक्रम के n पदों का योग Sn दिया हो तो निम्नलिखित सूत्र से अनुक्रम का nवाँ पद (an) ज्ञात किया जा सकता है:
an = Sn – Sn – 1

JAC Class 10 Maths Solutions Chapter 1 Real Numbers Ex 1.4

Jharkhand Board JAC Class 10 Maths Solutions Chapter 1 Real Numbers Ex 1.4 Textbook Exercise Questions and Answers.

JAC Board Class 10 Maths Solutions Chapter 1 Real Numbers Exercise 1.4

Question 1.
Without actually performing the long division, state whether the following rational numbers will have a terminating decimal expansion or a non-terminating repeating decimal expansion:
1. \(\frac{13}{3125}\)
2. \(\frac{17}{8}\)
3. \(\frac{64}{455}\)
4. \(\frac{15}{1600}\)
5. \(\frac{29}{343}\)
6. \(\frac{23}{2^3 5^2}\)
7. \(\frac{129}{2^2 5^7 7^5}\)
8. \(\frac{6}{15}\)
9. \(\frac{35}{50}\)
10. \(\frac{77}{210}\)
Solution:
1. \(\frac{13}{3125}\)
Here, the denominator q(55) is of the form 2n5m with n = 0 and m = 5.
Hence, the decimal expansion of \(\frac{13}{3125}\) is terminating.

2. \(\frac{17}{8}\) = \(\frac{17}{2^3}\)
Here, the denominator q(23) is of the form 2n5m with n = 3 and m = 0.
Hence, the decimal expansion of \(\frac{17}{8}\) terminating.

3. \(\frac{64}{455}=\frac{64}{5 \times 7 \times 13}\)
Here, the denominator q(5 × 7 × 13) is not of the form 2n5m, where n and m are non-negative integers.
Hence, the decimal expansion of \(\frac{64}{455}\) is non-terminating repeating.

4. \(\frac{15}{1600}=\frac{3}{320}=\frac{3}{2^6 \times 5^1}\)
Here, the denominator q(26 × 51) is of the form 2n5m with n = 6 and m = 1.
Hence, the decimal expansion of \(\frac{15}{1600}\) is terminating.

5. \(\frac{29}{343}=\frac{29}{7^3}\)
Here, the denominator q(73) is not of the form 2n5m, where n and m are non-negative integers.
Hence, the decimal expansion of \(\frac{29}{343}\) is non-terminating repeating.

6. \(\frac{23}{2^3 5^2}\)
Here, the denominator q(2352) is of the form 2n5m with n = 3 and m = 2.
Hence, the decimal expansion of \(\frac{23}{2^3 5^2}\) is terminating.

7. \(\frac{129}{2^2 5^7 7^5}\)
Here, the denominator q (22 × 57 × 75) is not of the form 2n5m, where n and m are non-negative integers. Hence, the decimal expansion of \(\frac{129}{2^2 5^7 7^5}\) is non-terminating repeating.

8. \(\frac{6}{15}=\frac{2 \times 3}{3 \times 5}=\frac{2}{5^1}\)
Here, the denominator q(51) is of the form 2n5m with n = 0 and m = 1.
Hence, the decimal expansion of \(\frac{6}{15}\) is terminating.

9. \(\frac{35}{50}=\frac{5 \times 7}{2 \times 5 \times 5}=\frac{7}{2^1 \times 5^1}\)
Here, the denominator q(21 × 51) is of the form 2n5m with n = 1 and m = 1.
Hence, the decimal expansion of \(\frac{35}{50}\) is terminating.

10. \(\frac{77}{210}=\frac{7 \times 11}{2 \times 3 \times 5 \times 7}=\frac{11}{2 \times 3 \times 5}\)
Here, the denominator q(2 × 3 × 5) is not of the form 22n5m, where n and m are non-negative integers.
Hence, the decimal expansion of \(\frac{77}{210}\) is non-terminating repeating.

JAC Class 10 Maths Solutions Chapter 1 Real Numbers Ex 1.4

Question 2.
Write down the decimal expansions of those rational numbers in Question 1 above which have terminating decimal expansions.
Solution:
JAC Class 10 Maths Solutions Chapter 1 Real Numbers Ex 1.4 1

Question 3.
The following real numbers have decimal expansions as given below. In each case, decide whether they are rational or not. If they are rational, and of the form \(\frac{p}{q}\), what can you say about the prime factors of q?
1. 43.123456789
2. 0.120120012000120000…
3. \(43 . \overline{123456789}\)
Solution:
1. The given number 43.123456789 is a rational number as its decimal expansion is terminating
Since the decimal expansion of the given number is terminating, in the \(\frac{p}{q}\) form of the number, the prime factors of q will only be 2 or 5 or both. (Theorem 1.5)

2. The given number 0.120120012000120000…. is an irrational number as its decimal expansion is non-terminating non-repeating.

3. The given number \(43 . \overline{123456789}\) is a rational number as its decimal expansion is an non-terminating repeating.
Since the decimal expansion of the given number is non-terminating repeating, in the \(\frac{p}{q}\) form of the number, the prime factors of q will contain at least one prime other than 2 and 5. (Converse of Theorem 1.7)

JAC Class 10 Maths Solutions Chapter 1 Real Numbers Ex 1.3

Jharkhand Board JAC Class 10 Maths Solutions Chapter 1 Real Numbers Ex 1.3 Textbook Exercise Questions and Answers.

JAC Board Class 10 Maths Solutions Chapter 1 Real Numbers Exercise 1.3

Question 1.
Prove that \(\sqrt{5}\) is irrational.
Solution:
Let us assume that \(\sqrt{5}\) is rational.
So, we can find co-prime integers a and b such that \(\sqrt{5}\) = \(\frac{a}{b}\)
Then, squaring on both the sides, we get
5 = \(\frac{a^2}{b^2}\)
∴ a2 = 5b2
This suggests that 5 is a factor of a2.
Since 5 is a prime number, by theorem 1.3, 5 is also a factor of a.
Let a = 5c, where c is an integer.
∴ a2 = 25c2
∴ 25c2 = 5b2
∴ b2 = 5c2
This suggests that 5 is a factor of b2. Since 5 is a prime number, by theorem 1.3, 5 is also a factor of b.
Thus, a and b have a common factor 5.
But, this contradicts the fact that a and b are co-prime.
Hence, our assumption that \(\sqrt{5}\) is rational is incorrect.
So, we conclude that \(\sqrt{5}\) is irrational.

JAC Class 10 Maths Solutions Chapter 1 Real Numbers Ex 1.3

Question 2.
Prove that 3 + 2\(\sqrt{5}\) is irrational.
Solution:
Suppose 3 + 2\(\sqrt{5}\) is rational.
Then, 3 + 2\(\sqrt{5}\) = \(\frac{a}{b}\); where a and b are co-prime integers.
Now, 3 + 2\(\sqrt{5}\) = \(\frac{a}{b}\)
∴ 2\(\sqrt{5}\) = \(\frac{a}{b}\) – 3
∴ 2\(\sqrt{5}\) = \(\frac{a-3 b}{b}\)
∴ \(\sqrt{5}\) = \(\frac{a-3 b}{2 b}\)
As a and b are integers, \(\frac{a-3 b}{2 b}\) is a rational number and so is \(\sqrt{5}\).
This contradicts the fact that \(\sqrt{5}\) is irrational.
Hence, our assumption is incorrect.
So, we conclude that 3 + 2\(\sqrt{5}\) is irrational.

Question 3.
Prove that the following are irrationals:
1. \(\frac{1}{\sqrt{2}}\)
2. 7\(\sqrt{5}\)
3. 6 + \(\sqrt{2}\)
Solution:
1. \(\frac{1}{\sqrt{2}}\)
Suppose \(\frac{1}{\sqrt{2}}\) is rational.
Then, \(\frac{1}{\sqrt{2}}=\frac{a}{b}\) where a and b are co-prime integers.
Squaring on both the sides, we get
\(\frac{1}{2}=\frac{a^2}{b^2}\)
∴ b2 = 2a2
Hence, 2 is a factor of b2.
Since 2 is a prime number, by theorem 1.3, 2 is also a factor of b.
Let b = 2c, where c is an integer.
∴ b2 = 4c2
∴ 4c2 = 2a2
∴ a2 = 2c2
Hence, 2 is a factor of a2.

Since 2 is a prime number, by theorem 1.3, 2 is also a factor of a.
Thus, a and b have a common factor 2. which contradicts our assumption that a and b are co-prime integers.
Hence, our assumption that \(\frac{1}{\sqrt{2}}\) is rational is incorrect.
So, we conclude that \(\frac{1}{\sqrt{2}}\) is irrational.

2. 7\(\sqrt{5}\)
Suppose 7\(\sqrt{5}\) is rational.
Then, 7\(\sqrt{5}\) = \(\frac{a}{b}\) where a and b are co-prime integers.
This gives, \(\sqrt{5}\) = \(\frac{a}{7 b}\)
As a and b are integers, \(\frac{a}{7 b}\) is a rational number and so is \(\sqrt{5}\).
This contradicts the fact that \(\sqrt{5}\) is irrational.
Hence, our assumption is incorrect.
So, we conclude that 7\(\sqrt{5}\) is irrational.

3. 6 + \(\sqrt{2}\)
Suppose 6 + \(\sqrt{2}\) is rational.
Then, 6 + \(\sqrt{2}\) = \(\frac{a}{b}\) where a and b are co-prime integers.
This gives, \(\sqrt{2}\) = \(\frac{a}{b}\) – 6
As a and b are integers, \(\frac{a}{b}\) – 6 is a rational number and so is \(\sqrt{2}\).
This contradicts the fact that \(\sqrt{2}\) is irrational.
Hence, our assumption is incorrect. So, we conclude that 6 + \(\sqrt{2}\) is irrational.