JAC Class 9 Maths Important Questions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण

Jharkhand Board JAC Class 9 Maths Important Questions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण Important Questions and Answers.

JAC Board Class 9th Maths Important Questions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण

प्रश्न 1.
समीकरण x + 3y – 10 को सन्तुष्ट करने वाला बिन्दु है :
(A) (4, 2)
(B) (-4, 2)
(C) (4, – 1)
(D) (2, 4).
हल :
समीकरण x + 3y = 10 में करते हैं।
x = 4 और y = 2 रखने पर,
4 + 3 × 2 = 10
अतः विकल्प ‘A’ के दोनों मान समीकरण को सन्तुष्ट
∴ सही विकल्प ‘A’ है।

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प्रश्न 2.
रैखिक समीकरण x + 40 = 0 है
(A) एकचरीय समीकरण
(B) द्विचरीय समीकरण
(C) द्विघात समीकरण
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं।
हल :
x + 4 y = 0
इस समीकरण में और y दो चर हैं।
∴ यह दो चरों वाला रैखिक समीकरण है।
अतः सही विकल्प ‘B’ है।

प्रश्न 3.
समीकरण 4x + 5y = k में यदि x = 2, y = 1 हो, तो k का मान होगा :
(A) 9
(B) – 12
(C) – 13
(D) 13.
हल :
समीकरण 4x + 5y = k में x = 2 और y = 1
रखने पर,
4 × 2 + 5 × 1 = k
⇒ 8 + 5 = k ⇒ 13 = k
अतः सही विकल्प ‘D’ है।

प्रश्न 4.
रैखिक समीकरण y – 2 = 0 का आलेख खींचने पर प्राप्त होगा :
(A) X- अक्ष के समान्तर सरल रेखा
(B) मूलबिन्दु से गुजरती हुई सरल रेखा
(C) Y-अक्ष के समान्तर सरल रेखा
(D) आलेख नहीं खींचा जा सकता।
हल :
समीकरण y – 2 = 0 को निम्न प्रकार लिख सकते हैं : 0x + y = 2
x के विभिन्न मानों के लिए y का मान 2 प्राप्त होगा । अतः सरल रेखा X- अक्ष के समान्तर प्राप्त होगी।
∴ सही विकल्प ‘A’ है।

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प्रश्न 5.
दो चर वाले रैखिक समीकरण के हल होंगे:
(A) एक अद्वितीय
(B) केवल अपरिमित रूप से अनेक
(C) दो
(D) चार हल।
हल :
दो चर वाले रैखिक समीकरण के अपरिमित रूप से अनेक हल होते हैं।
अतः सही विकल्प ‘B’ है।

प्रश्न 6.
रैखिक समीकरण y = 3x से व्यक्त रेखा पर स्थित बिन्दु होगा :
(A) (2, 3)
(B) (3, 1)
(C) (1, 3)
(D) (1, -3).
हल :
समीकरण y = 3x
समीकरण में x = 1 रखने पर y = 3 प्राप्त होता है
अतः सही विकल्प ‘C’ है।

प्रश्न 7.
किसी रैखिक समीकरण में घरों की बात होती है
(A) कोई भी
(B) 0
(C) 2
(D) 1.
हल :
रैखिक समीकरण की घात होती है।
अतः सही विकल्प ‘D’ है।

प्रश्न 8.
रैखिक समीकरण के बिन्दु (2, 5) से गुजरने वाली रेखाओं की संख्या होगी :
(A) 2
(B) 5
(C) अनन्त
(D) 7.
हल :
किसी बिन्दु से गुजरने वाली रेखाओं की संख्या अनन्त होती है।
अतः सही विकल्प ‘C’ है।

प्रश्न 9.
यदि दो अंकों वाली संख्या में इकाई का अंक b तथा दहाई का अंक a हो तो संख्या लिखिए।
हल :
संख्या (10a + b).

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प्रश्न 10.
यदि आपके लिए कोई रैखिक समीकरण दिया गया है, तो उसे कैसे पहचानोगे? उदाहरण दीजिए।
हल :
रैखिक समीकरण में चर की अधिकतम घात एक होती है।
जैसे: 2x + y – 10 = 0, y + 3x = 0 आदि रैखिक समीकरण के उदाहरण हैं।

प्रश्न 11.
y = mx प्रकार के समीकरण की रेखा किस बिन्दु से गुजरती है ?
हल :
मूलबिन्दु (0, 0) से ।

प्रश्न 12.
यदि x = 3y समीकरण में y = 0 हो तो उक्त समीकरण किस अक्ष का होगा ?
हल :
दिया गया समीकरण है :
x = 3y, x = 3 (0) = 0
⇒ x = 0, Y अक्ष का समीकरण है।

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प्रश्न 13.
समीकरण 230 का आलेख किस प्रकार का होगा ? समझाइए ।
हल :
समीकरण
2y – 3 = 0 ⇒ 2y = 3
∴ y = \(\frac {3}{2}\)
अतः x के सभी मानों के लिए रैखिक समीकरण
0.x + 2y – 3 = 0 से y का मान \(\frac {3}{2}\) प्राप्त होगा।
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∴ बिन्दु (1, \(\frac {3}{2}\)), (2, \(\frac {3}{2}\)), (-2, \(\frac {3}{2}\))………… से प्राप्त आलेख मूल बिन्दु से \(\frac {3}{2}\) इकाई दूर X- अक्ष के समान्तर होगा।

प्रश्न 14.
फारेनहाइट को सेल्सियस में परिवर्तित करने वाला रैखिक समीकरण लिखिए ।
हल :
रैखिक समीकरण F = (\(\frac {9}{5}\))C + 32.

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प्रश्न 15.
निम्नलिखित सेल्सियस को फारेनहाइट में रूपांतरित कीजिए :
(i) 25°C
(ii) 35°C
(iii) 0°C.
हल :
(i) 25°C.
F = \(\frac {9}{5}\) × 25 + 32 = 9 × 5 + 32 = 45 + 32 = 77
अतः 25°C = 77°E.

(ii) 35°C.
F = \(\frac {9}{5}\) × 35 + 32 = 9 × 7 + 32 = 63 + 32 = 95
अतः 35°C = 95°F.

(iii) 0°C.
F = \(\frac {9}{5}\) × 0 + 32 = 32
अतः 0°C = 32°F.

प्रश्न 16.
यदि x = 1 हो तो समीकरण \(\frac{4}{x}+\frac{3}{y}\) = 5 में y का मान बताइए।
हल :
समीकरण \(\frac{4}{x}+\frac{3}{y}\) = 5 में x = 1 रखने पर,
\(\frac{4}{1}+\frac{3}{y}\) = 5
⇒ \(\frac {3}{y}\) = 5 – 4 = 1
⇒ \(\frac {3}{y}\) = 1
∴ y = 3.

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प्रश्न 17.
निम्नलिखित समीकरणों को ax + by + c = 0 के रूप में व्यक्त करने पर a, b और c के मान ज्ञात कीजिए:
(i) 3 + 5y = πx
(ii) 2x + \(\frac {3}{2}\) = 1.4y.
हल :
(i) समीकरण
3 + 5y = πx
⇒ πx – 5y – 3 = 0 की तुलना ax + by + c = 0 से करने पर, a = π, b = – 5 और c = – 3.

(ii) समीकरण 2x + \(\frac {3}{2}\) = 1.4y
⇒ 2x – 14y + \(\frac {3}{2}\) = 0 की तुलना ax + by + c = 0
से करने पर, a = 2, b = – 1.4 और c = \(\frac {3}{2}\)

प्रश्न 18.
निम्नलिखित समीकरणों में से प्रत्येक के दो संगत हल ज्ञात कीजिए :
(i) 4x + 3y = 12
(ii) 2x + 5y = 0
(iii) 3y + 4 = 0.
हल :
(i) x = 0 लेने पर,
4(0) + 3y = 12 ∴ y = 4
अत: (0, 4) समीकरण का हल है।
y = 0 लेने पर,
4x + 3(0) = 12 ⇒ 4x = 12 ∴ x = 3
अतः (3, 0) समीकरण का हल है।
अत: समीकरण 4x + 3y = 12 के दो हल (0, 4) और (3, 0) होंगे।

(ii) x = 0 लेने पर 2(0) + 5y = 0 ⇒ y = 0
अतः (0, 0) समीकरण का हल है।
x = 1 लेने पर,
2 × 1 + 5y = 0 ⇒ 5y = -2 ∴ y = \(\frac {-2}{5}\)
अतः (1, \(\frac {-2}{5}\)) समीकरण का हल हैं।
अतः दिये गये समीकरण के दो हल (0, 0) और (1, \(\frac {-2}{5}\)) होंगे।

(iii) समीकरण 3y + 4 = 0 को 0x + 3y + 4 = 0 के रूप में लिखने पर x के सभी मानों के लिए y = \(\frac {-4}{3}\) प्राप्त होगा ।
अतः दिये गये समीकरण के दो हल (0, \(\frac {-4}{3}\)) और (1, \(\frac {-4}{3}\)) हैं।

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प्रश्न 19.
निम्नलिखित कथनों को समीकरण के रूप में लिखिए :
(i) यदि किसी संख्या में 9 जोड़ दिया जाए, तो वह 25 के बराबर होती है।
(ii) यदि किसी संख्या में से 15 घटा दिए जाये, तो वह 5 के बराबर हो जाती है।
(iii) किसी संख्या का 7 गुना, 42 के बराबर होता है।
(iv) किसी संख्या में 5 का भाग देने पर वह 6 बन जाती है।
(v) यदि किसी संख्या के 3 गुने में 6 जोड़ा जाये, तो वह 15 के बराबर हो जाती है।
हल :
सभी प्रश्नों में अज्ञात संख्या को x मानने पर,
(i) x + 9 = 25
(ii) x – 15 = -5
(iii) x × 7 = 42 ⇒ 7x = 42
(iv) \(\frac {x}{5}\) = 6
(v) x × 3 + 6 = 15 ⇒ 3x + 6 = 15.

प्रश्न 20.
समीकरण 2x – 3y + 4 = 0 का आलेख खींचिए ।
हल :
दिया गया समीकरण 2x – 3y + 4 = 0
या 2x = 3y – 4
या x = \(\frac{3 y-4}{2}\)
यदि y = 0, हों, तो x = \(\frac{3 \times 0-4}{2}\) = – 2
यदि y = 2, हों, तो x = \(\frac{3 \times 2-4}{2}\) = 1
यदि y = 4, हों, तो x = \(\frac{3 \times 4-4}{2}\) = 4
सारणी :

x– 214
y024

आलेख खींचना : माना पैमाना X- अक्ष पर 1 सेमी 1 इकाई, Y- अक्ष पर 1 सेमी = 1 इकाई ।
JAC Class 9 Maths Important Questions Chapter 4 दो चरों वाले रैखिक समीकरण - 2
बिन्दु A(-2, 0) B (1, 2) और C(4, 4) दो चर रैखिक समीकरण 2x = 3y – 4 के हल हैं।

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प्रश्न 21.
पिता की आयु पुत्र की आयु से 25 वर्ष अधिक है। 10 वर्ष पूर्व पिता की आयु पुत्र की आयु से दुगुनी थी। दोनों की वर्तमान आयु ज्ञात करो ।
हल :
माना, पिता की आयु = x वर्ष
पुत्र की आयु = y वर्ष
प्रश्नानुसार, x = y +25 ……..(i)
तथा 10 वर्ष पूर्व दोनों की आयु (x – 10) वर्ष तथा (y – 10) वर्ष होगी।
अतः (x – 10) = 2(y – 10)
⇒ x – 10 = 2y – 20
⇒ x = 2y – 20 +10
⇒ x = 2y – 10 ……..(ii)
समी. (ii) में (i) से x का मान रखने पर
y + 25 = 2y – 10
⇒ 25 + 10 = 2y – y
⇒ y = 35
समी. (i) में y का मान रखने पर,
x = 35 + 25 = 60
∴ पिता की आयु 60 वर्ष तथा पुत्र की आयु 35 वर्ष।

JAC Class 9 Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

Jharkhand Board JAC Class 9 Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा Textbook Exercise Questions and Answers.

JAC Board Class 9 Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

Jharkhand Board Class 9 Science कार्य तथा ऊर्जा Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
निम्न सूचीबद्ध क्रियाकलापों को ध्यान से देखिए। अपनी कार्य शब्द की व्याख्या के आधार पर तर्क दीजिए कि इनमें कार्य हो रहा है अथवा नहीं।

  1. सूमा एक तालाब में तैर रही है।
  2. एक गधे ने अपनी पीठ पर बोझा उठा रखा है।
  3. एक पवन चक्की (विंड मिल) कुएँ से पानी उठा रही है।
  4. एक हरे पौधे में प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया हो रही है।
  5. एक इंजन ट्रेन को खींच रहा है।
  6. अनाज के दाने सूर्य की धूप में सूख रहे हैं।
  7. एक पाल नाव पवन ऊर्जा के कारण गतिशील है।

उत्तर:

  1. हाँ, इस स्थिति में कार्य हो रहा है, किन्तु किया जा रहा कार्य ऋणात्मक है, क्योंकि बल पीछे की ओर लगाया जा रहा है, जबकि विस्थापन आगे की दिशा में हो रहा है।
  2. इस स्थिति में कोई कार्य नहीं हो पा रहा है, क्योंकि बल नीचे की ओर लग रहा है, परंतु कोई विस्थापन नहीं हो रहा है।
  3. हाँ, इस स्थिति में कार्य हो रहा है, क्योंकि बल ऊपर की ओर आरोपित किया जा रहा है तथा पानी भी ऊपर की ओर उठाया जा रहा है।
  4. इस स्थिति में कोई कार्य नहीं हो रहा है, क्योंकि न तो कोई बल आरोपित किया जा रहा है और न ही वस्तु विस्थापित हो रही है।
  5. हाँ, इस स्थिति में कार्य हो रहा है, क्योंकि इंजन द्वारा रेलगाड़ी पर बल आरोपित किया जा रहा है तथा रेलगाड़ी आरोपित बल की दिशा में विस्थापित हो रही है।
  6. नहीं, इसमें कोई कार्य नहीं हो रहा है, क्योंकि यहाँ न तो कोई बल आरोपित हो रहा है और न कोई विस्थापन उत्पन्न हो रहा है।
  7. हाँ, इस स्थिति में कार्य हो रहा है, क्योंकि पवन ऊर्जा द्वारा नाव पर बल आरोपित हो रहा है तथा नाव भी आरोपित बल की दिशा में गति कर रही है।

प्रश्न 2.
एक पिण्ड को धरती से किसी कोण पर फेंका जाता है। यह एक वक्र पथ पर चलता है और वापस धरती पर आ गिरता है। पिण्ड के पथ के प्रारम्भिक तथा अंतिम बिन्दु एक ही क्षैतिज रेखा पर स्थित हैं। पिण्ड पर गुरुत्व बल द्वारा कितना कार्य किया गया?
उत्तर:
गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा वस्तु पर किए गए कार्य की मात्रा शून्य होगी, क्योंकि गुरुत्व बल के विरुद्ध किया गया कार्य mgh वस्तु का द्रव्यमान तथा गुरुत्वीय त्वरण तो स्थिर रहते हैं, किन्तु उसकी ऊँचाई शून्य हो जाती है। ऐसा पथ के आरंभिक तथा अंतिम बिन्दुओं के एक ही क्षैतिज तल में स्थित होने के कारण होता है।

प्रश्न 3.
एक बैटरी बल्ब जलाती है। इस प्रक्रम में होने वाले ऊर्जा परिवर्तनों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
बैटरी की रासायनिक ऊर्जा, विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित होती है। विद्युत ऊर्जा, ताप एवं प्रकाश ऊर्जा में परिवर्तित होती है।

प्रश्न 4.
20 kg द्रव्यमान पर लगने वाला कोई बल इसके वेग को 5ms-1 से 2ms-1 में परिवर्तित कर देता है। बल द्वारा किए गए कार्य का परिकलन कीजिए।
हल:
वस्तु का द्रव्यमान m = 20 kg
आरंभिक वेग u = 5 m/s
अंतिम वेग v = 2m/s
समय t = 1 s
गति के पहले समीकरण से v = u + at
या, a = \(\frac{v-u}{t}=\frac{2 \mathrm{~m} / \mathrm{s}-5 \mathrm{~m} / \mathrm{s}}{1 \mathrm{~s}}\)
या, a = – 3 m/s²
गति के तीसरे समीकरण से,
v² – u² = 2as
(2m/s)² – (5m/s)² = 2 × (-3m/s²) x s
– 21 m²/s² = – 6m/s².s
s = \(\frac { -21 }{ -6 }\) = \(\frac { 7 }{ 2 }\) m
किया गया कार्य = F x s
W = m x a x s
= 20 kg × (- 3m/s²) x \(\frac { 7 }{ 2 }\)
= – 210 J

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प्रश्न 5.
10 kg द्रव्यमान का एक पिण्ड मेज पर A बिन्दु पर रखा है। इसे B बिन्दु तक लाया जाता है। यदि A तथा B को मिलाने वाली रेखा क्षैतिज है तो पिण्ड पर गुरुत्व बल द्वारा किया गया कार्य कितना होगा। अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
द्रव्यमान m = 10 kg
गुरुत्वीय त्वरण g = 10m/s²
गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य = m x g x h
इस स्थिति में, गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा वस्तु पर किए गए कार्य की मात्रा शून्य होगी, क्योंकि बिन्दु A तथा B को जोड़ने वाली रेखा एक ही क्षैतिज तल अर्थात् वस्तु द्वारा प्राप्त ऊँचाई शून्य है। साथ ही, गुरुत्वाकर्षण बल का कोई भी घटक वस्तु के विस्थापन की दिशा में कार्य नहीं करता है।

प्रश्न 6.
मुक्त रूप से गिरते एक पिण्ड की स्थितिज ऊर्जा लगातार कम होती जाती है। क्या यह ऊर्जा संरक्षण नियम का उल्लंघन करती है? कारण बताओ।
उत्तर:
यह ऊर्जा संरक्षण सिद्धान्त की उल्लंघन नहीं करती है, क्योंकि जिस अनुपात में वस्तु की स्थितिज ऊर्जा में कमी आती है, उसी अनुपात में उसकी गतिज ऊर्जा में वृद्धि भी होती है अर्थात्, वस्तु की कुल ऊर्जा हमेशा संरक्षित रहती है।

प्रश्न 7.
जब आप साइकिल चलाते हैं तो कौन-कौन से ऊर्जा रूपांतरण होते हैं?
उत्तर:
स्थितिज ऊर्जा से पेशीय ऊर्जा तथा पेशीय ऊर्जा से यान्त्रिक ऊर्जा में ऊर्जा का रूपान्तरण होता है।

प्रश्न 8.
जब आप अपनी सारी शक्ति लगाकर एक बड़ी चट्टान को धकेलना चाहते हैं और इसे हिलाने में असफल हो जाते हैं तो क्या इस अवस्था में ऊर्जा का स्थानांतरण होता है? आपके द्वारा व्यय की गई ऊर्जा कहाँ चली जाती है?
उत्तर:
नहीं, जब हम अपनी पूरी शक्ति से बड़ी चट्टान को धकेलने पर उसे हिला नहीं पाते हैं, तो ऊर्जा का स्थानांतरण नहीं होता है। जब हम चट्टान को धक्का लगाते हैं तो हमारी पेशियाँ तन जाती हैं तथा इन पेशियों की ओर रक्त बहुत तेजी से विस्थापित होता है और ऊष्मीय ऊर्जा उत्पन्न होती है। इन परिवर्तनों में ऊर्जा खपत होती है तथा हम थका हुआ अनुभव करते हैं।

प्रश्न 9.
किसी घर में एक महीने में ऊर्जा की 250 यूनिटें व्यय हुई। यह ऊर्जा जूल में कितनी होगी?
हल:
पूरे महीने के दौरान कुल ऊर्जा खपत = 250 यूनिट
1 यूनिट = 1 kWh
∴ 250 यूनिट = 250kWh
पुन:, 1kWh = 36,00,0003
∴ 250kWh = 250 × 36,00,000 J
= 90,00,00,000 J
= 9 x 108 J

प्रश्न 10.
40 kg द्रव्यमान का एक पिण्ड धरती से 5 m की ऊँचाई तक उठाया जाता है। इसकी स्थितिज ऊर्जा कितनी है? यदि पिण्ड मुक्त रूप से गिरने दिया जाए तो जब पिण्ड ठीक आधे रास्ते पर है, उस समय इसकी गतिज ऊर्जा का परिकलन कीजिए। (g = 10ms-2)
हल:
वस्तु का द्रव्यमान m = 40 kg
ऊँचाई h = 5m
गुरुत्वीय त्वरण g = 10 ms-2
स्थितिज ऊर्जा = m x g x h
= 40kg x 10ms-2 x 5m
= 2000 J
जब वस्तु आधी ऊँचाई पर होती है
वस्तु का द्रव्यमान = 40kg
ऊँचाई h = 2.5m
गुरुत्वीय त्वरण g = 10ms-2
आरंभिक वेग u = 0 m/s
तृतीय समीकरण के अनुसार,
v² – u² = 2as
v² = u² + 2as
v² = 0 + 2 × 10 ms-2 x s = 20.s
गतिज ऊर्जा = \(\frac { 1 }{ 2 }\) mv²
= \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 40 kg x 20 x 2.5 m²/s²
= 1000 J

प्रश्न 11.
पृथ्वी के चारों ओर घूमते हुए किसी उपग्रह पर गुरुत्व बल द्वारा कितना कार्य किया जाएगा? अपने उत्तर को तर्कसंगत बनाइए।
उत्तर:
पृथ्वी के चारों ओर घूमते हुए उपग्रह पर किये जाने वाले कार्य की मात्रा शून्य है।
उपग्रह अपनी वृत्तीय कक्षा में घूमता है, तो उसकी कक्षा की त्रिज्या के केन्द्र की ओर एक अभिकेन्द्रीय बल बल कार्य करता है तथा उपग्रह की दिशा कक्षा के लंबवत् होती है। इस तरह, बल तथा विस्थापन की दिशा एक-दूसरे के लंबवत् होती है।
JAC Class 9 Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 1
किया गया कार्य = F x s x cos θ
W = Fs cos 90° = 0
एकसमान वृत्तीय गति की स्थिति में किया गया कुल कार्य शून्य होगा।

प्रश्न 12.
क्या किसी पिण्ड पर लगने वाले किसी भी बल की अनुपस्थिति में इसका विस्थापन हो सकता है? सोचिए। इस प्रश्न के बारे में अपने मित्रों तथा अध्यापकों से विचार-विमर्श कीजिए।
उत्तर:
जब वस्तु विरामावस्था में होती है, तो न्यूटन के गति के नियम के अनुसार, यह तब तक विरामावस्था में रहती है जब तक कि उस पर लगा बल उसकी इस अवस्था में परिवर्तन न ला दे। जब वस्तु गति अवस्था में होती है, जैसे चलती हुई बस, तो इसे रोकने के लिए बल की आवश्यकता होती है। अतः इस स्थिति में किसी कार्यकारी बल की अनुपस्थिति में भी बस में विस्थापन संभव है।

JAC Class 9 Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

प्रश्न 13.
कोई मनुष्य भूसे के एक गट्ठर को अपने सिर पर 30 मिनट तक रखे रहता है और थक जाता है। क्या उसने कुछ कार्य किया या नहीं? अपने उत्तर को तर्कसंगत बनाइए।
उत्तर:
नहीं, व्यक्ति ने भूसे के गट्ठर पर कोई कार्य नहीं किया, क्योंकि गट्ठर में कोई विस्थापन नहीं होता है।

प्रश्न 14.
एक विद्युत्-हीटर (उष्मक) की घोषित शक्ति 1500 W है। 10 घंटे में यह कितनी ऊर्जा उपयोग करेगा?
हल:
JAC Class 9 Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 2

प्रश्न 15.
जब हम किसी सरल लोलक के गोलक को एक ओर ले जाकर छोड़ते हैं तो यह दोलन करने लगता है। इसमें होने वाले ऊर्जा परिवर्तनों की चर्चा करते हुए ऊर्जा संरक्षण के नियम को स्पष्ट कीजिए। गोलक कुछ समय पश्चात् विराम अवस्था में क्यों आ जाता है? अंततः इसकी ऊर्जा का क्या होता है? क्या यह ऊर्जा संरक्षण के नियम का उल्लंघन है?
उत्तर:
(i) लोलक के गोलक की स्थितिज ऊर्जा उस समय सर्वाधिक होती है जब इसे एक तरफ खींचा जाता है। जब इसे दोलन के लिए छोड़ा जाता है, तो प्रत्येक अधिकतम विस्थापन की स्थिति में स्थितिज ऊर्जा अधिकतम तथा गतिज ऊर्जा शून्य होती है और माध्य की स्थिति में गतिज ऊर्जा अधिकतम हो जाती है जबकि स्थितिज ऊर्जा शून्य होती है। किन्तु कुल ऊर्जा हमेशा संरक्षित रहती है।

(ii) लोलक का गोलक अंत में रुक जाता है। ऐसा इसलिए होता है कि लोलक जिस बिन्दु से बंधा रहता है, उसके साथ घर्षण के कारण तथा दोलन करते हुए गोलक का हवा के साथ घर्षण के कारण होता है। इस घर्षण के कारण दोलन करते हुए गोलक की यांत्रिक ऊर्जा धीरे-धीरे ऊष्मा या ताप ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है।

(iii) अंत में यह ताप ऊर्जा वातावरण में खो जाती है।

(iv) नहीं, यह ऊर्जा संरक्षण के सिद्धान्त का उल्लंघन नहीं है।

प्रश्न 16.
m द्रव्यमान का एक पिंड एक नियत वेग से गतिशील है। पिण्ड पर कितना कार्य करना चाहिए कि वह विराम अवस्था में आ जाए?
हल:
द्रव्यमान = m, स्थिर वेग = v
वस्तु की ऊर्जा = \(\frac { 1 }{ 2 }\) mv² (चूँकि वस्तु गति में है)
अतः वस्तु को विराम में लाने के लिए समान मात्रा में कार्य करने की आवश्यकता होगी।
अतः वस्तु पर किया जाने वाला कार्य = \(\frac { 1 }{ 2 }\) mv²

प्रश्न 17.
1500 kg द्रव्यमान की कार को जो 60 km/b के वेग से चल रही है, रोकने के लिए किए गए कार्य का परिकलन कीजिए।
हल:
द्रव्यमान m = 1500 kg
वेग v = 60 km/h
= \(\frac { 60×1000m }{ 3600s }\) = 16.67 m/s
गतिज ऊर्जा = \(\frac { 1 }{ 2 }\) mv²
= \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 1500 kg x (16.67m/s)²
= 208416.67 J

प्रश्न 18.
निम्न में से प्रत्येक स्थिति में m द्रव्यमान के एक पिण्ड पर एक बल F लग रहा है। विस्थापन की दिशा पश्चिम से पूर्व की ओर है जो एक लंबे तीर से प्रदर्शित की गई है। चित्रों को ध्यानपूर्वक देखिए और बताइए कि किया गया कार्य ऋणात्मक है, धनात्मक है या शून्य है।
JAC Class 9 Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 3
उत्तर:
स्थिति (i) में किए गए कार्य की मात्रा शून्य है, क्योंकि बल विस्थापन के लम्बवत् कार्य कर रहा है।
θ कोण पर किया गया कार्य = F x s x cos θ
W = F x s x cos 90°
W = F × s × 0 = 0 J

स्थिति (ii) में किया गया कार्य धनात्मक है, क्योंकि वस्तु का विस्थापन आरोपित बल की दिशा में हो रहा है।

स्थिति (iii) में किया गया कार्य ऋणात्मक है, क्योंकि आरोपित बल की विपरीत दिशा में वस्तु का विस्थापन हो रहा है।

प्रश्न 19.
सोनी कहती है कि किसी वस्तु का त्वरण शून्य हो सकता है चाहे उस पर कई बल कार्य कर रहे हों। क्या आप उससे सहमत हैं? बताइए क्यों?
उत्तर:
हाँ, सोनी का कहना ठीक है, क्योंकि जब कोई वस्तु विरामावस्था में होती है तथा उसकी गति शून्य होती है, तब उसमें त्वरण भी शून्य होता है जब किसी वस्तु में एक साथ कई बल लगते हैं, तो वे एक-दूसरे को अप्रभावी कर देते हैं। जब वस्तु एकसमान वेग से गति में होती है, उसका त्वरण शून्य होता है। हाँ, क्योंकि इस स्थिति में भी वस्तु पर एक साथ कई संतुलनकारी बल कार्य कर सकते हैं।

प्रश्न 20.
चार युक्तियाँ, जिनमें प्रत्येक की शक्ति 500 W है 10 घंटे तक उपयोग में लाई जाती हैं इनके द्वारा व्यय की गई ऊर्जा kWh में परिकलित कीजिए।
हल:
कुल युक्तियाँ = 5
1 युक्ति की शक्ति = 500W
समय = 10 घंटे
कुल शक्ति = कुल युक्तियाँ – युक्ति की शक्ति
= 4 x 500 वाट = 2000 वाट 2kW
व्यय ऊर्जा = शक्ति x समय
= 2kW x 10 घंटे
= 20 kWh

प्रश्न 21.
मुक्त रूप से गिरता एक पिण्ड अंतत: धरती तक पहुँचने पर रुक जाता है इसकी गतिज ऊर्जा का क्या होती है?
उत्तर:
मुक्त रूप से गिरते हुए पिण्ड की स्थितिज ऊर्जा धीरे-धीरे गतिज ऊर्जा में बदलने लगती है। लेकिन जैसे ही पिण्ड पृथ्वी पर पहुँचता है तो यह रुक जाता है, जिससे इसका वेग शून्य हो जाता है।
अत: सूत्र गतिज ऊर्जा = \(\frac { 1 }{ 2 }\) mv² के अनुसार वेग शून्य हो जाने पर गतिज ऊर्जा भी शून्य हो जाएगी।
K.E. = \(\frac { 1 }{ 2 }\) mv²
= \(\frac { 1 }{ 2 }\) x m x 0² = 0
यह गतिज ऊर्जा ऊष्मीय ऊर्जा, ध्वनि ऊर्जा आदि में रूपान्तरित हो जाती है।

Jharkhand Board Class 9 Science कार्य तथा ऊर्जा InText Questions and Answers

क्रियाकलाप 11.1. (पा. प. पृ. सं. 163)
उपर्युक्त उदाहरणों में दैनिक जीवन के क्रियाकलाप पर चर्चा हुई है। इनमें से प्रत्येक कार्यकलाप के लिए निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर दें-
(i) किस वस्तु पर कार्य किया गया?
(ii) वस्तु पर क्या घटित हो रहा है?
(iii) कार्य कौन (क्या) कर रहा है?
नोट: छात्र अध्यापक की सहायता से स्वयं करें।

क्रियाकलाप 11.2. (पा. पु. पृ. सं. 163 )
अपने दैनिक जीवन की कुछ स्थितियों पर विचार करके उन्हें सूचीबद्ध कीजिए जिनमें कार्य सम्मिलित हो। अपने मित्रों से विचार-विमर्श करके किए गए कार्य के बारे में जानिए।

क्रियाकलाप 11.3. (पा. पु. पृ. सं, 164)
कुछ ऐसी स्थितियों पर विचार करें जब वस्तु पर बल लगने के बावजूद भी उसमें विस्थापन न हो। इसी प्रकार ऐसी स्थिति पर भी विचार करें जब कोई वस्तु बल लगे बिना ही विस्थापित हो जाए। इन स्थितियों को सूचीबद्ध करें तथा मित्रों से विचार-विमर्श करें कि कार्य हुआ या नहीं।

JAC Class 9 Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

क्रियाकलाप 11.4. (पा. पु. पृ. सं. 165)
किसी वस्तु को ऊपर उठाइए। आपके द्वारा वस्तु पर लगाए गए बल के द्वारा कार्य किया गया तथा आपके द्वारा आरोपित बल, विस्थापन की दिशा में है। इसके अतिरिक्त वस्तु पर गुरुत्वीय बल भी कार्यरत है। इनमें से कौन सा बल धनात्मक तथा कौन सा ऋणात्मक है? कारण सहित बताइए।

उदाहरण 11.2.
एक कुली 15k g का बोझ धरती से 1.5 m ऊपर उठाकर अपने सिर पर रखता है। उसके द्वारा बोझे पर किए गए कार्य का परिकलन कीजिए।
हल:
बोझ का द्रव्यमान m = 15kg तथा
विस्थापन s = 1.5 m
किया गया कार्य W = F x s = mg x s
∵ F = mg
= 15 × 10 × 1.5
= 225 N m
= 225 J
कुली द्वारा बोझे पर किया गया कार्य 225 J है।

खण्ड 11.1 से सम्बन्धित पाठ्य पुस्तक के प्रश्नोत्तर (पा.पु. पृ. सं. 165)

प्रश्न 1.
हम कब कहते हैं कि कार्य किया गया है?
उत्तर:
किसी वस्तु पर बल लगाने पर वस्तु विस्थापित हो जाती है तो कहा जाता है कि कार्य किया गया है।

प्रश्न 2
जब किसी वस्तु पर लगने वाला बल इसके विस्थापन की दिशा में हो तो किए गए कार्य का व्यंजक लिखिए।
उत्तर:
जब बल विस्थापन की दिशा में ही लगता है तो कार्य = बल x बल की दिशा में विस्थापन।

प्रश्न 3.
1 J कार्य को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
जब किसी वस्तु पर एक न्यूटन का बल लगाने पर वस्तु में बल की दिशा में 1 मीटर का विस्थापन हो जाता है तो किया गया कार्य 1 J कहलाता है।
1 J = 1 N × 1 m

प्रश्न 4.
बैलों की एक जोड़ी खेत जोतते समय किसी हल पर 140 न्यूटन का बल लगाती है। जोता गया खेत 15 m लंबा है। खेत की लंबाई को जोतने में कितना कार्य किया गया?
हल:
बैलों द्वारा लगाया गया बल = 140 N
जोता गया खेत = 15 m
किया गया कार्य = बल x विस्थापन
= 140 N x 15 m
= 21000 N m या 2100 जूल

क्रियाकलाप 11.5. (पा. पु. पृ. सं. 166)
ऊर्जा के कुछ स्रोतों की सूची बनाइए। छोटे समूह में विचार-विमर्श कीजिए कि किस प्रकार ऊर्जा के कुछ स्रोत सूर्य के कारण हैं।

क्रियाकलाप 11.6. (पा.पु. पृ. सं. 167)
एक भारी गेंद लेकर इसे गीले रेत की मोटी परत पर गिराइए। गेंद को लगभग 30 सेमी की ऊँचाई से गिराकर हम पाते हैं कि रेत में एक गड्ढा हो जाता है । इसी क्रियाकलाप को 50 cm, 1 m तथा 1.5 m की ऊँचाइयों से गिराकर बने गड्ढों की तुलना करके सूचीबद्ध करें तथा देखें कि किसके कारण बड़ा गड्ढा बना।

अब उत्तर दें-

प्रश्न-
कौन सा गड्ढा सबसे अधिक गहरा है, क्यों?
उत्तर:
सबसे अधिक ऊँचाई (1.5 m) से गिरने पर बना गड्ढा सबसे अधिक गहरा होगा, क्योंकि अधिक ऊँचाई से गिरने के कारण उस गेंद में गतिज ऊर्जा अधिक होगी।

क्रियाकलाप 11.7. (पा.पु. पृ. सं. 167)
चित्र 11.4 के अनुसार एक ज्ञात द्रव्यमान के लकड़ी के गुटके को ट्रॉली के सामने किसी सुविधाजनक निश्चित दूरी पर रखकर पलड़े पर एक साथ ज्ञात द्रव्यमान रखा जिससे कि ट्राली गतिमान हो जाए। गतिमान ट्रॉली लकड़ी के गुटके से टकराती है। मेज पर एक अवरोधक इस प्रकार लगाया जाए कि गुटके से टकराकर ट्राली वहीं रुक जाए, गुटका विस्थापित हो जाता है तथा गुटके के विस्थापन को मापकर सारणी में लिखिए। पलड़े के द्रव्यमान को बढ़ाकर इस प्रयोग को दोहराकर विस्थापन का मापन किया तथा उसे सारणीबद्ध किया।
JAC Class 9 Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 6

अब उत्तर दें-

प्रश्न 1.
गतिशील ट्राली किस प्रकार कार्य करती है?
उत्तर:
गतिशील ट्राली में गतिज ऊर्जा निहित होती है जो कि लकड़ी के गुटके से टकराने पर उसमें स्थानान्तरित हो जाती है जिससे गुटका विस्थापित हो जाता है। ट्राली से बँधे पलड़े पर अधिक द्रव्यमान लटकाने पर उसमें अधिक गतिज ऊर्जा संचित हो जाती है जिसके कारण गुटका और अधिक विस्थापित हो जाता है।

अतः किसी वस्तु में उसकी गति के कारण जो ऊर्जा निहित रहती है उसे उस वस्तु की गतिज ऊर्जा कहते हैं। उदाहरण के लिए चलती हुई कार, फेंकी हुई गेंद, गिरता हुआ कोई पिण्ड तथा बन्दूक से निकली गोली इन सभी में गतिज ऊर्जा निहित रहती है।.

गतिज ऊर्जा की माप (Measurement of Kinetic Energy) – किसी गतिमान पिण्ड की गतिज ऊर्जा की माप कार्य की उस मात्रा से की जाती है, जो वह पिण्ड उसकी वर्तमान अवस्था से विरामावस्था तक लाए जाने में कर सकता है।
यदि m द्रव्यमान की किसी वस्तु पर जो कि विरामावस्था में है, एक बल F लगाया जाता है तब न्यूटन के गति विषयक द्वितीय नियम से
F = ma अत: a = \(\frac { F }{ m }\) … (i)
यदि वस्तु द्वारा चली गई दूरी हो तब वस्तु पर कृत
कार्य W = F x s … (ii)
गति के तृतीय समीकरण के अनुसार
v² = u² + 2 as [∵ u = 0)
v² = 0 + 2 as … (iii)
समीकरण (i) व (iii) से
v² = 2 x (\(\frac { F }{ m }\)) x s
या mv² = 2Fs या Fs = \(\frac { F }{ m }\) mv² … (iv)
समीकरण (ii) व (iv) की तुलना करने पर
W = Fs = \(\frac { 1 }{ 2 }\) mv²
यदि गतिज ऊर्जा को EK से प्रदर्शित करें तब
वस्तु की गतिज ऊर्जा
W = EK = Fs = \(\frac { 1 }{ 2 }\) mv²
अतः वस्तु की गतिज ऊर्जा
EK = \(\frac { 1 }{ 2 }\) mv² x द्रव्यमान x (वेग)²
अतः वस्तु की गतिज ऊर्जा वस्तु के द्रव्यमान समानुपाती व वस्तु के वेग के वर्ग के समानुपाती होती है।

खंड 11.2 से सम्बन्धित पाठ्य पुस्तक के प्रश्नोत्तर (पा. पु. पू. सं. 169)

प्रश्न 1.
किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा क्या होती है?
उत्तर:
गतिज ऊर्जा- किसी वस्तु में उसकी गति के कारण जो ऊर्जा निहित होती है, उसे वस्तु की गतिज ऊर्जा कहते हैं। किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा, उसे विरामावस्था से वर्तमान गति की अवस्था तक लाने में वस्तु पर किए गए कार्य के बराबर होती है।

प्रश्न 2.
किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा के लिए व्यंजक लिखिए।
उत्तर:
यदि द्रव्यमान की कोई वस्तु वेग से गतिमान है तो वस्तु की गतिज ऊर्जा EK = \(\frac { 1 }{ 2 }\) mv² होगी।

प्रश्न 3.
5 मीटर प्रति सेकण्ड के वेग से गतिशील किसी m द्रव्यमान की वस्तु की गतिज ऊर्जा 25 जूल है। यदि इसके वेग को दोगुना कर दिया जाए तो इसकी गतिज ऊर्जा कितनी हो जाएगी? यदि इसके वेग को तीन गुना बढ़ा दिया जाए तो इसकी गतिज ऊर्जा कितनी हो जाएगी?
हल:
प्रश्नानुसार, वेग v = 5 मीटर / सेकण्ड,
EK = 25 जूल
सूत्र ∴ EK = \(\frac { 1 }{ 2 }\) से
25 = \(\frac { 1 }{ 2 }\) x (5)² या 2 x 25 = m x 25
∵ वस्तु का द्रव्यमान m = 2 किग्रा
प्रथम दशा – जबकि वेग दुगना अर्थात् v2 = 2 × 5 = 10
मीटर / सेकण्ड कर दिया जाता है तो
गतिज ऊर्जा EK = \(\frac { 1 }{ 2 }\)mvv²
= \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 2 x (10)²
= 100 जूल।
दूसरी दशा- जबकि वेग तीन गुना अर्थात् v3 = 3 x 5 = 15 मीटर / सेकण्ड कर दिया जाता है तो
गतिज ऊर्जा Ek = \(\frac { 1 }{ 2 }\)mv3²
= \(\frac { 1 }{ 2 }\) x 2 किग्रा (15 मीटर / सेकण्ड )²
= 225 जूल

JAC Class 9 Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा

क्रियाकलाप 11.8. (पा.पु. पू. सं. 169)
एक रबड़ बैंड लेकर इसके एक सिरे को पकड़कर दूसरे सिरे से खींचने पर छल्ला खिंच जाता है तथा सिरे को छोड़ देने पर यह अपनी प्रारम्भिक लम्बाई को प्राप्त करने का प्रयत्न करता है। स्पष्ट है कि स्थिति विशेष के कारण रबड़ के छल्ले ने ऊर्जा संचित कर ली थी।

क्रियाकलाप 11.9. (पा.पु. पू. सं. 169)
चित्र 11.5 के अनुसार एक स्लिंकी (स्प्रिंग) लेकर इसके एक सिरे को पकड़िए तथा दूसरे सिरे को अपने मित्र से पकड़वाकर थोड़ा सा खींचिए। अब स्लिंकी को छोड़ दीजिए।
JAC Class 9 Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 4
स्लिंकी ने किस प्रकार की ऊर्जा उपार्जित की तथा संपीडित करने पर भी क्या स्लिंकी ऊर्जा उपार्जित करेगी?

क्रियाकलाप 11.10. (पा.पु. पू. सं. 169)
एक खिलौना कार लेकर उसमें चाबी भरकर कार को जमीन पर रखिए यह चलने लगेगी। इसमें ऊर्जा कहाँ से आयी, सोचिए।

क्रियाकलाप 11.11. (पा.पु. पू. सं. 169)
किसी वस्तु को एक निश्चित ऊँचाई तक उठाकर इसे छोड़ने पर यह नीचे गिरने लगती है, और अधिक ऊँचा उठाने पर यह और अधिक कार्य कर सकती है। इसमें ऊर्जा कहाँ से आई? सोचिए तथा विचार-विमर्श कीजिए।

क्रियाकलाप 11.12. (पा.पु. पृ. सं. 170)
बाँस की खपच्ची लेकर इसका धनुष बनाकर एक हल्की डंडी लेकर इसका तीर बनाइए, डोरी को चित्रानुसार खींचिए और तीर को मुक्त कीजिए। तीर को धनुष दूर जाते देखिए।
JAC Class 9 Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 5
धनुष की आकृति में परिवर्तन को नोट कीजिए धनुष की आकृति में परिवर्तन के से कारण उसमें संचित स्थितिज ऊर्जा तीर को गतिज ऊर्जा प्रदान करती है जिससे तीर गतिमान होकर दूर तक जाता है।

अब उत्तर दें-

प्रश्न 1.
क्रियाकलाप 11.8 में रबड़ का छल्ला खींचने पर ऊर्जा किस प्रकार उपार्जित करता है?
उत्तर:
रबर बैंड में स्थितिज ऊर्जा संचित हो जाती है।

प्रश्न 2.
खींचने पर स्लिंकी ऊर्जा उपार्जित करती है। क्या संपीड़ित करने पर भी स्लिंकी ऊर्जा उपार्जित करेगी?
उत्तर:
छोड़ने पर स्लिंकी अपनी मूल अवस्था प्राप्त कर लेती है। खींचने के दौरान किए गए कार्य के कारण स्लिंकी ऊर्जा उपार्जित करती है। हाँ, स्लिंकी संपीडित करने पर भी स्थितिज ऊर्जा उपार्जित करेगी।

प्रश्न 3.
फर्श पर चाबी भरकर खिलौने को रखने पर यह चलता है। क्या उपार्जित ऊर्जा, चाबी द्वारा भरे गए लपेटनों की संख्या पर निर्भर है?
उत्तर:
कृत कार्य लपेटनों में, स्थितिज ऊर्जा के रूप में संचित होती है। उपार्जित ऊर्जा, चाबी द्वारा भरे गए लपेटनों पर निर्भर करती है। लपेटनों की संख्या अधिक होने पर अधिक ऊर्जा संचित हो जाती है।

प्रश्न 4.
किसी वस्तु को अधिक ऊँचाई तक उठाने पर उसमें अधिक ऊर्जा समाहित हो जाती है। यह ऊर्जा कहाँ से प्राप्त होती है? विचार विमर्श कीजिए।
उत्तर:
निश्चित ऊँचाई तक उठाने में किसी वस्तु को गुरुत्वीय बल के विरुद्ध कार्य करना पड़ता है। यह कार्य वस्तु में स्थितिज ऊर्जा के रूप में संचित रहता है। वस्तु की पृथ्वी तल से ऊँचाई बढ़ने पर उसमें समाहित ऊर्जा बढ़ती जाती है।

प्रश्न 5.
बाँस की एक खपच्ची से बने धनुष और हल्की डंडी से बने तीर को धनुष की डोरी पर रखकर और डोरी को खींचकर तीर को छोड़िए तीर धनुष से दूर क्यों जा गिरता है?
उत्तर:
धनुष की आकृति में परिवर्तन के कारण उसमें संचित स्थितिज ऊर्जा तीर की गतिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है जिससे तीर गतिशील होकर दूर तक जाता है।

क्रियाकलाप 11.13.
छोटे समूहों में बैठकर प्रकृति में ऊर्जा रूपान्तरण की विभिन्न विधियों पर विचार करें तथा निम्नलिखित प्रश्नों पर विचार-विमर्श करें –

  • हरे पौधे खाना कैसे बनाते हैं?
  • उन्हें ऊर्जा कहाँ से मिलती है?
  • वायु एक स्थान से दूसरे स्थान को क्यों बहती है?
  • कोयला तथा पेट्रोलियम कैसे बने?
  • किस प्रकार के ऊर्जा रूपान्तरण जल चक्र को बनाए रखते हैं?

नोट:

  • जब हमने गमले में लगे पौधे को अंधेरे कमरे में रखकर उसे पानी नहीं दिया तो वह सूख गया। इससे निष्कर्ष निकलता है कि हरे पौधे अपना भोजन प्रकाश एवं जल से बनाते हैं।
  • उन्हें ऊर्जा सूर्य के प्रकाश (सौर ऊर्जा) से मिलती है।
  • वायुदाब में अन्तर के कारण वायु के कणों पर बल आरोपित होता है जिससे वायु एक स्थान से दूसरे स्थान की ओर बहती है।
  • करोड़ों वर्ष पूर्व पृथ्वी की गहराई में हरे पेड़-पौधे एवं जीव-जन्तुओं हलचल के कारण दब गए जो कालान्तर में आज  कोयला तथा पैट्रोलियम में बदल गए।
  • रासायनिक ऊर्जा का ऊष्मीय ऊर्जा में रूपान्तरण।

क्रियाकलाप 11.14. (पा.पु. पृ. सं. 172)
अनेक मानव क्रियाकलापों तथा हमारे द्वारा उपयोग में लाए जाने वाले जुगतों में ऊर्जा रूपान्तरण सम्मिलित है। इस प्रकार के क्रियाकलापों तथा जुगतों की एक सूची बनाइए तथा पहचानिए कि किस प्रकार का ऊर्जा रूपान्तरण हो रहा है।

क्रियाकलाप 11.15. (पा.पु. पृ. सं. 172)
20 kg द्रव्यमान का कोई पिण्ड 4m की ऊँचाई से मुक्त रूप से गिराया जाता है। दी गई सारणी के अनुसार प्रत्येक स्थिति में स्थितिज ऊर्जा तथा गतिज ऊर्जा की गणना करके, सारणी में रिक्त स्थानों को भरिए। (g = 10ms-2)
सारणी 11.2

ऊँचाई जहाँ पर पिण्ड स्थित हैस्थितिज ऊर्जा Ep = mgh (जूल में)गतिज ऊर्जा (जूल में)Ep + Ek
Ek = \(\frac { 1 }{ 2 }\) mv² (जूल में)
4m
3m
2m
1m
भूमि से ठीक ऊपर

संकेत-
h = 4m पर, Ep = mgh = 20 x 10 x 4800 J
v = 0, Ek = \(\frac { 1 }{ 2 }\) mv² = 0
h = 3m पर, Ep = 20 x 10 x 3 = 600 J
तय की गई दूरी s = 4 – 3 = 1m
v² = u² + 2gs = 0 + 2gs = 2gs
Ek = \(\frac { 1 }{ 2 }\)mv² = \(\frac { 1 }{ 2 }\) m x 2gs = mgs
= 20 x 10 x 1 = 200 J
h = 2m पर, s = 4 – 2 = 2m
Ep = mgh = 20 × 10 × 2 = 400 J
Ep = mgs = 20 x 10 × 2 = 400 J
h = 1 m पर, h = 1 m, s = 4 -1 = 3 m
Ep = mgh = 20 x 10 × 1 = 200 J
Ek= mgs = 20 x 10 × 3 = 600 J
भूमि से ठीक ऊपर,
h = 0, s = 4 – 0 = 4m
Ep = mg x 0 = 0
Ek= 20 x 10 × 4800 J

सारणी 11.3

ऊँचाई जहाँ पर पिण्ड स्थित हैस्थितिज ऊर्जा Ep = mghगतिज ऊर्जा (जूल में)
Ek  = \(\frac { 1 }{ 2 }\) mv²
Ep + Ek
4m800 J0800 J
3m600 J200 J800 J
2m400 J400 J800 J
1m200 J600 J800 J
भूमि से ठीक ऊपर0800 J800 J

इससे स्पष्ट है कि प्रत्येक ऊँचाई पर कुल यान्त्रिक ऊर्जा अचर रहती है, अर्थात् ऊर्जा संरक्षित है।

क्रियाकलाप 11.16. (पा. पु. पू. सं. 173)
A तथा B दो बच्चों का द्रव्यमान समान है। दोनों रस्से पर अलग-अलग चढ़ना प्रारंभ करते हैं। दोनों 8 m की ऊँचाई तक पहुँचते हैं। मान लीजिए इस कार्य को करने में A 15s तथा B 20s लेता है।
प्रत्येक बच्चे द्वारा किया गया कार्य कितना है ? किया गया कार्य समान है तथापि A ने कार्य करने के लिए B की अपेक्षा कम समय लिया।
किस बच्चे ने दिए हुए समय मान लो 1 में अधिक कार्य किया ?
संकेत माना कि प्रत्येक बच्चे का भार mg प्रत्येक बच्चे द्वारा किया गया कार्यmgh
किया गया कार्य समान है। परन्तु A 15s लेता है जबकि B 20s लेता है
समान कार्य करने के लिए इसलिए 1s में A ने अधिक कार्य किया। हम कहते हैं कि B से A ने अधिक काम किया।

खंड 11.3 से सम्बन्धित पाठ्य-पुस्तक के प्रश्नोत्तर (पा.पु. पू. सं. 174)

प्रश्न 1.
शक्ति क्या है?
उत्तर:
किसी कारक के कार्य करने की दर को शक्ति कहते हैं। यदि कोई कारक W कार्य करने में t समय लगाता हैं तो,
JAC Class 9 Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 7

प्रश्न 2.
1 बाट शक्ति को
उत्तर:
जब 1 सेकण्ड में कार्य करने की दर को 1 वाट कहते हैं।

प्रश्न 3.
एक लैंप 1000 J विद्युत ऊर्जा 10 में व्यय करता है। इसकी शक्ति कितनी है?
उत्तर:
दिया है:
W = 1000 J, t = 10s, P = ?
P = \(\frac { W }{ t }\) = \(\frac { 1000 }{ 10 }\)
= 100 वॉट

प्रश्न 4.
औसत शक्ति को परिभाषित कीजिए।
उत्तर:
कुल उपयोग की गई ऊर्जा को कुल लिए गए समय से भाग देकर निकाली गई शक्ति को औसत शक्ति कहते हैं।
JAC Class 9 Science Solutions Chapter 11 कार्य तथा ऊर्जा 8

क्रियाकलाप 11.17. (पा.पु. पू. सं. 175)
अपने घर में विद्युत मीटर में प्रतिदिन प्रातः तथा सायं 6:00 बजे मीटर का पाठ्यांक नोट करें।
दिन के समय कितनी ‘यूनिट’ व्यय होती है?
रात के समय कितनी ‘यूनिट’ व्यय होती है?
इस क्रिया को लगभग एक सप्ताह तक कीजिए।
अपने प्रेक्षणों को सारणीबद्ध कीजिए।
अपने आँकड़ों से निष्कर्ष निकालिए।
अपने प्रेक्षणों की तुलना विद्युत् के मासिक बिल में दिए गए विवरणों से कीजिए।
संकेत-
हम मीटर का पाठ्यांक महीने के शुरू में तथा अंत में ले सकते हैं। दोनों पाठ्यांकों का अंतर हमें कुल व्यय हुई विद्युत के बारे में बताता है। इसकी हम मासिक बिल में दी गई यूनिटों से तुलना कर सकते हैं।

JAC Class 10 Science Notes Chapter 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण

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JAC Board Class 10 Science Notes Chapter 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण

→ अम्ल-वह यौगिक जो अत्यधिक क्रियाशील धातु से अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस बनाते हों, उन्हें अम्ल कहते हैं।

→ क्षार-जल में घुलनशील क्षारक को क्षार कहते हैं। इनका स्पर्श साबुन की तरह, स्वाद कड़वा तथा प्रकृति संक्षारक होती है।

→ लवण-जब अम्लों से हाइड्रोजन धातु द्वारा विस्थापित होते हैं, तब लवण बनता है। दूसरे शब्दों में, जब अम्ल एवं क्षारक उदासीनीकरण अभिक्रिया करते हैं, तब लवण एवं जल बनता है।
JAC Class 10 Science Notes Chapter 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण 1

→ अम्ल-क्षारक सूचक रंजक या रंजकों के मिश्रण होते हैं जिनका उपयोग अम्ल एवं क्षारक की उपस्थिति को सूचित करने के लिए किया जाता है।

→ विलयन में H+(aq) आयन के निर्माण के कारण ही पदार्थ की प्रकृति अम्लीय होती है। विलयन में OH आयन के निर्माण से पदार्थ की प्रकृति क्षारकीय होती है।

JAC Class 10 Science Notes Chapter 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण

→ जब कोई अम्ल किसी धातु के साथ अभिक्रिया करता है तो हाइड्रोजन गैस का उत्सर्जन होता है। साथ ही संगत लवण का निर्माण होता है।

→ जब क्षारक किसी धातु से अभिक्रिया करता है तो हाइड्रोजन गैस के उत्सर्जन के साथ एक लवण का निर्माण होता है जिसका ऋणआयन एक धातु एवं ऑक्सीजन के परमाणुओं से संयुक्त रूप से
निर्मित होता है।

→ जय अम्ल किसी धातु कार्बोनेट या धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट से अभिक्रिया करता है तो यह संगत लवण उसके यौगिक में से हटाकर स्वयं उसका स्थान ले लेता है, विस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।

→ द्विविस्थापन अभिक्रिया में दो अलग-अलग परमाणु या परमाणुओं के समूह (आयन) का आपस में आदान-प्रदान होता है।

→ अवक्षेपण अभिक्रिया से अविलेय लवण प्राप्त होता है।

→ सह-संयोजक अभिक्रिया जब रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों एवं क्रियाफलों के मध्य सह-संयोजक बन्ध टूटकर नये सह-संयोजक बन्ध बनाते हैं तो इसे सह-संयोजक अभिक्रिया कहते हैं।

→ उत्क्रमणीय अभिक्रियाएँ ऐसी अभिक्रियाएँ जो समान परिस्थितियों में अग्र एवं पश्च दोनों दिशाओं में होती हैं और किसी भी दिशा में पूर्णता को नहीं पहुँचतीं उत्क्रमणीय अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।

→ अनुत्क्रमणीय अभिक्रियाएँ-वे अभिक्रियाएँ जो केवल एक ही दिशा में चलती हैं तथा पूर्णता को प्राप्त होती हैं, अनुत्क्रमणीय अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।

→ अभिक्रिया दर- अभिकारकों की वह मात्रा जो इकाई समय में उत्पादों में परिवर्तित होती हैं, उस अभिक्रिया की दर कहलाती है।

JAC Class 10 Science Notes Chapter 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण

→ मंद अभिक्रियाएँ वे अभिक्रियाएँ जो धीरे-धीरे होती हैं व जिनके पूर्ण होने में अत्यधिक समय लगता है, मंद अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।

→ तीव्र अभिक्रियाएँ वे अभिक्रियाएँ जो अतिशीघ्रता (लगभग 10 सेकण्ड) में पूर्ण होती हैं तीव्र अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।

→ रासायनिक साम्यावस्था किसी उत्क्रमणीय अभिक्रिया की वह अवस्था जिसमें अग्र व विपरीत दोनों अभिक्रियाओं के वेग बराबर हो जाते हैं, रासायनिक साम्यावस्था कहलाती हैं।

JAC Class 10 Science Notes Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

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JAC Board Class 10 Science Notes Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

→ रासायनिक अभिक्रिया – जब एक या एक से अधिक पदार्थ आपस में क्रिया करके नये पदार्थ का निर्माण करते हैं तो ऐसी अभिक्रिया रासायनिक अभिक्रिया कहलाती है।

→ आयनिक अभिक्रिया – जब अभिकारकों एवं क्रियाफलों के मध्य आयनिक बन्ध टूटकर नये आयनिक बन्ध बनाते हैं तो आयनिक अभिक्रिया होती है। ये मुख्यत: तीन प्रकार की होती हैं- संयोजन, वियोजन एवं विस्थापन अभिक्रिया।

→ विद्युत या आयनिक वियोजन अभिक्रिया- कुछ यौगिक जल में घोलने पर या विद्युत धारा प्रवाहित करने पर अपने ऋण एवं धन आयनों में टूट जाते हैं तो इसे विद्युत अथवा आयनिक वियोजन कहते हैं।

→ रासायनिक समीकरण – किसी रासायनिक अभिक्रिया को अभिकारकों तथा उत्पादों के प्रतीक व रासायनिक सूत्रों का प्रयोग करके प्रदर्शित करना, रासायनिक समीकरण कहलाता है।

JAC Class 10 Science Notes Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

→ संयोजन अभिक्रिया जब दो या दो से अधिक पदार्थ मिलकर एक नया पदार्थ बनाते हैं, उसे संयोजन अभिक्रिया कहते हैं।

→ वियोजन अभिक्रिया – वियोजन अभिक्रिया संयोजन अभिक्रिया के विपरीत होती है। वियोजन अभिक्रिया में एकल पदार्थ वियोजित होकर दो या दो से अधिक पदार्थ बनते हैं।

→ ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ-वे अभिक्रियाएँ जिसमें ऊष्मा उत्पन्न होती है, ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।

→ ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ – वे अभिक्रियाएँ जिनमें ऊष्मा अवशोषित होती है, ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।

→ विस्थापन अभिक्रिया- वह अभिक्रिया जिसमें एक तत्त्व (या पदार्थ) किसी दूसरे तत्त्व (या पदार्थ) को उसके यौगिक में से हटाकर स्वयं उसका स्थान ले लेता है, विस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।

→ द्विविस्थापन अभिक्रिया में दो अलग-अलग परमाणु या परमाणुओं के समूह (आयन) का आपस में आदान-प्रदान होता है।

→ अवक्षेपण अभिक्रिया से अविलेय लवण प्राप्त होता है।

JAC Class 10 Science Notes Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

→ सह-संयोजक अभिक्रिया जब रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों एवं क्रियाफलों के मध्य सह-संयोजक बन्ध टूटकर नये सह-संयोजक बन्ध बनाते हैं तो इसे सह-संयोजक अभिक्रिया कहते हैं।

→ उत्क्रमणीय अभिक्रियाएँ ऐसी अभिक्रियाएँ जो समान परिस्थितियों में अग्र एवं पश्च दोनों दिशाओं में होती हैं और किसी भी दिशा में पूर्णता को नहीं पहुँचतीं उत्क्रमणीय अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।

→ अनुत्क्रमणीय अभिक्रियाएँ-वे अभिक्रियाएँ जो केवल एक ही दिशा में चलती हैं तथा पूर्णता को प्राप्त होती हैं, अनुत्क्रमणीय अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।

→ अभिक्रिया दर- अभिकारकों की वह मात्रा जो इकाई समय में उत्पादों में परिवर्तित होती हैं, उस अभिक्रिया की दर कहलाती है।

→ मंद अभिक्रियाएँ वे अभिक्रियाएँ जो धीरे-धीरे होती हैं व जिनके पूर्ण होने में अत्यधिक समय लगता है, मंद अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।

→ तीव्र अभिक्रियाएँ वे अभिक्रियाएँ जो अतिशीघ्रता (लगभग 10 सेकण्ड ) में पूर्ण होती हैं तीव्र अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।

→ रासायनिक साम्यावस्था किसी उत्क्रमणीय अभिक्रिया की वह अवस्था जिसमें अग्र व विपरीत दोनों अभिक्रियाओं के वेग बराबर हो जाते हैं, रासायनिक साम्यावस्था कहलाती हैं।

→ आयनिक साम्य-आयनिक अभिक्रियाओं की वह अवस्था जिसमें आयनिक क्रियाकारकों तथा उत्पादों का सान्द्रण परिवर्तित नहीं होता, आयनिक साम्य कहलाता है।

→ विकृतगंधिता-ऐसी प्रक्रिया जिसमें वसायुक्त सामग्री खराब होने लगती है तथा स्वाद व गंध में परिवर्तन होने लगता है, खाद्य पदार्थों का ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके ऑक्सीकरण कर देते हैं विकृतगंधिता कहलाती है।

JAC Class 10 Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

Jharkhand Board JAC Class 10 Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण Textbook Exercise Questions and Answers.

JAC Board Class 10 Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण

Jharkhand Board Class 10 Science रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण Textbook Questions and Answers

प्रश्न 1.
नीचे दी गयी अभिक्रिया के सम्बन्ध में कौन-सा कथन असत्य है?
2PbO (s) + C (s) → 2Pb ( s) + CO2(s)
(a) सीसा अपचयित हो रहा है।
(b) कार्बन डाइऑक्साइड उपचयित हो रहा है।
(c) कार्बन उपचयित हो रहा है।
(d) लेड ऑक्साइड अपचयित हो रहा है।
(i) (a) एवं (b)
(ii) (a) एवं (c)
(iii) (a) (b) एवं (c)
(iv) सभी
उत्तर:
(i) (a) एवं (b).

प्रश्न 2.
Fe2O3 + 2Al → Al2O3 + 2Fe
ऊपर दी गयी अभिक्रिया किस प्रकार की है?
(a) संयोजन अभिक्रिया
(b) द्विविस्थापन अभिक्रिया
(c) वियोजन अभिक्रिया
(d) विस्थापन अभिक्रिया
उत्तर:
(d) विस्थापन अभिक्रिया।

प्रश्न 3.
लौह-चूर्ण पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल डालने से क्या होता है? सही उत्तर पर निशान लगाइए।
(a) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है।
(b) क्लोरीन गैस एवं आयरन हाइड्रॉक्साइड बनता है।
(c) कोई अभिक्रिया नहीं होती है।
(d) आयरन लवण एवं जल बनता है।
उत्तर:
(a) हाइड्रोजन गैस एवं आयरन क्लोराइड बनता है।

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प्रश्न 4.
संतुलित रासायनिक समीकरण क्या है? रासायनिक समीकरण को संतुलित करना क्यों आवश्यक है?
उत्तर:
जब किसी रासायनिक समीकरण में विभिन्न तत्त्वों के परमाणुओं की संख्या दोनों तरफ बराबर होती है तो उसे संतुलित रासायनिक समीकरण कहते हैं रासायनिक समीकरण को संतुलित करना इसलिए आवश्यक है क्योंकि इसके द्वारा हम न केवल समीकरण की वास्तविक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं बल्कि अभिकारकों एवं उत्पादों की वास्तविक संख्या की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।

प्रश्न 5.
निम्न कथनों को रासायनिक समीकरण के रूप में परिवर्तित कर उन्हें संतुलित कीजिए-
(a) नाइट्रोजन हाइड्रोजन गैस से संयोग करके अमोनिया बनाती है।
(b) हाइड्रोजन सल्फाइड गैस का वायु पर जल एवं सल्फर डाइऑक्साइड बनता है।
(c) ऐलुमिनियम सल्फेट के साथ अभिक्रिया करके बेरियम क्लोराइड, ऐलुमिनियम क्लोराइड एवं बेरियम सल्फेट का अवक्षेप प्रदान देता है।
(d) पोटैशियम धातु जल के साथ अभिक्रिया करके पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड एवं हाइड्रोजन गैस देती है।
उत्तर:
(a) N2(g) + 3H2 (g) → 2NH3(g)
(b) 2H2S(g) + 3O2 (g) → 2H2O(l) + 2SO2(g)
(c) 3BaCl2 + Al2(SO4)3 → 3BaSO4 + 2AlCl3
(d) 2K + 2H2O → 2KOH + H2(g)

प्रश्न 6.
निम्न रासायनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए-
(a) HNO3 + Ca(OH)2 → Ca(NO3)2 + H2O
(b) NaOH + H2SO4 → Na2SO4 + H2O
(c) NaCl + AgNO3 → AgCl + NaNO3
(d) BaCl2 + H2SO4 → BaSO4 + HCl
उत्तर:
(a) 2HNO3 + Ca(OH)2 → Ca(NO3)2 + 2H2O
(b) 2NaOH + H2SO4 → Na2SO4 + 2H2O
(c) NaCl + AgNO3 → AgCl + NaNO3
(d) BaCl2 + H2SO4 → BaSO4 + 2HCl

प्रश्न 7.
निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए-
(a) कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड + कार्बन डाइ ऑक्साइड → कैल्सियम कार्बोनेट + जल
(b) जिंक + सिल्वर नाइट्रेट → जिंक नाइट्रेट सिल्वर
(c) ऐलुमिनियम + कॉपर क्लोराइड → ऐलुमिनियम क्लोराइड + कॉपर
(d) बेरियम क्लोराइड + पोटैशियम सल्फेट → बेरियम सल्फेट + पोटैशियम क्लोराइड
उत्तर:
(a) Ca(OH)2 + CO2 → CaCO3 + H2O
(b) Zn + 2AgNO3 → Zn (NO3)2 + 2Ag
(c) 2Al + 3Cucl2 → 2Alcl3 + 3Cu
(d) BaCl2 + K2SO4 → BaSO4 + 2KCl

प्रश्न 8.
निम्न अभिक्रियाओं के लिए संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए एवं प्रत्येक अभिक्रिया का प्रकार बताइए।
(a) पोटैशियम ब्रोमाइड (aq) + बेरियम आयोडाइड (aq) → पोटैशियम आयोडाइड (aq) + बेरियम ब्रोमाइड (aq)
(b) जिंक कार्बोनेट (s) → जिंक ऑक्साइड (s) + कार्बन डाइऑक्साइड (g)
(c) हाइड्रोजन (g) + क्लोरीन (g) → हाइड्रोजन क्लोराइड (g)
(d) मैग्नीशियम (s) + हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (aq) → मैग्नीशियम क्लोराइड (aq) + हाइड्रोजन (g)
उत्तर:
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प्रश्न 9.
ऊष्माक्षेपी एवं ऊष्माशोषी अभिक्रिया का क्या अर्थ है? उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ – ऐसी अभिक्रियाएँ जिनमें ऊर्जा का उत्सर्जन होता है, ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ (Exothermic Reaction) कहलाती हैं।
उदाहरण-
(i) मेथेन गैस का वायु में जलना-
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(ii) थर्माइट अभिक्रिया-लौह ऑक्साइड Fe2O3 का ऐलुमिनियम धातु से अपचयन। इस अभिक्रिया का उपयोग रेल की बेल्डिंग में होता है।
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ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ ऐसी अभिक्रियाएँ जिनमें ऊर्जा का अवशोषण होता है, ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ (En- dothermic Reaction) कहलाती हैं।
उदाहरण-
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प्रश्न 10.
श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया क्यों कहते हैं? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
यह स्पष्ट है कि चावल, आलू तथा ब्रेड में कार्बोहाइड्रेट होता है जो पाचन क्रिया के समय छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाते हैं, इस प्रकार के टूटने से ग्लूकोज प्राप्त होता है। यह ग्लूकोज हमारे शरीर की कोशिकाओं में उपस्थित ऑक्सीजन से मिलकर हमें ऊर्जा प्रदान करता है। इस अभिक्रिया का विशेष नाम श्वसन होता है।
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प्रश्न 11.
वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के विपरीत क्यों कहा जाता है? इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए।
उत्तर:
वियोजन अभिक्रियाएँ वे अभिक्रियाएँ हैं जिनमें कोई यौगिक दो या अधिक नये यौगिकों में विघटित हो जाता है।
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संयोजन अभिक्रियाएँ वे अभिक्रियाएँ हैं जिनमें दो पदार्थ आपस में संयोग करके एक नए पदार्थ का निर्माण करते हैं।
CaO + CO2 → CaCO3
उपर्युक्त उदाहरणों में दोनों अभिक्रियाएँ समान हैं किन्तु विपरीत स्थितियाँ दिखा रही हैं। अतः वियोजन अभिक्रियाओं को संयोजन अभिक्रियाओं के विपरीत कहा जाता है।

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प्रश्न 12.
उन वियोजन अभिक्रियाओं के एक-एक समीकरण लिखें जिनमें ऊष्मा, प्रकाश एवं विद्युत के रूप में ऊर्जा प्रदान की जाती है।
उत्तर:
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प्रश्न 13.
विस्थापन एवं द्विविस्थापन अभिक्रिया में क्या अन्तर है? इन अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए।
उत्तर:
विस्थापन अभिक्रिया – जब अधिक क्रियाशील तत्त्व, कम क्रियाशील तत्त्व को उसके यौगिक से विस्थापित कर देता है तो विस्थापन अभिक्रिया होती है।
Zn(s) + CuCl2(aq) → ZnClg (aq) + Cu (s)
यहाँ, Zn, Cu से अधिक क्रियाशील है जो CuCl2 से Cu को विस्थापित कर देता है।
द्विविस्थापन अभिक्रिया – अभिकारकों के बीच आयनों का आदान-प्रदान होता है।
जैसे – AB + CD → AC + BD
NaOH + HCl → NaCl + H2O

प्रश्न 14.
सिल्वर के शोधन में, सिल्वर नाइट के विलयन से सिल्वर प्राप्त करने के लिए कॉपर धातु द्वारा विस्थापन किया जाता है। इस प्रक्रिया के लिए अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर:
Cu(s) + 2AgNO3 → Cu(NO3)2(aq) + 2Ag(s)

प्रश्न 15.
अवक्षेपण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर:
ऐसी रासायनिक अभिक्रिया जिसमें अविलेय लवण बनता है, जो विलयन से पृथक हो जाता है, अवक्षेपण अभिक्रिया कहलाती है।
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प्रश्न 16.
ऑक्सीजन के योग या ह्रास के आधार पर निम्न पदों की व्याख्या करें। प्रत्येक के लिए दो उदाहरण दें- (a) उपचयन (b) अपचयन
उत्तर:
(a) उपचयन वे अभिक्रियाएँ जिनमें ऑक्सीजन का योग होता है, उन्हें उपचयन कहते हैं।
उदाहरण :

  • 2Cu + O2 → 2CuO
  • 2H2 + O2 → 2H2O

(b) अपचयन – वे अभिक्रियाएँ जिनमें ऑक्सीजन का ह्रास होता है उन्हें अपचयन कहते हैं।
उदाहरण :

  • ZnO + C → Zn + CO
  • CuO + H2 → Cu + H2O

प्रश्न 17.
एक भूरे रंग का चमकदार तत्त्व ‘X’ को वायु की उपस्थिति में गर्म करने पर वह काले रंग का हो जाता है। इस तत्त्व ‘X’ एवं उस काले रंग के यौगिक के नाम बताइए।
उत्तर:
चमकदार भूरे रंग का तत्त्व ‘X’ कॉपर है। जब इसे हवा में गर्म किया जाता है तो यह कॉपर ऑक्साइड के जमा होने के कारण काला पड़ जाता है।
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प्रश्न 18.
लोहे की वस्तुओं को हम पेन्ट क्यों करते हैं?
उत्तर:
लोहे की वस्तुओं को संक्षारण से बचाने के लिए हम पेन्ट करते हैं। पेन्ट, वस्तु की सतह तथा हवा या नमी के बीच प्रत्यक्ष सम्पर्क को समाप्त कर देता है।

प्रश्न 19.
तेल एवं वसायुक्त खाद्य पदार्थों को नाइट्रोजन से प्रभावित क्यों किया जाता है?
उत्तर:
क्योंकि तेल व वसायुक्त खाद्य पदार्थ ऑक्सीजन के साथ मिलकर विकृतगंधिता उत्पन्न करते हैं जबकि नाइट्रोजन ऐसा नहीं कर पाता। अतः चिप्स आदि बनाने वाले, चिप्स की थैली में नाइट्रोजन गैस भरकर वायुरोधी कर देते हैं ताकि थैली में कोई भी ऑक्सीजन न हो और खाद्य सामग्री का ऑक्सीकरण न हो सके।

प्रश्न 20.
निम्न पदों का वर्णन कीजिए तथा प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए-
(a) संक्षारण
(b) विकृतगंधिता।
उत्तर:
(a) संक्षारण – धातु का अभिकारकों द्वारा यौगिकों में बदलकर नष्ट होने की प्रक्रिया को संक्षारण कहते हैं। जैसे – आयरन को नम वायु में डाल देने से, वह नम वायु से क्रिया करके आयरन ऑक्साइड बनाता है। यह आयरन ऑक्साइड ही आयरन पर जंग के रूप में पर्त बना लेता है। इस आयरन ऑक्साइड के गुण, आयरन के गुणों से भिन्न होते हैं।

(b) विकृतगंधिता – ऐसी प्रक्रिया जिसमें वसायुक्त अथवा तैलीय खाद्य सामग्री खराब होने लगती है तथा स्वाद व गंध में परिवर्तन होने लगता है। खाद्य पदार्थों का ऑक्सीजन से अभिक्रिया करके ऑक्सीकरण कर देते हैं।

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पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या – 6)

प्रश्न 1.
वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को साफ क्यों किया जाता है?
उत्तर:
वायु में जलाने से पहले मैग्नीशियम रिबन को इसलिए साफ किया जाता है कि इसकी ऊपरी सतह हट जाए, साथ ही धूलकण आदि भी साफ हो जाएँ ताकि मैग्नीशियम की सतह हवा के प्रत्यक्ष सम्पर्क में आ सके।

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प्रश्न 2.
निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं के लिए संतुलित समीकरण लिखिए-
(i) हाइड्रोजन + क्लोरीन → हाइड्रोजन क्लोराइड
(ii) बेरियम क्लोराइड + ऐलुमिनियम सल्फेट → बेरियम सल्फेट + ऐलुमिनियम क्लोराइड
(iii) सोडियम + जल → सोडियम हाइड्रॉक्साइड + हाइड्रोजन
उत्तर:
(i) H2 + Cl2 → 2HCl
(ii) 3BaCl2 + Al2(SO4)3 → 3BaSO4 + 2AlCl3
(iii) 2Na + 2H2O → 2NaOH + H2

प्रश्न 3.
निम्नलिखित अभिक्रियाओं के लिए उनकी अवस्था के संकेतों के साथ संतुलित रासायनिक समीकरण लिखिए-
(i) जल में बेरियम क्लोराइड तथा सोडियम सल्फेट के विलयन अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा अघुलनशील बेरियम सल्फेट का अवक्षेप बनाते हैं।
(ii) सोडियम हाइड्रॉक्साइड का विलयन (जल में) हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के विलयन (जल में) से अभिक्रिया करके सोडियम क्लोराइड का विलयन तथा जल बनाते हैं।
उत्तर:
(i) BaCl2(l) + Na2SO4 (aq) → BaSO4 (8) + 2NaCl(l)
(ii) NaOH (aq) + HCl(aq) → NaCl (l) + H2O(l)

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या – 11)

प्रश्न 1.
किसी पदार्थ ‘X’ के विलयन का उपयोग सफेदी करने के लिए होता है।
(i) पदार्थ ‘X’ का नाम तथा इसका सूत्र लिखिए।
(ii) ऊपर (i) में लिखे पदार्थ ‘X’ की जल के साथ अभिक्रिया लिखिए।
उत्तर:
(i) पदार्थ ‘X’ बिना बुझा चूना (कैल्सियम ऑक्साइड) है इसका सूत्र CaO होता है।

(ii) CaO की जल के साथ अभिक्रिया निम्न प्रकार है-
CaO(s) + H2O(l) → Ca(OH)2
कैल्सियम ऑक्साइड जल कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड

प्रश्न 2.
क्रिया-कलाप 1.7 (पाठ्य-पुस्तक देखें) एक परखनली में एकत्रित गैस की मात्रा दूसरी से दोगुनी क्यों है? उस गैस का नाम बताइए।
उत्तर:
जल के विद्युत अपघटन करने पर, हाइड्रोजन व ऑक्सीजन गैस प्राप्त होती है।
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दिए गए संतुलित रासायनिक समीकरण से प्रतीत होता है कि जल के 2 आयतन से हाइड्रोजन के 2 आयतन तथा ऑक्सीजन का एक आयतन प्राप्त होता है। इसीलिए एक परखनली में गैस का आयतन दूसरी परखनली में गैस के आयतन का दुगना है। अतः यह गैस हाइड्रोजन है।

पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या – 15)

प्रश्न 1.
जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है तो विलयन का रंग क्यों बदल जाता है?
उत्तर:
जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है, तो लोहा कॉपर को कॉपर सल्फेट के विलयन से विस्थापित कर देता है और आयरन सल्फेट बनाता है क्योंकि आयरन, कॉपर से अधिक अभिक्रियाशील होता है जिस कारण आयरन, कॉपर सल्फेट से कॉपर को विस्थापित कर देता है जो हल्के हरे रंग का है। इसलिए कॉपर सल्फेट विलयन जो नीले रंग का है, का रंग बदल जाता है।
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प्रश्न 2.
क्रिया-कलाप 1.10 से भिन्न द्विविस्थापन अभिक्रिया का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
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प्रश्न 3.
निम्न अभिक्रियाओं में उपचयित तथा अपचयित पदार्थों की पहचान कीजिए-
(i) 4Na(s) + O2(g) → 2Na2O(s)
(ii) CuO(s) + H2(g) → Cu(s) + H2O(l)
उत्तर:
(i) इस अभिक्रिया में सोडियम (Na) Nago में उपचयित होता है, क्योंकि Na का O2 से संयोग हो रहा है और O2 अपचयित होने वाला पदार्थ है। अत: उपचयित एवं अपचयित होने वाले पदार्थ क्रमश: Na और O2 हैं।
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(ii) CuO + H2 → Cu + H2O(l)
अपचयन (ऑक्सीजन का ह्रस)
अत: उपचयित होने वाला पदार्थ-H2
और अपचयित होने वाला पदार्थ-CuO

क्रिया-कलाप – 1.1
सावधानी – इस क्रिया-कलाप में शिक्षक के सहयोग की आवश्यकता है। सुरक्षा के लिए छात्र आँखों पर चश्मा पहन लें तो उचित होगा।
(i) लगभग 2 cm लंबे मैग्नीशियम रिबन को रेगमाल से रगड़कर साफ कर लीजिए।
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(ii) इसे चिमटे से पकड़कर स्पिरिट लैंप या बर्नर से इसका दहन करिए तथा इससे बनी राख को वॉच ग्लास में इकट्ठा कर लीजिए जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। मैग्नीशियम रिबन का दहन करते समय इसे अपनी आँखों से यथासंभव दूर रखिए।

क्रिया-कलाप के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
आपने क्या प्रेक्षण किया?
उत्तर:
हम प्रेक्षण करते हैं कि मैग्नीशियम रिबन एक चमकदार श्वेत लौ के साथ जलती है तथा श्वेत चूर्ण में परिवर्तित हो जाती है। यह सफेद चूर्ण मैग्नीशियम ऑक्साइड है। यह वायु में उपस्थित ऑक्सीजन तथा मैग्नीशियम के बीच होने वाली अभिक्रिया के कारण बनता है।

क्रिया-कलाप – 1.2

  • एक परखनली में लेड (सीसा) नाइट्रेट का घोल लीजिए।
  • इसमें पोटैशियम आयोडाइड का घोल मिला दीजिए।

क्रिया-कलाप के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
आपने क्या प्रेक्षण किया?
उत्तर:
हम प्रेक्षण करते हैं कि दोनों ही पदार्थ आपस में अभिक्रिया करते हैं तथा निम्नलिखित अभिक्रिया संपादित होती है-
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क्रिया-कलाप – 1.3

  • एक शंक्वाकार फ्लास्क या परखनली में कुछ दानेदार जिंक लीजिए।
  • इसमें तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल या सल्फ्यूरिक अम्ल मिला दीजिए।
    JAC Class 10 Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 12

सावधानी – अम्ल का इस्तेमाल सावधानी से कीजिए।

क्रिया-कलाप के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
क्या जस्ते के दानों के आस-पास कुछ होता दिखाई दे रहा है?
उत्तर:
हाँ, जस्ते के दानों का आकार धीरे-धीरे घटता जा रहा है तथा एक गैस का निर्माण हो रहा है जो हाइड्रोजन है।

प्रश्न 2.
शंक्वाकार फ्लास्क या परखनली को स्पर्श कीजिए। क्या इसके तापमान में कोई परिवर्तन हुआ है?
उत्तर:
हाँ, इसका तापमान थोड़ा-सा बढ़ गया है।

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क्रिया-कलाप – 1.4

  • एक बीकर में थोड़ा कैल्सियम ऑक्साइड तथा बुझा हुआ चूना लीजिए।
    JAC Class 10 Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 13
  • इसमें धीरे-धीरे जल मिलाइए।
  • अब बीकर को स्पर्श कीजिए जैसा चित्र में दिखाया गया है।

क्रिया-कलाप के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
क्या इसके ताप में कोई परिवर्तन हुआ?
उत्तर:
हाँ, कैल्सियम ऑक्साइड जल के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करके बुझे हुए चूने (कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड) का निर्माण करके अधिक मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न करता है।
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क्रिया-कलाप – 1.5

  • एक शुष्क क्वथन नली में 2 g फेरस सल्फेट के क्रिस्टल लीजिए।
  • फेरस सल्फेट के क्रिस्टल के रंग पर ध्यान दीजिए।
  • क्वथन नली को बर्नर या स्पिरिट लैंप की ज्वाला पर गर्म कीजिए, जैसा चित्र में दिखाया गया है।
  • गर्म करने के पश्चात् क्रिस्टल के रंग को देखिए।
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क्रिया-कलाप के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
गर्म करने से पहले फेरस सल्फेट के क्रिस्टल के रंग पर ध्यान दीजिए। गर्म करने के बाद फेरस सल्फेट के क्रिस्टल के रंग का निरीक्षण कीजिए।
उत्तर:
गर्म करने से पहले फेरस सल्फेट के क्रिस्टल का रंग हरा होता है जबकि गर्म करने पर इसका रंग गायब हो जाता है।
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क्रिया-कलाप – 1.6

  • एक क्वथन ली में 2g लेड नाइट्रेट का चूर्ण लीजिए।
  • चिमटे से वथन नली को पकड़कर ज्वाला के ऊपर रखकर इसे गर्म कीजिए जैसा चित्र में दिखाया गया है।
    JAC Class 10 Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 17

क्रिया-कलाप के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
आपने क्या देखा? यदि कोई परिवर्तन है तो उसे नोट कर लीजिए।
उत्तर:
हम देखते हैं कि भूरे रंग का धुआँ उत्सर्जित होता है। यह धुआँ नाइट्रोजन डाइ ऑक्साइड (NO2) का है। निम्नलिखित अभिक्रिया घटित होती है-
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क्रिया-कलाप – 1.7

  • एक प्लास्टिक का मग लीजिए। इसकी तली में दो छिद्र करके उनमें रबड़ का डॉट लगा दीजिए। इन छिद्रों में कार्बन इलेक्ट्रोड डाल दीजिए जैसा कि चित्र में दिखाया गया है।
  • इन इलेक्ट्रोडों को 6 वोल्ट की बैटरी से जोड़ दीजिए।
    JAC Class 10 Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 19
  • मग में इतना जल डालिए कि इलेक्ट्रोड उसमें डूब जाए। जल में तनु सल्फ्यूरिक अम्ल की कुछ बूँदें डाल दीजिए।
  • जल से भरी दो अंशांकित परखनलियों को दोनों कार्बन इलेक्ट्रोडों के ऊपर उलटा करके रख दीजिए।
  • अब विद्युत धारा प्रवाहित करके इस उपकरण को थोड़ी देर के लिए छोड़ दीजिए।
  • दोनों इलेक्ट्रोडों पर आप बुलबुले बनते हुए देखेंगे। ये बुलबुले अंशांकित नली से जल को विस्थापित कर देते हैं।

क्रिया-कलाप के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
क्या दोनों परखनलियों में एकत्रित गैस का आयतन समान है?
उत्तर:
नहीं, दोनों परखनलियों में एकत्रित गैस का आयतन समान नहीं है।

  • जब दोनों परखनलियाँ गैस से भर जाएँ तब उन्हें सावधानीपूर्वक हटा लीजिए।
  • एक जलती हुई मोमबत्ती को दोनों परखनलियों के मुँह के ऊपर लाकर इन गैसों की जाँच कीजिए।

प्रश्न 2.
दोनों स्थितियों में क्या होता है?
उत्तर:
दोनों स्थितियों में एक परखनली में गैस का आयतन, दूसरी परखनली में गैस के आयतन का दो गुना है।

प्रश्न 3.
दोनों परखनलियों में कौन-सी गैस उपस्थित है?
उत्तर:
एक परखनली में हाइड्रोजन गैस उपस्थित है जबकि दूसरी परखनली में ऑक्सीजन गैस उपस्थित है।

क्रिया-कलाप – 1.8

  • चायना डिश में 2g सिल्वर क्लोराइड लीजिए।
  • इस चायना डिश को थोड़ी देर के लिए सूर्य के प्रकाश में रख दीजिए (चित्र)।
    JAC Class 10 Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 20

क्रिया-कलाप के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
इसका रंग क्या है?
उत्तर:
इसका रंग उजले (सफेद) रंग का है।

प्रश्न 2.
थोड़ी देर पश्चात् सिल्वर क्लोराइड के रंग को देखिए।
उत्तर:
सूर्य के प्रकाश में श्वेत रंग का सिल्वर क्लोराइड धूसर रंग का हो जाता है। प्रकाश की उपस्थिति में सिल्वर क्लोराइड का सिल्वर तथा क्लोरीन में वियोजन के कारण से ऐसा होता है।
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क्रिया-कलाप – 1.9

  • लोहे की तीन कील लीजिए और उन्हें रेगमाल रगड़कर साफ कीजिए।
  • (A) तथा (B) से चिन्हित की हुई दो परखनलियाँ लीजिए। प्रत्येक परखनली में 10 mL कॉपर सल्फेट का विलयन लीजिए।
  • दो कीलों को धागे से बाँधकर सावधानीपूर्वक परखनली (B) के कॉपर सल्फेट विलयन में लगभग 20 मिनट तक डुबो कर रखिए चित्र (a) तुलना करने के लिए एक कील को अलग रखिए।
  • 20 मिनट बाद दोनों कीलों को कॉपर सल्फेट के विलयन से बाहर निकाल लीजिए।
  • परखनली (A) तथा (B) में कॉपर सल्फेट के विलयन के नीले रंग की तीव्रता की तुलना कीजिए चित्र (b)।
  • कॉपर सल्फेट के विलयन में डूबी कीलों के रंग की तुलना बाहर रखी कील से कीजिए चित्र (b)।
    JAC Class 10 Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 22

क्रिया-कलाप के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
परखनली (A) में रखे कॉपर सल्फेट विलयन का रंग क्या है?
उत्तर:
परखनली (A) में रखे कॉपर सल्फेट विलयन का रंग नीला हो जाता है।

प्रश्न 2.
परखनली (B) में रखे कॉपर सल्फेट विलयन का रंग क्या है?
उत्तर:
परखनली (B) में रखे कॉपर सल्फेट विलयन का नीला रंग बहुत हल्का हो जाता है।

प्रश्न 3.
कॉपर सल्फेट विलयन का रंग क्यों बहुत हल्का है?
उत्तर:
विलयन से कॉपर के विस्थापन के कारण कॉपर सल्फेट विलयन का रंग बहुत हल्का है।

प्रश्न 4.
परखनली (B) में रखी लोहे की कील का रंग क्या है?
उत्तर:
लोहे की कील का रंग भूरा है।

प्रश्न 5.
लोहे की कील का रंग भूरा क्यों हो जाता है?
उत्तर:
लोहे की कील का रंग लोहे के ऊपर कॉपर के जमा होने के कारण भूरा हो जाता है।
CuSO4 + Fe → FeSO4 + Cu

क्रिया-कलाप – 1.10

  • एक परखनली में 3mL सोडियम सल्फेट का विलयन लीजिए।
  • एक अन्य परखनली में 3 mL बेरियम क्लोराइड लीजिए।
  • दोनों विलयनों को मिला लीजिए (चित्र)।
    JAC Class 10 Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 23

क्रिया-कलाप के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
आपने क्या देखा?
उत्तर:
हम देखते हैं कि उजले रंग का एक पदार्थ (BaSO4) बनता है जो जल में अघुलनशील है।
JAC Class 10 Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 24

क्रिया-कलाप – 1.11
चायना डिश में 1g कॉपर चूर्ण लेकर उसे गर्म कीजिए (चित्र)।

क्रिया-कलाप के प्रश्नोत्तर

प्रश्न 1.
आपने क्या देखा?
उत्तर:
हम देखते हैं कि कॉपर चूर्ण की सतह कॉपर (II) ऑक्साइड की परत जमने के कारण काली पड़ जाती है। यह कॉपर चूर्ण का ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया के कारण बनता है।
JAC Class 10 Science Solutions Chapter 1 रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण 25

JAC Class 9 Science Notes Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार

Students must go through these JAC Class 9 Science Notes Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार to get a clear insight into all the important concepts.

JAC Board Class 9 Science Notes Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार

→ फसल के लिए कुल 16 पोषक आवश्यक हैं। हवा से कार्बन तथा ऑक्सीजन, पानी से हाइड्रोजन तथा ऑक्सीजन एवं मिट्टी से शेष 13 पोषक प्राप्त होते हैं। इन 13 पोषकों में से 6 पोषकों की मात्रा अधिक होनी चाहिए, इसलिए इन्हें वृहत्-पोषक कहते हैं। शेष 7 पोषक कम मात्रा में चाहिए, इसलिए इन्हें सूक्ष्म-पोषक कहते हैं।

→ फसल के लिए पोषकों के मुख्य स्रोत खाद तथा उर्वरक हैं।

→ कार्बनिक कृषि प्रणालियों में उर्वरकों, पीड़कनाशकों तथा शाकनाशकों का निम्नतम या बिल्कुल प्रयोग नहीं किया जाता है। इन प्रणालियों में स्वस्थ फसल तन्त्र के साथ कार्बनिक खादों, पुनर्चक्रित अपशिष्टों तथा जैव-कारकों का अधिकतम उपयोग होता है।

→ एक विशेष फार्म में फसल उत्पादन तथा पशुपालन आदि में बढ़ावा देने वाली खेती को मिश्रित खेती तन्त्र कहते हैं।

JAC Class 9 Science Notes Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार

→ मिश्रित फसल में दो अथवा दो से अधिक फसलों को एक ही खेत में एक साथ उगाते हैं।

→ दो या दो से अधिक फसलों को निश्चित कतार पैटर्न में उगाने को अंतराफसलीकरण कहते हैं।

→ एक ही खेत में विभिन्न फसलों को पूर्व नियोजित अनुक्रम में उगाएँ तो उसे फसल चक्र कहते हैं।

→ उच्च उत्पादन, अच्छी गुणवत्ता, जैविक व अजैविक कारकों के प्रति प्रतिरोधता, अल्प परिपक्वन काल तथा बदलती परिस्थितियों के लिए अनुकूल तथा ऐच्छिक सस्य विज्ञान गुण के लिए नस्ल सुधार की आवश्यकता है।

→ फार्म पशुओं के लिए उचित देखभाल तथा प्रबन्धन जैसे कि आवास, आहार, जनन तथा रोगों पर नियंत्रण की आवश्यकता होती है। इसे पशुपालन कहते हैं।

→ कुक्कुट पालन घरेलू मुर्गियों की संख्या को बढ़ाने के लिए करते हैं। कुक्कुट पालन के अन्तर्गत अण्डों का उत्पादन तथा मुर्गों के माँस के लिए ब्रौलर उत्पादन है।

→ कुक्कुट पालन में उत्पादन को बढ़ाने तथा उन्नत किस्म की नस्लों के लिए भारतीय (देशी) तथा बाह्य नस्लों में संकरण कराते हैं।

→ समुद्र तथा अंतःस्थलीय स्रोतों से मछलियाँ प्राप्त कर सकते हैं।

JAC Class 9 Science Notes Chapter 15 खाद्य संसाधनों में सुधार

→ मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए उनका संवर्धन समुद्र तथा अन्तः स्थली पारिस्थितिक प्रणालियों में कर सकते हैं।

→ समुद्री मछलियों को पकड़ने के लिए प्रतिध्वनि ध्वनित्र तथा उपग्रह द्वारा निर्देशित मछली पकड़ने के जाल का प्रयोग करते हैं।

→ मिश्रित मछली संवर्धन तन्त्र प्रायः मत्स्य पालन के लिए अपनाते हैं।

→ मधुमक्खी पालन मधु तथा मोम को प्राप्त करने के लिए किया जाता है।

JAC Class 9 Maths Important Questions Chapter 3 निर्देशांक

Jharkhand Board JAC Class 9 Maths Important Questions Chapter 3 निर्देशांक Important Questions and Answers.

JAC Board Class 9th Maths Important Questions Chapter 3 निर्देशांक

प्रश्न 1.
बिन्दु (3, 4) की Y-अक्ष से दूरी होगी :
(A) 1
(B) 4
(C) 2
(D) 3
हल :
∵ x अक्ष का निर्देशांक 3 है।
∴ अतः Y-अक्ष से दूरी 3 होगी।
∴ सही विकल्प ‘D’ है।

JAC Class 9 Maths Important Questions Chapter 3 निर्देशांक

प्रश्न 2.
बिन्दु (5, -2) की X- अक्ष से दूरी होगी :
(A) 5
(B) – 2
(C) 3
(D) 4
हल :
∵ Y अक्ष का निर्देशांक = – 2
अत: X- अक्ष से दूरी = – 2
∴ सही विकल्प ‘B’ है।

प्रश्न 3.
यदि समतल में किसी बिन्दु के निर्देशांक (2, – 1) हों, तो यह बिन्दु कौन-से चतुर्थांश में होगा ?
(A) प्रथम
(B) द्वितीय
(C) तृतीय
(D) चतुर्थ ।
हल :
बिन्दु (2, -1) में X- अक्ष का निर्देशांक धनात्मक और Y – अक्ष का निर्देशांक ऋणात्मक है।
समतल में (+, -) निर्देशांक, चतुर्थ चतुर्थांश में स्थित होते हैं।
अत: बिन्दु (2, – 1) चतुर्थ चतुर्थाश में स्थित होगा।
∴ सही विकल्प ‘D’ है।

प्रश्न 4.
समतल में X- अक्ष पर एक बिन्दु के निर्देशांक होंगे :
(A) (x, 0)
(B) (0, x)
(C) (y, 0)
(D) (0, y)
हल :
X- अक्ष पर स्थित बिन्दु का y निर्देशांक 0 होगा।
अतः समतल में X- अक्ष पर किसी बिन्दु के निर्देशांक (x, 0) होंगे।
∴ सही विकल्प ‘A’ है।

JAC Class 9 Maths Important Questions Chapter 3 निर्देशांक

प्रश्न 5.
समतल में Y-अक्ष पर एक बिन्दु के निर्देशांक होंगे :
(A) (- y, 0)
(B) (0, y)
(C) (x, 0)
(D) (y, 0)
हल :
Y-अक्ष पर स्थित बिन्दु का x निर्देशांक () होता है। अत: समतल में Y-अक्ष पर किसी बिन्दु के निर्देशांक (0. १) होंगे।
∴ सही विकल्प ‘B’ है।

प्रश्न 6.
तृतीय चतुर्थांश में किसी बिन्दु के निर्देशांक होते हैं :
(A) (+, -)
(B) (-, -)
(C) (-, +)
(D) (+, +)
हल :
तृतीय चतुर्थांश में स्थित बिन्दु के X- और Y-अक्ष पर निर्देशांक ऋणात्मक होते हैं।
∴ सही विकल्प ‘B’ है।

प्रश्न 7.
क्षैतिज रेखा किस अक्ष को निरूपित करती है ?
(A) X- अक्ष
(B) Y-अक्ष
(C) X- अक्ष और Y-अक्ष
(D) इनमें से कोई नहीं
हल :
क्षैतिज रेखा X- अक्ष को निरूपित करती है।
∴ सही विकल्प ‘A’ है।

JAC Class 9 Maths Important Questions Chapter 3 निर्देशांक

प्रश्न 8.
निर्देशांक ज्यामिति के जन्मदाता थे :
(A) रेने देकार्ते
(B) यूक्लिड
(C) जॉन प्लेफेयर
(D) थेल्स।
हल :
निर्देशांक ज्यामिति के जन्मदाता ‘रेने देकार्ते’ थे।
∴ सही विकल्प ‘A’ है।

प्रश्न 9.
दिये गये चित्र से बिन्दु P, Q, R, S के निर्देशांक लिखिए।
JAC Class 9 Maths Important Questions Chapter 3 निर्देशांक - 1
हल :
निर्देशांक P(5, 3), Q(-4, 6), R( – 3, – 2), तथा S( 1 – 5).

प्रश्न 10.
निम्नलिखित निर्देशांकों वाले बिन्दुओं को आलेखित कीजिए :
(1, 2), (1,3), (-2,-4), (3,2), (2, 0), (0, 3).
हल :
बिन्दु (1, 2), B ( – 1, 3), C ( – 2, – 4), D (3, – 2), E(2, 0) तथा F(0, 3) का आलेख निर्देशांक अक्ष खींचकर अग्र प्रकार करते हैं-
JAC Class 9 Maths Important Questions Chapter 3 निर्देशांक - 2

JAC Class 9 Maths Important Questions Chapter 3 निर्देशांक

प्रश्न 11.
आयतीय निर्देशांक निकाय में बिन्दु (2, 4), (- 2, 3), (4, 3) और (5, -2) को आलेखित कीजिए।
हल :
JAC Class 9 Maths Important Questions Chapter 3 निर्देशांक - 3
आयतीय निर्देशांक XOX’ और YOY’ पर दिए गए बिन्दुओं (2, 4), (- 2, 3), (-4, – 3) और (5, – 2) को चित्रानुसार चिन्हित किया जाता है।

प्रश्न 12.
आयतीय निर्देशांक अक्षों को लेते हुए बिन्दु O(0, 0), P(3, 0) और R(0, 4) को आलेखित कीजिए । यदि OPQR एक आयत हो, तो बिन्दु Q के निर्देशांक ज्ञात कीजिए ।
हल :
XOX’ और YOY’ दो परस्पर लम्बवत् रेखाएँ खींचीं जो बिन्दु पर काटती हैं। इस पर हमने 0(0, 0), P(3, 0) और R (0, 4) को आलेखित किया।
JAC Class 9 Maths Important Questions Chapter 3 निर्देशांक - 4
∵ OPQR एक आयत है (दिया है)
∴ बिन्दु P से Y अक्ष के समान्तर तथा बिन्दु R से X- अक्ष के समान्तर रेखाएं खींचीं जो एक दूसरे को Q बिन्दु पर प्रतिच्छेदित करती हैं। चित्रानुसार Q बिन्दु के निर्देशांक (3, 4) होंगे।

JAC Class 9 Maths Important Questions Chapter 3 निर्देशांक

प्रश्न 13.
दिये गये चित्र से 4, B, C, D और E बिन्दुओं के निर्देशांक ज्ञात कीजिए।
JAC Class 9 Maths Important Questions Chapter 3 निर्देशांक - 5
हल :
बिन्दु A के निर्देशांक (-3, -3)
बिन्दु B के निर्देशांक (-4, 2)
बिन्दु C के निर्देशांक (0, 4)
बिन्दु D के निर्देशांक (4, 2)
बिन्दु E के निर्देशांक (3 – 3) हैं।

JAC Class 11 Political Science Important Questions Chapter 2 स्वतंत्रता

Jharkhand Board JAC Class 11 Political Science Important Questions Chapter 2 स्वतंत्रता Important Questions and Answers.

JAC Board Class 11 Political Science Important Questions Chapter 2 स्वतंत्रता

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. ‘लाँग वाक टू फ्रीडम’ किस व्यक्ति की आत्मकथा का शीर्षक है।
(अ) महात्मा गांधी
(ब) नेल्सन मण्डेला
(स) जवाहर लाल नेहरू
(द) ऑग सान सू की
उत्तर:
(ब) नेल्सन मण्डेला

2. ‘फ्रीडम फ्राम फीयर’ पुस्तक की रचयिता है।
(अ) आँग सान सू की
(ब) श्रीमती विजया लक्ष्मी पंडित
(स) सुलमान रुश्दी
(द) ऑग सान सू की
उत्तर:
(अ) आँग सान सू की

3. ” मेरे लिए वास्तविक मुक्ति भय से मुक्ति है ।” यह कथन है।
(अ) जे. एस. मिल का
(ब) लॉक का
(स) नेल्सन मण्डेला का
(द) दीपा मेहता
उत्तर:
(द) दीपा मेहता

4. नकारात्मक स्वतंत्रता से आशय है।
(अ) ऐसी स्थितियों का होना जिसमें लोग अपनी प्रतिभा का विकास कर सकें
(ब) व्यक्ति की रचनाशीलता और क्षमताओं के विकास को बढ़ावा देना
(स) युक्तियुक्ति प्रतिबन्धों से युक्त स्वतंत्रता
(द) व्यक्ति पर बाहरी प्रतिबन्धों का अभाव
उत्तर:
(द) व्यक्ति पर बाहरी प्रतिबन्धों का अभाव

JAC Class 11 Political Science Important Questions Chapter 2 स्वतंत्रता

5. जॉन स्टुअर्ट मिल की पुस्तक का नाम है।
(अ) लाँग वॉक टू फ्रीडम
(स) ऑन लिबर्टी
(ब) फ्रीडम फार फीयर
(द) द सेटानिक वर्सेस
उत्तर:
(स) ऑन लिबर्टी

6. निम्न में से जो पुस्तक समाज के कुछ हिस्सों में विरोध के बाद प्रतिबंधित कर दी गई, वह थी।
(अ) ऑन लिबर्टी
(ब) लाँग वाक टू फ्रीडम
(स) द सेटानिक वर्सेस
(द) फ्रीडम फार फीयर
उत्तर:
(स) द सेटानिक वर्सेस

7. ” राज्य को जहाँ तक संभव हो, व्यक्ति के मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।” उक्त कथन है।
(अ) लास्की का
(ब) मिल का
(स) सीले का
(द) मार्क्स का
उत्तर:
(ब) मिल का

8. निम्नांकित में से जान स्टुअर्ट मिल का राजनीतिक सिद्धान्त था
(अ) लाभ का सिद्धान्त
(ब) हानि का सिद्धान्त
(स) उपर्युक्त दोनों
(द) आदर्शवादियों द्वारा
उत्तर:
(स) उपर्युक्त दोनों

9. प्राकृतिक स्वतंत्रता की अवधारणा संबंधित है।
(अ) लास्की से
(ब) मार्क्स से
(स) रूसो से
(द) महात्मा गाँधी से
उत्तर:
(स) रूसो से

JAC Class 11 Political Science Important Questions Chapter 2 स्वतंत्रता

10. आर्थिक स्वतंत्रता पर सर्वाधिक जोर दिया गया था
(अ) व्यक्तिवादियों द्वारा
(ब) मार्क्सवादियों द्वारा
(स) उदारवादियों द्वारा
(द) आदर्शवादियों द्वारा
उत्तर:
(अ) व्यक्तिवादियों द्वारा

रिक्त स्थानों की पूर्ति करें

1. ……………….. के अनुसार गरिमापूर्ण मानवीय जीवन जीने के लिए जरूरी है कि हम भय पर विजय पाएं।
उत्तर:
आंग सान सू की

2. ……………….. बाहरी प्रतिबंधों का अभाव तथा ऐसी परिस्थितियों का होना है, जिनमें लोग अपनी प्रतिभा का विकास कर सकें।
उत्तर:
स्वतंत्रता

3. ………………… मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा।
उत्तर:
स्वराज्य

4. मिल ने ‘स्वसंबद्ध’ और ………………… कार्यों में अन्तर बताया है
उत्तर:
परसंबद्ध

5. स्वतंत्रता हमारे ” ………………….चुनने के सामर्थ्य और क्षमताओं में छुपी होती है।
उत्तर:
विकल्प

निम्नलिखित में से सत्य / असत्य कथन छाँटिये-

1. व्यक्ति पर बाहरी प्रतिबंधों का अभाव ही स्वतंत्रता है।
उत्तर:
असत्य

2. स्वतंत्रता वह स्थिति है, जिसमें लोग अपनी रचनात्मकता और क्षमताओं का विकास कर सकें।
उत्तर:
सत्य

3. हमें कुछ प्रतिबंधों की तो जरूरत है, अन्यथा समाज अव्यवस्था के गर्त में पहुँच जाएगा।
उत्तर:
सत्य

4. स्वतंत्रता पर सामाजिक असमानता से जनित प्रतिबंधों को दूर करने की जरूरत नहीं है।
उत्तर:
असत्य

5. स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में राज्य किसी व्यक्ति को ऐसे कार्य करने से रोक सकता है जो किसी अन्य को हानि पहुँचाता हो।
उत्तर:
सत्य

निम्नलिखित स्तंभों के सही जोड़े बनाइये

1. जॉन स्टुअर्ट मिल(अ) हिंद स्वराज्य
2. महात्मा गाँधी(ब) फ्रीडम फ्राम फीयर
3. ऑग सान सू की(स) लाँग वाक टू फ्रीडम
4. नेल्सन मंडेला(द) द सेटानिक वर्सेस
5. सलमान रुश्दी(य) ऑन लिबर्टी

उत्तर:

1. जॉन स्टुअर्ट मिल(य) ऑन लिबर्टी
2. महात्मा गाँधी(अ) हिंद स्वराज्य
3. ऑग सान सू की(ब) फ्रीडम फ्राम फीयर
4. नेल्सन मंडेला(स) लाँग वाक टू फ्रीडम
5. सलमान रुश्दी(द) द सेटानिक वर्सेस

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
स्वतंत्रता की नकारात्मक परिभाषा लिखिये।
अथवा
नकारात्मक दृष्टि से स्वतंत्रता का क्या आशय है?
उत्तर:
नकारात्मक दृष्टि से स्वतंत्रता ‘व्यक्ति पर बाहरी प्रतिबन्धों का अभाव’ है।

प्रश्न 2.
सकारात्मक दृष्टि से स्वतंत्रता से क्या आशय है?
उत्तर:
सकारात्मक दृष्टि से स्वतंत्रता ऐसी स्थितियों के होने से है जिनमें लोग अपनी प्रतिभा का विकास कर सकें।

प्रश्न 3.
स्वतंत्रता का शाब्दिक अर्थ क्या है?
उत्तर:
स्वतंत्रता का शाब्दिक अर्थ है- बन्धनों का अभाव।

JAC Class 11 Political Science Important Questions Chapter 2 स्वतंत्रता

प्रश्न 4.
हमें स्वतंत्रता पर प्रतिबन्धों की आवश्यकता क्यों है?
उत्तर:
हमें अपनी स्वतंत्रता को बचाने तथा एक समूह के विचारों को दूसरे समूह पर आरोपित किए बिना आपसी अंतरों पर चर्चा हो सकने की स्थिति को सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्रता पर प्रतिबंधों की आवश्यकता है।

प्रश्न 5.
जॉन स्टुअर्ट मिल ने व्यक्ति के कार्यों को कितने भागों में बाँटा है? उनके नाम लिखिये।
उत्तर:
मिल ने व्यक्ति के कार्यों को दो भागों:

  1. स्व-सम्बद्ध कार्य
  2. पर सम्बद्ध कार्य में बाँटा है।

प्रश्न 6.
स्वतंत्रता के लिए संघर्ष से जुड़े किन्हीं दो व्यक्तियों के नाम लिखो।
उत्तर:

  1. नेल्सन मण्डेला और
  2. ऑग सान सू की।

प्रश्न 7.
ऑग सान सू की किस देश की हैं? और उन्हें संघर्ष की प्रेरणा कहाँ से प्राप्त हुई?
उत्तर:
ऑग सान सू की म्यांमार की हैं और गाँधीजी के अहिंसा के विचारों से उन्हें संघर्ष की प्रेरणा मिली।

प्रश्न 8.
ऑग सान सू की कां एक मुख्य विचार बताइए।
उत्तर:
आँग सान सू की के अनुसार गरिमापूर्ण मानवीय जीवन जीने के लिए आवश्यक है कि हम भय पर विजय पाएं।

प्रश्न 9.
स्व-सम्बद्ध कार्य कौनसे हैं?
उत्तर:
स्व-सम्बद्ध कार्य वे हैं जिनके प्रभाव केवल इन कार्यों को करने वाले व्यक्ति पर पड़ते हैं।

JAC Class 11 Political Science Important Questions Chapter 2 स्वतंत्रता

प्रश्न 10.
पर-सम्बद्ध कार्य कौनसे हैं?
उत्तर:
पर-सम्बद्ध कार्य वे हैं जिनका प्रभाव कर्ता के साथ-साथ अन्य लोगों पर भी पड़ता है।

प्रश्न 11.
भारतीय राजनीतिक विचारों में स्वतंत्रता की समानार्थी अवधारणा क्या है?
उत्तर:
भारतीय राजनीतिक विचारों में स्वतंत्रता की समानार्थी अवधारणा है स्वराज।

प्रश्न 12.
लोकमान्य तिलक ने ‘स्वराज्य’ के बारे में क्या कहा था?
उत्तर:
लोकमान्य तिलक ने कहा था कि ‘स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा!’

प्रश्न 13.
एक स्वतंत्र समाज कौनसा होता है?
उत्तर:
एक स्वतंत्र समाज वह होता है जिसमें व्यक्ति अपने हित संवर्धन न्यूनतम प्रतिबंधों के बीच करने में स्वतंत्र

प्रश्न 14.
स्वतंत्रता को बहुमूल्य क्यों माना जाता है?
उत्तर:
स्वतंत्रता को बहुमूल्य इसलिए माना जाता है क्योंकि इससे व्यक्ति अपने विवेक और निर्णय की शक्ति का प्रयोग कर पाते हैं।

प्रश्न 15.
किन्हीं दो प्रतिबंधित नाटकों के नाम लिखिये।
उत्तर:

  1. द लास्ट टेम्पटेशन आफ क्राइस्ट
  2. रामायण रिटोल्ड

प्रश्न 16.
द सेटानिक वर्सेस पुस्तक के लेखक का नाम लिखिये।
उत्तर:
सलमान रुश्दी।

प्रश्न 17.
‘ऑन लिबर्टी’ पुस्तक की रचना किसने की थी?
उत्तर:
जान स्टुअर्ट मिल।

प्रश्न 18.
नेल्सन मंडेला ने किस देश की आजादी के लिए संघर्ष किया?
उत्तर:
दक्षिण अफ्रीका।

प्रश्न 19.
मंडेला ने किसके लिए संघर्ष किया था?
उत्तर:
मंडेला ने श्वेत और अश्वेत दोनों लोगों के लिए संघर्ष किया था।

प्रश्न 20.
जॉन स्टुअर्ट मिल ने किन दो कार्यों में अन्तर बताया था?
उत्तर:
स्व-संबद्ध और पर संबद्ध कार्यों में।

JAC Class 11 Political Science Important Questions Chapter 2 स्वतंत्रता

प्रश्न 21.
‘मानव स्वतंत्र पैदा होता है लेकिन वह प्रत्येक जगह जंजीरों से जकड़ा हुआ है ।” उक्त विचार किस विद्वान से संबंधित हैं ?
उत्तर:
जीन जैक्स रूसो से।

प्रश्न 22.
जॉन स्टुअर्ट मिल के अनुसार स्वतंत्रता का अधिकार किस आधार पर प्रतिबंधित किया जा सकता है?
उत्तर:
मिल के अनुसार, स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में राज्य किसी व्यक्ति को ऐसे कार्य करने से रोक सकता है जो किसी अन्य को गंभीर हानि पहुँचाता हो। अर्थात् स्वतंत्रता का अधिकार ‘हानि सिद्धान्त’ के आधार पर प्रतिबंधित किया जा सकता है।

प्रश्न 23.
मिल के अनुसार छोटी-मोटी हानि के लिए व्यक्ति के विरुद्ध कौन-सी कार्यवाही करनी चाहिए?
उत्तर:
मिल के अनुसार छोटी-मोटी हानि के लिए व्यक्ति के विरुद्ध केवल सामाजिक असहमति दर्शानी चाहिए।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
स्वतंत्रता के लिए संघर्ष लोगों की किस आकांक्षा को दिखाता है?
उत्तर:
स्वतंत्रता के लिए संघर्ष लोगों की इस आकांक्षा को दिखाता है कि वे अपने जीवन और नियति का नियंत्रण स्वयं करें तथा उनका अपनी इच्छाओं और गतिविधियों को स्वतंत्रता से व्यक्त करने का अवसर बना रहे ।

प्रश्न 2.
व्यक्ति की स्वतंत्रता की कुछ सीमाएँ क्यों आवश्यक हैं?
उत्तर:
व्यक्ति की स्वतंत्रताओं की कुछ सीमाएँ इसलिए आवश्यक हैं कि

  1. ये सीमाएँ हमें असुरक्षा से मुक्त करती हैं।
  2. ये सीमाएँ ऐसी स्थितियाँ प्रदान करती हैं, जिनमें हम अपना विकास कर सकें।

प्रश्न 3.
मंडेला व उनके साथियों के लिए ‘लाँग वॉक टू फ्रीडम’ क्या था?
उत्तर:
मंडेला व उनके साथियों के लिए दक्षिण अफ्रीका के रंगभेदी शासन के अन्यायपूर्ण प्रतिबन्धों और स्वतंत्रता के रास्ते की बाधाओं को दूर करने का संघर्ष ‘लाँग वाक टू फ्रीडम’ था।

प्रश्न 4.
नकारात्मक दृष्टि से स्वतंत्रता का क्या आशय है?
अथवा
स्वतंत्रता का नकारात्मक दृष्टिकोण किन विचारों पर आधारित है?
उत्तर:
स्वतंत्रता का नकारात्मक दृष्टिकोण अग्र विचारों पर आधारित है।

  1. स्वतंत्रता का अभिप्राय है प्रतिबन्धों का अभाव।
  2. व्यक्ति पर राज्य का कोई नियंत्रण नहीं होना चाहिए।
  3. वह सरकार सर्वोत्तम है जो कम-से- -कम शासन करे।

JAC Class 11 Political Science Important Questions Chapter 2 स्वतंत्रता

प्रश्न 5.
सकारात्मक दृष्टि से स्वतंत्रता का क्या आशय है?
उत्तर:
सकारात्मक दृष्टि से स्वतंत्रता का आशय है-ऐसी स्थितियों का होना जिनमें सभी लोग अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकें। इस अर्थ में स्वतंत्रता व्यक्ति की रचनाशीलता, संवेदनशीलता और क्षमताओं के भरपूर विकास को बढ़ावा देती है।

प्रश्न 6.
संक्षेप में बताइये कि क्या पूर्ण स्वतंत्रता संभव है?
उत्तर:
पूर्ण स्वतंत्रता संभव नहीं है क्योंकि पूर्ण स्वतंत्रता से आशय है कि व्यक्ति के कार्यों पर किसी भी प्रकार का कोई प्रतिबन्ध न हो, वह मनमाना व्यवहार कर सके। ऐसा करने पर अराजकता की स्थिति पैदा हो जायेगी और स्वतंत्रता नष्ट हो जायेगी।

प्रश्न 7.
हमें स्वतंत्रता पर प्रतिबन्धों की आवश्यकता क्यों है?
उत्तर:

  1. हमें सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए स्वतंत्रता पर प्रतिबन्धों की आवश्यकता है।
  2. हमें अपनी स्वतंत्रता को बचाने के लिए भी कानूनी संरक्षण हेतु प्रतिबन्धों की आवश्यकता है।

प्रश्न 8.
हानि का सिद्धांन्त क्या है?
उत्तर:
सभ्य समाज के किसी सदस्य की इच्छा के खिलाफ शक्ति के औचित्यपूर्ण प्रयोग का एकमात्र उद्देश्य किसी अन्य को हानि से बचाना हो सकता है।” यही मिल का हानि का सिद्धान्त है। इस सिद्धान्त के अनुसार, स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में राज्य किसी व्यक्ति को ऐसे कार्य करने से रोक सकता है, जो किसी अन्य को हानि पहुँचाता हो। लेकिन प्रतिबंध लगाने के लिए आवश्यक है कि किसी को होने वाली हानि गंभीर हो।

प्रश्न 9.
” स्वतंत्रता व्यक्ति पर बाहरी प्रतिबन्धों का अभाव है।” इस कथन को स्पष्ट कीजिये।
उत्तर:
इस कथन का आशय यह है कि यदि किसी व्यक्ति पर बाहरी नियंत्रण या दबाव न हो और वह बिना किसी पर निर्भर हुए निर्णय ले सके तथा स्वायत्त तरीके से व्यवहार कर सके, तो वह व्यक्ति स्वतंत्र माना जा सकता है । इस कथन का व्यावहारिक अर्थ है। उन सामाजिक प्रतिबन्धों का कम-से-कम होना जो हमारी स्वतंत्रतापूर्वक चयन की क्षमता पर रोक-टोक लगाते हैं

प्रश्न 10.
” स्वतंत्रता ऐसी स्थितियों का होना है जिनमें लोग अपनी प्रतिभा का विकास कर सकें ।” इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
इस कथन का आशय यह है कि स्वतंत्र होने के लिए समाज को उन बातों को विस्तार देना चाहिए, जिससे व्यक्ति, समूह, समुदाय राष्ट्र अपने भाग्य, दिशा और स्वरूप का निर्धारण करने में समर्थ हो सकें । अतः स्वतंत्रता वहं स्थिति है जिसमें लोग अपनी रचनात्मकता और क्षमताओं का भरपूर विकास कर सकें।

प्रश्न 11.
व्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबन्धों के स्रोतों का उल्लेख कीजिये।
उत्तर:
प्रतिबन्धों के स्रोत:

  1. व्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध प्रभुत्व और बाहरी नियंत्रण से लग सकते हैं। ये प्रतिबंध बलपूर्वक या सरकार द्वारा ऐसे कानून की मदद से लगाए जा सकते हैं, जो शासकों की ताकत का प्रतिनिधित्व करें।
  2. स्वतंत्रता पर प्रतिबंध सामाजिक असमानता के कारण भी हो सकते हैं जैसा कि जाति व्यवस्था में होता है।
  3. समाज में अत्यधिक आर्थिक असमानता के कारण भी स्वतंत्रता पर अंकुश लग सकते हैं।

JAC Class 11 Political Science Important Questions Chapter 2 स्वतंत्रता

प्रश्न 12.
राष्ट्रीय स्वतंत्रता से क्या आशय है?
उत्तर:
राष्ट्रीय स्वतंत्रता का अर्थ है। स्वराज्य की प्राप्ति। राष्ट्रीय स्वतंत्रता के अन्तर्गत प्रत्येक राष्ट्र का यह अधिकार है कि वह स्वतंत्रतापूर्वक अपनी नीतियों का निर्धारण कर सके तथा उन्हें लागू कर सके। परतंत्र देशों द्वारा अपने राष्ट्र की स्वतंत्रता की मांग करना राष्ट्रीय स्वतंत्रता है। 20वीं शताब्दी में अफ्रीका व एशिया के बहुत से देशों ने अपनी राष्ट्रीय स्वतंत्रता प्राप्त की।

प्रश्न 13.
स्वतंत्रता के सकारात्मक पक्ष की दो विशेषताएँ लिखिये।
उत्तर:
स्वतंत्रता के सकारात्मक पक्ष की दो प्रमुख विशेषताएँ ये हैं।

  1. सकारात्मक स्वतंत्रता के समर्थक उचित प्रतिबन्धों को स्वीकार करते हैं लेकिन वे अनुचित प्रतिबंधों के विरोधी हैं।
  2. सकारात्मक स्वतंत्रता का सम्बन्ध समाज की सम्पूर्ण दशाओं से है, न कि केवल कुछ क्षेत्र से।

प्रश्न 14.
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का क्या अर्थ है?
उत्तर:
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से यह आशय है कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने विचारों को दूसरों या समाज के समक्ष व्यक्त करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अन्तर्गत भाषण देने तथा लेखन द्वारा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी शामिल है।

प्रश्न 15.
स्वतंत्रता की नकारात्मक और सकारात्मक अवधारणा में कोई दो अन्तर लिखिये।
उत्तर:

  1. स्वतन्त्रता की नकारात्मक अवधारणा स्वतंत्रता को बाहरी नियंत्रणों के अभाव के रूप में देखती है जबकि सकारात्मक अवधारणा व्यक्ति के व्यक्तित्व के विकास के अवसरों के विस्तार के रूप में देखती है।
  2. नकारात्मक स्वतंत्रता में राज्य का व्यक्ति पर बहुत सीमित नियंत्रण होता है जबकि सकारात्मक स्वतंत्रता में राज्य व्यक्ति के कल्याण के लिए उसके सभी क्षेत्रों में हस्तक्षेप कर सकता है।

प्रश्न 16.
नेल्सन मंडेला की आत्मकथा ‘लॉंग वाक टू फ्रीडम’ पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिये।
उत्तर:
लॉंग वाक टू फ्रीडम (स्वतंत्रता के लिए लम्बी यात्रा): इस पुस्तक में मंडेला ने दक्षिण अफ्रीका के रंगभेदी शासन के खिलाफ अपने व्यक्तिगत संघर्ष, गोरे लोगों के शासन की अलगाववादी नीतियों के खिलाफ लोगों के प्रतिरोध और दक्षिण अफ्रीका के रंगभेदी शासन के खिलाफ अपने व्यक्तिगत संघर्ष, गोरे लोगों के शासन की अलगाववादी नीतियों के खिलाफ लोगों के प्रतिरोध और दक्षिण अफ्रीका के काले लोगों द्वारा झेले गए अपमान, कठिनाइयों और पुलिस अत्याचार का वर्णन किया गया है।

इन अलगाववादी नीतियों में एक शहर में घेराबंदी किए जाने और देश में मुक्त आवागमन पर रोक लगाने से लेकर विवाह करने में मुक्त चयन तक पर प्रतिबंध लगाना शामिल है। सामूहिक रूप से इन सभी प्रतिबन्धों को नस्ल के आधार पर भेदभाव करने वाली रंगभेदी सरकार ने जबरदस्ती लागू किया था। मंडेला और उनके साथियों के लिए इन्हीं अन्यायपूर्ण प्रतिबंधों और स्वतंत्रता के रास्ते की बाधाओं को दूर करने का संघर्ष ‘लॉंग वाक टू फ्रीडम’ था। मंडेला का यह संघर्ष काले और अन्य लोगों के साथ-साथ श्वेत लोगों के लिए भी था।

प्रश्न 17.
स्वतंत्रता की अवधारणा के नकारात्मक व सकारात्मक पक्ष को स्पष्ट कीजिये। स्वतंत्रता की अवधारणा को स्पष्ट कीजिये।
अथवा
उत्तर:
स्वतंत्रता की अवधारणा: स्वतंत्रता बाहरी प्रतिबन्धों का अभाव और ऐसी स्थितियों का होना है, जिनमें लोग अपनी प्रतिभा का विकास कर सकें। स्वतंत्रता की इस अवधारणा के दो पक्ष हैं।

  1. नकारात्मक पक्ष और
  2. सकारात्मक पक्ष। यथा

1. स्वतंत्रता का नकारात्मक पक्ष:
स्वतंत्रता का नकारात्मक पक्ष यह है कि ‘व्यक्ति पर बाहरी प्रतिबंधों का अभाव ही स्वतंत्रता है।’ इसका अभिप्राय यह है कि यदि किसी व्यक्ति पर बाहरी नियंत्रण या दबाव न हो और वह बिना किसी पर निर्भर हुए निर्णय ले सके तथा स्वायत्त तरीके से व्यवहार कर सके, तो वह व्यक्ति स्वतंत्र माना जा सकता है। लेकिन समाज में रहने वाला कोई भी व्यक्ति हर किस्म की सीमा और प्रतिबन्धों की पूर्ण अनुपस्थिति की आशा नहीं कर सकता। इसलिए यहाँ स्वतंत्र होने का अर्थ उन सामाजिक प्रतिबन्धों का कम से कम होना है, जो हमारी स्वतंत्रतापूर्वक चयन करने की क्षमता पर रोक-टोक लगाए।

2. स्वतंत्रता का सकारात्मक पक्ष:
स्वतंत्रता का सकारात्मक पक्ष यह है कि ऐसी स्थितियों का होना जिनमें लोग अपनी प्रतिभा का विकास कर सकें। इसका अभिप्राय यह है कि स्वतंत्र होने के लिए समाज को उन बातों का विस्तार देना चाहिए जिससे व्यक्ति, समूह, समुदाय या राष्ट्र अपने भाग्य की दिशा और स्वरूप निर्धारण करने में समर्थ हो सके। इस अर्थ में स्वतंत्रता व्यक्ति की रचनाशीलता, संवेदनशीलता और क्षमताओं के भरपूर विकास को बढ़ावा देती है। प्रायः स्वतंत्रता के ये दोनों पक्ष साथ-साथ चलते हैं और एक-दूसरे का समर्थन करते हैं।

JAC Class 11 Political Science Important Questions Chapter 2 स्वतंत्रता

प्रश्न 18.
स्वतंत्रता के मार्ग में आने वाले बाधक तत्वों को लिखिये।
उत्तर:
स्वतंत्रता के मार्ग में आने वाले प्रमुख बाधक तत्व अग्रलिखित हैं।

  1. प्रभुत्व तथा बाहरी नियंत्रण: व्यक्ति की स्वतंत्रता के मार्ग में आने वाला प्रमुख बाधक तत्व है। प्रभुत्व तथा बाहरी नियंत्रण। ये बलपूर्वक या सरकार द्वारा ऐसे कानून की मदद से लगाये जा सकते हैं जो शासकों की ताकतों का प्रतिनिधित्व करें। ऐसे कानून उपनिवेशवादी शासकों ने या दक्षिणी अफ्रीका में रंगभेद की व्यवस्था ने लगाये।
  2. सामाजिक असमानता: स्वतंत्रता के मार्ग में आने वाला बाधक तत्व सामाजिक असमानता भी हो सकती है। जैसा कि जाति-व्यवस्था में होता है।
  3. आर्थिक असमानता: समाज में अत्यधिक आर्थिक असमानता के कारण भी स्वतंत्रता पर अंकुश लग सकते

प्रश्न 19.
स्वतन्त्रता का अर्थ बताते हुए उसकी एक परिभाषा दीजिये।
उत्तर:
स्वतंत्रता का अर्थ है। बाहरी प्रतिबंधों का अभाव और ऐसी स्थितियों का होना जिनमें लोग अपनी प्रतिभा का विकास कर सकें। अतः स्वतंत्रता का आशय ऐसी स्थितियों के होने से है जिनमें व्यक्ति न्यूनतम सामाजिक अवरोधों के साथ अपनी संभावनाओं का विकास कर सके। लास्की के शब्दों में, “स्वतंत्रता का तात्पर्य उस वातावरण को बनाए रखना है जिससे व्यक्ति को अपने जीवन में सर्वोत्तम विकास करने की सुविधा प्राप्त हो। ”

प्रश्न 20.
भारतीय राजनीतिक विचारों में स्वतंत्रता की समानार्थी विचारधारा क्या है? उसका विश्लेषण कीजिए।
उत्तर:
स्वराज:भारतीय राजनीतिक विचारों में स्वतंत्रता की समानार्थी अवधारणा स्वराज है। स्वराज का अर्थ ‘स्व’ का शासन भी हो सकता है और ‘स्व’ के ऊपर शासन भी हो सकता है। यथा

1. स्व का शासन:
भारत के स्वतंत्रता संघर्ष के संदर्भ में स्वराज ‘स्व के शासन’ के लिए राजनीतिक और संवैधानिक स्तर पर स्वतंत्रता की माँग है और सामाजिक तथा सामूहिक स्तर पर यह एक मूल्य है। इसीलिए स्वराज स्वतंत्रता आंदोलन में एक महत्त्वपूर्ण नारा बन गया। इसने ही तिलक को इस महत्त्वपूर्ण कथन ‘स्वराज मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूँगा।’ के लिए प्रेरित किया।

2. स्व के ऊपर शासन:
स्वराज का आशय ‘अपने ऊपर अपना राज’ भी है। स्वराज की यही समझ गांधी के ‘हिंद स्वराज’ में प्रकट हुई है। उनके अनुसार ‘जब हम स्वयं पर शासन करना सीखते हैं, तभी स्वराज है।’ इस प्रकार स्वराज केवल स्वतंत्रता नहीं है; बल्कि ऐसी संस्थाओं से मुक्ति भी है, जो मनुष्य को उसकी मनुष्यता से वंचित करती है। अतः स्वराज में मानव को यंत्रवत बनाने वाली संस्थाओं से मुक्ति पाने के साथ आत्मसम्मान, दायित्वबोध और आत्मसाक्षात्कार को पाना भी है।

प्रश्न 21.
स्वतंत्रता के बारे में नेताजी सुभाषचन्द्र के विचारों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
स्वतंत्रता के बारे में नेताजी सुभाषचन्द्र के विचार नेताजी सुभाषचन्द्र बोस का कहना है कि स्वतंत्रता से मेरा आशय ऐसी सर्वांगीण स्वतंत्रता से है – जो व्यक्ति और समाज की हो, अमीर और गरीब की हो, स्त्रियों और पुरुषों की हो तथा सभी लोगों और सभी वर्गों की हो। इस स्वतंत्रता का मतलब न केवल राजनीतिक परतंत्रता से मुक्ति होगा बल्कि सम्पत्ति का समान बंटवारा, जातिगत अवरोधों और सामाजिक असमानताओं का अंत तथा साम्प्रदायिकता और धार्मिक असहिष्णुता का सर्वनाश भी होगा।

JAC Class 11 Political Science Important Questions Chapter 2 स्वतंत्रता

प्रश्न 22.
स्वतंत्रता का ‘हानि सिद्धान्त’ क्या है? इसकी व्याख्या कीजिये।
उत्तर:
हानि सिद्धान्त जॉन स्टुअर्ट मिल ने स्वतंत्रता पर प्रतिबंध के सम्बन्ध में जिस मुद्दे को बहुत प्रभावपूर्ण तरीके से उठाया है, उसे राजनीतिक सिद्धान्त के विमर्श में ‘हानि सिद्धान्त’ कहा जाता है। ‘हानि – सिद्धान्त’ यह है कि किसी के कार्य करने की स्वतंत्रता में व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से हस्तक्षेप करने का इकलौता लक्ष्य आत्म-रक्षा है। सभ्य समाज के किसी सदस्य की इच्छा के खिलाफ शक्ति के औचित्यपूर्ण प्रयोग का एकमात्र उद्देश्य अन्य को हानि से बचाना हो सकता है।

मिल का कहना है कि व्यक्ति के स्व-सम्बद्ध कार्यों और निर्णयों के मामले में राज्य या बाहरी सत्ता को कोई हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं हैं। इसके विपरीत उसके ‘पर-सम्बद्ध कार्यों’ में, जो दूसरों पर प्रभाव डालते हैं, या जिनसे बाकी लोगों को कुछ हानि हो सकती है, बाहरी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। दूसरे शब्दों में मिल का कहना है। कि स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में राज्य किसी व्यक्ति को ऐसे कार्य करने से रोक सकता है, जो किसी अन्य को हानि पहुँचाता हो।

लेकिन प्रतिबंध लगाने के लिए जरूरी है कि किसी को होने वाली हानि गंभीर हो। छोटी-मोटी हानि के लिए मिल कानून की ताकत की जगह केवल सामाजिक रूप से अमान्य करने का सुझाव देता है। मिल का कहना है कि छोटी-मोटी हानि के लिए समाज को स्वतंत्रता की रक्षा के लिए थोड़ी असुविधा सहनी चाहिए। इसके साथ ही साथ गंभीर हानि को रोकने के लिए लगाए जाने वाले प्रतिबंध इतने कड़े नहीं होने चाहिए कि स्वतंत्रता ही नष्ट हो जाए।

प्रश्न 23.
” अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता उन्हें भी होनी चाहिए जिनके विचार आज की स्थितियों में गलत या भ्रामक लग रहे हैं ।” इस कथन को दृष्टि में रखते हुए अपने विचार प्रकट कीजिये।
उत्तर:
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक बुनियादी मूल्य है। उसे बनाये रखने के लिए समाज को कुछ असुविधाओं को सहन करने के लिए तैयार रहना चाहिए। मिल ने लिखा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता उन्हें भी होनी चाहिए जिनके विचार आज की स्थितियों में गलत या भ्रामक लग रहे हों। इस कथन के पक्ष में मिल ने निम्नलिखित कारण दिये हैं।

  1. कोई भी विचार पूरी तरह से गलत नहीं होता। जो हमें गलत लगता है उसमें भी सच्चाई का तत्व होता है, अगर हम इसे प्रतिबंधित कर देंगे तो इसमें छुपे सच्चाई के अंश को भी खो देंगे।
  2. सत्य विरोधी विचारों के टकराव से पैदा होता है। जो विचार आज गलत प्रतीत होता है, वह सही तरह के विचारों के उदय में बहुमूल्य हो सकता है।
  3. विचारों के संघर्ष का हर समय में सतत महत्व रहा है।
  4. हम इस बात को लेकर भी निश्चिन्त नहीं हो सकते कि जिसे हम सत्य समझते हैं, वही सत्य है।

प्रश्न 24.
एक राजनीतिक विचारधारा के रूप में उदारवाद की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
उदारवाद
1. उदारवाद एक सहिष्णु विचारधारा है:
एक राजनीतिक विचारधारा के रूप में उदारवाद को सहनशीलता के मूल्य के साथ जोड़ कर देखा जाता है। उदारवादी चाहे किसी व्यक्ति से असहमत हों, तब भी वे उसके विचार और विश्वास रखने और व्यक्त करने के अधिकार का पक्ष लेते हैं। लेकिन उदारवाद सहिष्णुता के कहीं अधिक है।

2. इसमें केन्द्र:
बिन्दु व्यक्ति है-उदारवाद में व्यक्ति केन्द्र बिन्दु है। उदारवाद के लिए समाज, समुदाय जैसी इकाइयों का अपने आप में कोई महत्त्व नहीं है। उनके लिए इन इकाइयों का महत्त्व तभी है, जब व्यक्ति इन्हें महत्त्व दे। उदाहरण के लिए उदारवादी कहेंगे कि किसी से विवाह करने का निर्णय व्यक्ति को लेना चाहिए, न कि परिवार, जाति या समुदाय को।

3. व्यक्तिगत स्वतंत्रता को वरीयता: उदारवादी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को समानता जैसे अन्य मूल्यों से अधिक वरीयता देते हैं। वे आमतौर पर राजनीतिक सत्ता को भी संदेह की नजर से देखते हैं।

4. मुक्त बाजार, राज्य की न्यूनतम भूमिका तथा कल्याणकारी राज्य की भूमिका के समर्थक:
ऐतिहासिक रूप से उदारवाद ने मुक्त बाजार और राज्य की न्यूनतम भूमिका का पक्ष लिया है। वर्तमान में वे कल्याणकारी राज्य की भूमिका को भी स्वीकार करते हैं और मानते हैं कि सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को कम करने वाले उपायों की जरूरत है।

निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सम्बन्ध में जॉन स्टुअर्ट मिल के विचारों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर मिल के विचार जॉन स्टुअर्ट मिल का तर्क है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा ‘अहस्तक्षेप के लघुत्तम क्षेत्र’ से जुड़ा हुआ। इसलिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रतिबंधित नहीं किया जाना चाहिए। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक बुनियादी मूल्य है। इस स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए समाज को कुछ असुविधाओं को सहन करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

जॉन स्टुअर्ट मिल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रतिबंधित नहीं किये जाने के प्रबलतम समर्थक रहे हैं। उन्होंने अपनी पुस्तक ‘ऑन लिबर्टी’ में कहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता उन्हें भी होनी चाहिए जिनके विचार आज की परिस्थितियों में गलत या भ्रामक लगते हैं। अपने पक्ष के समर्थन में उन्होंने अग्रलिखित चार तर्क प्रस्तुत किए हैं।

1. प्रत्येक विचार में सत्य का अंश:
मिल का कहना है कि कोई भी विचार पूरी तरह से गलत नहीं होता। जो हमें गलत लगता है उसमें भी सत्य का अंश होता है। अगर हम गलत लगने वाले विचार को प्रतिबंधित कर देंगे तो इसमें छुपे सच्चाई के अंश को भी खो देंगे।

2. सत्य विरोधी विचारों के टकराव से पैदा होता है:
मिल का दूसरा तर्क यह है कि सत्य स्वयं में उत्पन्न नहीं होता। यह विरोधी विचारों के टकराव से पैदा होता है। इस तरह जो विचार आज हमें गलत प्रतीत होता है, वह सही तरह के विचारों के उदय में सहायक हो सकता है।

3. विचारों के संघर्ष का सतत महत्त्व है:
मिल का तीसरा तर्क यह है कि विचारों का संघर्ष केवल अतीत में ही मूल्यवान नहीं था, इसका हर समय में सतत महत्त्व है। सत्य के बारे में खतरा यह रहता है कि वह एक विचारहीन और रूढ़ उक्ति में बदल जाता है। जब हम इसे विरोधी विचार के सामने रखते हैं तभी इसी विचार का विश्वसनीय होना सिद्ध होता है।

4. सत्य के बारे में निश्चित नहीं कहा जा सकता:
मिल का तर्क है कि हम इस बात को लेकर भी निश्चिन्त नहीं हो सकते कि जिसे हम सत्य समझते हैं, वही सत्य है, कई बार जिन विचारों को किसी समय पूरे समाज ने गलत समझा और दबाया था, बाद में सत्य पाए गए। कुछ समाज ऐसे विचारों का दमन करते हैं, जो आज उन्हें स्वीकार्य नहीं हैं, लेकिन ये विचार भविष्य में मूल्यवान हो सकते हैं। दमनकारी समाज ऐसे संभावनाशील ज्ञान के लाभों से वंचित रह जाते हैं।

JAC Class 11 Political Science Important Questions Chapter 2 स्वतंत्रता

प्रश्न 2.
क्या कुछ समूहों के विरोध करने पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाना उचित है? किस प्रकार के प्रतिबंध अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर औचित्यपूर्ण कहे जायेंगे और किस प्रकार के नहीं?
उत्तर:
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध: अनेक बार किसी पुस्तक, नाटक, फिल्म या किसी शोध पत्रिका के लेख पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठती है। क्या इस मांग को अल्पकालीन समस्या समाधान के रूप में देखते हुए पूरा करना न्यायोचित है? वर्तमान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सम्बन्ध में यह प्रश्न विवाद का मुद्दा बना हुआ है। यथा-

1. जॉन स्टुअर्ट मिल जैसे विचारक का मत है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा ‘अहस्तक्षेप के लघुत्तम क्षेत्र’ से जुड़ा हुआ है। इसलिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रतिबंधित नहीं किया जाना चाहिए। चाहे अभिव्यक्त विचारों से हम सहमत हों या असहमत। वाल्तेयर का यह कथन भी इसी बात का समर्थन करता है कि “तुम जो कहते हो मैं उसका समर्थन नहीं करता, लेकिन मैं मरते दम तक तुम्हारे कहने के अधिकार का बचाव करूँगा।” स्पष्ट है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक बुनियादी मूल्य है, समाज को कुछ असुविधाएँ सहन करके भी इसकी स्वतंत्रता को बनाए रखना चाहिए और इसे सीमित (प्रतिबंधित करने का प्रयास नहीं करना चाहिए।

2. अन्य समूहों द्वारा विरोध के बाद किसी पुस्तक, नाटक, फिल्म या किसी शोध – पत्रिका के लेख को प्रतिबंधित कर दिया जाता है। इस तरह के प्रतिबन्ध आसान लेकिन अल्पकालीन समाधान तो हैं; क्योंकि ये तात्कालिक माँग को पूरा कर देते हैं। लेकिन ये प्रतिबंध समाज में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की दूरगामी संभावनाओं की दृष्टि से बहुत खतरनाक हैं, क्योंकि जब हम एक बार प्रतिबंध लगाने लगते हैं, तब प्रतिबंध लगाने की आदत विकसित हो जाती है।

3. जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध किसी संगठित सामाजिक, धार्मिक या सांस्कृतिक सत्ता या राज्य की शक्ति के बल पर लगाए जाते हैं तब ये हमारी स्वतंत्रता की कटौती इस प्रकार करते हैं कि उनके खिलाफ लड़ना मुश्किल हो जाता है। लेकिन ये प्रतिबंध औचित्यपूर्ण नहीं कहे जा सकते।

4. यदि हम स्वेच्छापूर्वक या अपने लक्ष्यों और आकांक्षाओं को पाने के लिए कुछ प्रतिबन्धों को स्वीकार करते हैं, तो हमारी स्वतंत्रता सीमित नहीं होती है। अगर हमें किन्हीं स्थितियों को स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं किया जा रहा है तब हम नहीं कह सकते कि हमारी स्वतंत्रता की कटौती की जा रही है। स्पष्ट है कि बाध्यतामूलक प्रतिबंध अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगाना औचित्यपूर्ण नहीं कहे जा सकते।

JAC Class 9 Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

Jharkhand Board JAC Class 9 Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई Important Questions and Answers.

JAC Board Class 9 Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

1. स्वनिर्मित सूक्ष्मदर्शी से कोशिका को सर्वप्रथम देखा था-
(a) श्लाइडेन ने
(b) रॉबर्ट हुक ने
(c) रॉबर्ट ब्राउन ने
(d) ल्यूवेन हॉक ने।
उत्तर:
(b) रॉबर्ट हुक ने।

2. शरीर की संरचनात्मक एवं
(a) ऊतक
(b) अंग
(c) कोशिका
(d) कोशिकांग
उत्तर:
(c) कोशिका।

3. एक कोशिकीय जीव हैं-
(a) क्लेमाइडोमोनास
(b) पैरामीशियम
(c) बैक्टीरिया
(d) ये सभी।
उत्तर:
(d) ये सभी।

4. केन्द्रक का पता लगाया था-
(a) रॉबर्ट हक ने
(b) राबर्ट ब्राउन ने
(c) एम. श्लाइडेन ने
(d) जे. ई. पुरकिन्जे ने।
उत्तर:
(b) राबर्ट ब्राउन ने

5. तरल जैविक पदार्थ को जीवद्रव्य नाम दिया था-
(a) टी. स्वान ने
(b) एम. श्लाइडेन ने
(c) जे. ई. पुरकिन्जे ने
(d) विस्पो ने
उत्तर:
(c) जे. ई. पुरकिन्जे ने।

JAC Class 9 Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

6. ‘आत्मघाती थैली के नाम से जाना जाने वाला कोशिकांग है-
(a) केन्द्रक
(b) लाइसोसोम
(c) राइबोसोम
(d) माइटोकॉन्ड्रिया।
उत्तर:
(b) लाइसोसोम।

7. निम्न में से किस कोशिकांग में DNA पाया जाता है?
(a) अन्तर्द्रव्यी जालिका
(b) राइबोसोम
(c) क्लोरोप्लास्ट
(d) लाइसोसोम।
उत्तर:
(b) राइबोसोम।

8. कोशिका का बिजलीघर किस अंगक को कहते हैं?
(a) क्लोरोप्लास्ट
(b) ल्यूकोप्लास्ट।
(c) माइटोकॉन्ड्रिया
(d) लाइसोसोम।
उत्तर:
(b) ल्यूकोप्लास्ट।

9. प्रोटीन संश्लेषण से सम्बन्धित
(a) क्लोरोप्लास्ट
(b) ल्यूकोप्लास्ट
(c) राइबोसोम
(d) गॉल्जी उपकरण।
उत्तर:
(c) राइबोसोम।

10. गॉल्जी उपकरण का विवरण कोशिकांग है-
(a) श्लाइडेन
(b) राबर्ट ब्राउन
(c) केमिलो गॉल्जी
(d) ल्यूवेनहॉक।
उत्तर:
(c) केमिलो गॉल्जी।

अति लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
कोशिका क्या है?
उत्तर:
कोशिका शरीर की संरचनात्मक तथा आनु- वांशिक क्रियात्मक इकाई है।

प्रश्न 2.
कोशिका के तीन प्रमुख क्रियात्मक क्षेत्र कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
कोशिका के तीन प्रमुख क्रियात्मक क्षेत्र हैं-

  • कोशिका झिल्ली
  • कोशिका द्रव्य तथा
  • केन्द्रक।

प्रश्न 3.
कोशिका के प्रमुख कोशिकांग कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
कोशिका के प्रमुख कोशिकांग अन्तर्द्रव्यी जालिका, गॉल्जी उपकरण, लाइसोसोम, माइटोकॉन्ड्रिया, प्लास्टिड तथा रसधानी आदि हैं।

प्रश्न 4.
कोशिका की खोज किसने की थी?
उत्तर:
कोशिका की खोज रॉबर्ट हुक ने की थी।

प्रश्न 5.
कोशिका में केन्द्रक की खोज किसने की थी?
उत्तर:
कोशिका में केन्द्रक की खोज रॉबर्ट ब्राउन ने की थी।

प्रश्न 6.
कोशिका सिद्धान्त किसने प्रस्तुत किया था?
उत्तर:
कोशिका सिद्धान्त एम. श्लाइडेन तथा टी. स्वान ने प्रस्तुत किया था।

प्रश्न 7.
कोशिकाद्रव्य में पाये जाने वाले किन्हीं दो कोशिकांगों के नाम तथा कार्य बताइये।
उत्तर:

  • माइटोकॉण्ड्रिया ऊर्जा उत्पन्न करना।
  • राइबोसोम – प्रोटीन का संश्लेषण करना।

प्रश्न 8.
अन्तर्द्रव्यी जालिका (ER) का कार्य बताइए।
उत्तर:
केन्द्रक तथा कोशिकाद्रव्य के बीच पदार्थों का परिवहन करना।

प्रश्न 9.
आत्मघाती थैलियाँ किन्हें कहते हैं?
उत्तर:
लाइसोसोम को आत्मघाती थैलियाँ कहते हैं।

JAC Class 9 Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 10.
लाइसोसोम का कार्य बताइये।
उत्तर:
लाइसोसोम क्षतिग्रस्त, मृत कोशिकाओं को पाचित कर समाप्त करता है।

प्रश्न 11.
कोशिका का नियंत्रण केन्द्र किस अंगक को कहते हैं?
उत्तर:
केन्द्रक को कोशिका का नियंत्रण केन्द्र कहते हैं।

प्रश्न 12.
प्लाज्मा झिल्ली को वरणात्मक पारगम्य झिल्ली क्यों कहते हैं?
उत्तर:
प्लाज्मा झिल्ली कुछ आवश्यक पदार्थों को अन्दर आने देती है तथा अनावश्यक पदार्थों को अन्दर आने से रोकती है। इसी प्रकार यह आवश्यक पदार्थों को बाहर नहीं जाने देती तथा अनावश्यक पदार्थों को बाहर जाने देती है। इसलिए इसे वरणात्मक पारगम्य झिल्ली कहते हैं।

प्रश्न 13.
CO2 तथा O2 झिल्ली के आर-पार किस विधि से आ-जा सकते हैं?
उत्तर:
विसरण क्रिया द्वारा।

प्रश्न 14.
परासरण किसे कहते हैं?
उत्तर:
वरणात्मक पारगम्य झिल्ली द्वारा जल के अणुओं की होने वाली गति को परासरण कहते हैं।

प्रश्न 15.
अल्प परासरण दाबी विलयन किसे कहते हैं?
उत्तर:
यदि कोशिका को तनु विलयन वाले माध्यम में रखा जाए तो जल परासरण विधि द्वारा कोशिका के अन्दर चला जायेगा। ऐसे विलयन को अल्प परासरण दाबी विलयन कहते हैं।

प्रश्न 16.
समपरासरणी विलयन किसे कहते हैं?
उत्तर:
यदि कोशिका को ऐसे माध्यम विलयन में रखा जाए जिसमें बाह्य जल की सान्द्रता कोशिका में स्थित जल की सान्द्रता के ठीक बराबर हो तो कोशिका झिल्ली से जल में कोई शुद्ध गति नहीं होगी। ऐसे विलयन को समपरासरणी विलयन कहते हैं।

प्रश्न 17.
अति परासरण दाबी विलयन किसे कहते हैं?
उत्तर:
यदि कोशिका के बाहर वाला विलयन अन्दर के घोल से अधिक सान्द्र है तो जल परासरण द्वारा कोशिका से बाहर आ जायेगा। ऐसे विलयन को अति परासरण दाबी विलयन कहते हैं।

प्रश्न 18.
कोशिका में जल भीतर जाने का क्या परिणाम होगा?
उत्तर:
कोशिका फूल जायेगी।

प्रश्न 19.
कोशिका से अधिक जल बाहर आ जाने का क्या परिणाम होगा?
उत्तर:
कोशिका सिकुड़ जायेगी।

प्रश्न 20.
अण्डे को तनु HCI में रखकर इसका कवच हटा देते हैं। एक कवच रहित अण्डे को जल में और दूसरे कवच रहित अण्डे को सान्द्र नमक (NaCl) के घोल में रखने पर उनमें क्या परिवर्तन होगा और क्यों?
उत्तर:
कवचरहित अण्डे को जल में रखने पर अण्डा फूल जाता है तथा नमक के सान्द्र घोल में रखने पर सिकुड़ जाता है, क्योंकि इनमें क्रमशः अन्त: परासरण तथा बहि: परासरण की क्रिया होती है।

प्रश्न 21.
पौधों की मूल द्वारा जल का अवशोषण किस क्रिया द्वारा होता है?
उत्तर:
पौधों की मूल द्वारा जल का अवशोषण परासरण क्रिया द्वारा होता है।

प्रश्न 22.
प्लाज्मा झिल्ली किस पदार्थ से बनी होती है?
उत्तर:
प्लाज्मा झिल्ली लिपिड तथा प्रोटीन की बनी होती है।

प्रश्न 23.
प्लाज्मा झिल्ली की रचना किस यंत्र से देख सकते हैं?
उत्तर:
प्लाज्मा झिल्ली की रचना केवल इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी से देख सकते हैं।

प्रश्न 24.
कोशिका झिल्ली का लचीलापन एक ‘कोशिकीय जीवों में किस कार्य में सहायक होता है?
उत्तर:
एककोशिकीय जीवों में कोशिका झिल्ली का लचीलापन बाह्य वातावरण से अपना भोजन तथा अन्य पदार्थ ग्रहण करने में सहायक होता है।

प्रश्न 25.
एण्डोसाइटोसिस किसे कहते हैं?
उत्तर:
कोशिका झिल्ली के लचीलेपन से एक कोशिकीय जीवों के द्वारा बाह्य वातावरण से अपना भोजन तथा अन्य पदार्थ ग्रहण करने की विधि को एण्डोसोइटोसिस कहते हैं।

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प्रश्न 26.
पादप कोशिका भित्ति किस पदार्थ की बनी होती है?
उत्तर:
पादप कोशिका भित्ति सेल्यूलोज की बनी होती है।

प्रश्न 27.
कोशिका भित्ति वे निर्माण में सेल्यूलोज की क्या उपयोगिता है?
उत्तर:
सेल्यूलोज एक जटिल पदार्थ है। यह पौधों को संरचनात्मक दृढ़ता प्रदान करता है।

प्रश्न 28.
जीवद्रव्य कुंचन किसे कहते हैं?
उत्तर:
जब पादप कोशिका में परासरण द्वारा पानी की हानि होती है तो कोशिका झिल्ली सहित आन्तरिक पदार्थ संकुचित हो जाते हैं। इस घटना को जीवद्रव्य कुंचन कहते हैं।

प्रश्न 29.
पत्ती में उपस्थित छोटे-छोटे हरे कणों को में उपस्थित छोटे-छोटे हरे कणों को क्या कहते हैं?
उत्तर:
पत्ती क्लोरोप्लास्ट कहते हैं।

प्रश्न 30.
क्लोरोप्लास्ट में क्या भरा होता है?
उत्तर:
क्लोरोप्लास्ट में क्लोरोफिल भरा होता है।

प्रश्न 31.
पादप कोशिकाएँ परिवर्तनीय माध्यम को जन्तु कोशिका की अपेक्षा आसानी से किस कारण सहन कर सकती हैं?
उत्तर:
कोशिका भित्ति के कारण।

प्रश्न 32.
क्रोमोसोम कहाँ पाये जाते हैं?
उत्तर:
क्रोमोसोम केन्द्रक में पाये जाते हैं।

प्रश्न 33.
क्रोमोसोम किस पदार्थ के बने होते हैं?
उत्तर:
क्रोमोसोम DNA तथा प्रोटीन के बने होते हैं।

प्रश्न 34.
DNA का पूरा नाम लिखो।
उत्तर:
DNA डिऑक्सीराइबोन्यूक्लिअक अम्ल।

प्रश्न 35.
माता-पिता के गुण सन्तान में किस रूप में जाते हैं?
उत्तर:
क्रोमोसोम में आनुवंशिक गुण होते हैं जो माता-पिता से DNA अणु के रूप में अगली संतति में आ जाते हैं।

प्रश्न 36.
जीन किसे कहते हैं?
उत्तर:
DNA के क्रियाखण्ड को जीन कहते हैं।

प्रश्न 37.
क्रोमेटिन पदार्थ क्या है?
उत्तर:
क्रोमेटिन पदार्थ धागे की तरह रचनाओं के जाल का एक पिण्ड होता है।

प्रश्न 38.
कौशिकीय जनन में केन्द्रक का क्या महत्व है?
उत्तर:
कोशिकीय जनन में केन्द्रक विभाजित होकर दो नई कोशिकाएँ बनाता है।

प्रश्न 39.
बैक्टीरिया के केन्द्रक की विशेषता बताओ।
उत्तर:
बैक्टीरिया का केन्द्रकीय क्षेत्र बहुत कम स्पष्ट होता है, क्योंकि इसमें केन्द्रक झिल्ली नहीं होती । इसमें केवल क्रोमेटिन पदार्थ होता है। ऐसे क्षेत्र को केन्द्रककाय कहते हैं।

प्रश्न 40.
यूकैरियोट किसे कहते हैं?
उत्तर:
जिन जीवों की कोशिकाओं में केन्द्रक झिल्ली होती है, उन्हें यूकैरियोट कहते हैं।

प्रश्न 41.
प्रोकैरियोट किसे कहते हैं?
उत्तर:
जिन जीवों की कोशिकाओं में केन्द्रक झिल्ली नहीं होती है, उन्हें प्रोकैरियोट कहते हैं।

प्रश्न 42.
कोशिका द्रव्य क्या है?
उत्तर:
प्लाज्मा झिल्ली के अन्दर के तरल पदार्थ को कोशिका द्रव्य कहते हैं, इसमें बहुत से विशिष्ट कोशिका अंगक होते हैं। कोशिका द्रव्य तथा केन्द्रक दोनों को मिलाकर जीवद्रव्य कहते हैं।

प्रश्न 43.
वाइरस में जीवन के गुण सदा लक्षित क्यों नहीं होते हैं?
उत्तर:
वाइरस में किसी प्रकार की झिल्ली नहीं होती है। इसलिए इसमें जीवन के गुण तब तक लक्षित नहीं होते जब तक कि वह किसी सजीव के शरीर में प्रविष्ट होकर बहुगुणन नहीं कर लेता।

प्रश्न 44.
अन्तर्द्रव्यी जालिका (ER) क्या है?
उत्तर:
अन्तर्द्रव्यी जालिका (ER) झिल्लीयुक्त नलिकाओं तथा शीट का एक बहुत तन्त्र है। यह लम्बी अथवा गोल या आयताकार थैलों की तरह दिखाई देती है। इसकी रचना प्लाज्मा झिल्ली के समरूप होती है।

प्रश्न 45.
अन्तर्द्रव्यी जालिका कितने प्रकार की होती है?
उत्तर:
अन्तर्द्रव्यी जालिका दो प्रकार की होती है-

  • खुरदरी अन्तर्द्रव्यी जालिका (RER) तथा
  • चिकनी अन्तर्द्रव्यी जालिका (SER)।

प्रश्न 46.
खुरदरी अन्तर्द्रव्यी जालिका खुरदरी क्यों होती है?
उत्तर:
क्योंकि इस पर राइबोसोम लगे होते हैं।

प्रश्न 47.
राइबोसोम का कार्य बताइए।
उत्तर:
राइबोसोम पर प्रोटीन संश्लेषित होती है।

प्रश्न 48.
झिल्ली जीवात् जनन किसे कहते हैं?
उत्तर:
कुछ प्रोटीन तथा वसा कोशिका झिल्ली को बनाने में सहायता करते हैं। इस क्रिया को झिल्ली जीवात् जनन कहते हैं।

प्रश्न 49.
कशेरुकी जन्तुओं में चिकनी अन्तर्द्रव्यी जालिका यकृत की कोशिकाओं में क्या कार्य करती है?
उत्तर:
कशेरुकी जन्तुओं में अन्तर्द्रव्यी जालिका (SER) विष तथा दवा को निराविषीकरण का कार्य करते हैं।

JAC Class 9 Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 50.
गॉल्जी उपकरण का विवरण सर्वप्रथम किसने प्रस्तुत किया था?
उत्तर:
गॉल्जी उपकरण का विवरण सर्वप्रथम केमिलो गॉल्जी ने प्रस्तुत किया था।

प्रश्न 51.
गॉल्जी उपकरण में सामान्य शक्कर से क्या बनता है?
उत्तर:
गॉल्जी उपकरण में सामान्य शक्कर से जटिल शक्कर बनती है।

प्रश्न 52.
लाइसोसोम किसके द्वारा बनाया जाता है?
उत्तर:
लाइसोसोम गॉल्जी उपकरण के द्वारा बनाया जाता है।

प्रश्न 53.
लाइसोसोम क्यों फट जाते हैं?
उत्तर:
कोशिकीय उपापचय में व्यवधान के कारण जब कोशिका क्षतिग्रस्त या मृत हो जाती है, तो लाइसोसोम फट जाते हैं।

प्रश्न 54.
किस अंगक को कोशिका का बिजलीघर कहते हैं?
उत्तर:
माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का बिजली घर कहते हैं।

प्रश्न 55.
माइटोकॉन्ड्रिया किस रूप में ऊर्जा प्रदान करता है?
उत्तर:
माइटोकॉन्ड्रिया ATP (ऐडिनोसिन ट्राइफास्फेट) के रूप में ऊर्जा प्रदान करता है।

प्रश्न 56.
माइटोकॉन्ड्रिया की झिल्ली कैसी होती है?
उत्तर:
माइटोकॉन्ड्रिया में दोहरी झिल्ली होती है। बाहरी झिल्ली छिद्रित तथा भीतरी झिल्ली बहुत अधिक वलित होती है।

प्रश्न 57.
किन अंगकों में अपने DNA तथा राइबोसोम होते हैं?
उत्तर:
माइटोकॉन्ड्रिया तथा प्लैस्टिड में अपने DNA तथा राइबोसोम होते हैं।

प्रश्न 58.
प्लास्टिड किन कोशिकाओं में स्थित होते हैं?
उत्तर:
प्लास्टिड केवल पादप कोशिकाओं में स्थित होते हैं।

प्रश्न 59.
प्लास्टिड कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर:
प्लास्टिड दो प्रकार के होते हैं-

  • क्रोमोप्लास्ट (रंगीन प्लास्टिड) तथा
  • ल्यूकोप्लास्ट (श्वेत तथा रंगहीन प्लास्टिड)।

प्रश्न 60.
क्रोमोप्लास्ट में कौन सा पदार्थ उपस्थित होता है?
उत्तर:
क्रोमोप्लास्ट में क्लोरोफिल उपस्थित होता है।

प्रश्न 61.
क्लोरोप्लास्ट का कार्य क्या है?
उत्तर:
पौधों में क्लोरोप्लास्ट प्रकाश संश्लेषण का कार्य करते हैं।

प्रश्न 62.
ल्यूकोप्लास्ट का कार्य बताइये।
उत्तर:
ल्यूकोप्लास्ट में स्टार्च, तेल तथा प्रोटीन जैसे पदार्थ संचित होते हैं।

प्रश्न 63.
जन्तु तथा पादप कोशिकाओं में रसधानियाँ कैसी होती हैं?
उत्तर:
जन्तु कोशिकाओं में छोटी तथा पादप कोशिकाओं में बहुत बड़ी रसधानियाँ होती हैं।

प्रश्न 64.
पादप कोशिका की रसधानियों में कौन सा पदार्थ भरा रहता है?
उत्तर:
पादप कोशिका की रसधानियों में कोशिका रस (Cell sap) भरा रहता है।

प्रश्न 65.
रसधानियों का कार्य बताइये।
उत्तर:
रसधानियाँ कोशिकाओं को स्फीति तथा कठोरता प्रदान करती हैं।

प्रश्न 66.
अमीबा की रसधानी में कौन सा पदार्थ होता
उत्तर:
अमीबा की खाद्य रसधानी में उनके द्वारा उपयोग में लाए गये खाद्य पदार्थ होते हैं।

प्रश्न 67.
कुछ एककोशिकीय जीवों में रसधानियाँ कौन से पदार्थ बाहर निकालती हैं?
उत्तर:
कुछ एककोशिकीय जीवों में विशिष्ट रसधानियाँ अतिरिक्त जल तथा अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालती हैं। रिक्त स्थान भरो-

  1. अमीबा …………….. जीव है।
  2. रंगीन लवक …………….. कहलाते हैं।
  3. …………….. कोशिका का बिजलीघर है।
  4. …………….. आत्मघाती थैली कहलाता है।

उत्तर:

  1. एककोशिकीय
  2. क्रोमोप्लास्ट
  3. माइटो-कॉन्ड्रिया
  4. लाइसोसोम।

सुमेलन कीजिए-

कॉलम ‘क’कॉलम ‘ख’
1. खाद्य रिक्तिका(i) आत्मघाती थैली
2. प्लास्टिड(ii) ATP
3. माइटोकॉन्ड्रिया(iii) ल्यूकोप्लास्ट
4. लाइसोसोम(iv) अमीबा

उत्तर:
1. (iv) अमीबा
2. (iii) ल्यूकोप्लास्ट
3. (ii) ATP
4. (i) आत्मघाती थैली

सत्य / असत्य –

  1. पादप कोशिका में लाइसोसोम नहीं पाए जाते हैं।
  2. अर्धसूत्री विभाजन में संतति कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या मातृ कोशिका के समान होती है।
  3. ऊतक जीवन की मौलिक इकाई है।
  4. प्रोकैरियोटी जीव हमेशा बहुकोशिक होते हैं।

उत्तर:

  1. सत्य
  2. असत्य
  3. असत्य
  4. असत्य।

लघूत्तरात्मक एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
कोशिका क्या है? इसे जीवों की कार्यात्मक इकाई क्यों कहते हैं?
उत्तर:
कोशिका शरीर की रचनात्मक तथा कार्यात्मक इकाई है। जीवों का शरीर एक या अनेक कोशिकाओं से मिलकर बना होता है। कोशिका जीवों में कुछ आधारभूत कार्य सम्पन्न करती है, जैसे- श्वसन, पोषण तथा अपशिष्ट पदार्थों का उत्सर्जन, नई प्रोटीन का निर्माण करना आदि। इसलिए कोशिका को जीवों की कार्यात्मक इकाई कहते हैं।

प्रश्न 2.
कोशिका सिद्धान्त किसने प्रस्तुत किया? कोशिका सिद्धान्त क्या है?
उत्तर:
कोशिका सिद्धान्त एम. श्लाइडेन तथा टी. स्वान ने प्रस्तुत किया था। इस सिद्धान्त के अनुसार-

  • सभी जीव (प्राणी तथा पादप) कोशिकाओं से बने होते हैं।
  • कोशिका जीवों की संरचनात्मक तथा क्रियात्मक इकाई होती है।
  • नई कोशिका का निर्माण पूर्ववर्ती कोशिका से होता है।
  • कोशिका जीवों की आनुवंशिक इकाई भी होती है।

प्रश्न 3.
प्लाज्मा झिल्ली तथा कोशिका भित्ति में क्या अन्तर है? प्रत्येक का कार्य बताइए।
उत्तर:
प्लाज्मा झिल्ली तथा कोशिका भित्ति में अन्तर:

प्लाज्मा झिल्लीकोशिका भित्ति
1. यह सभी कोशिकाओं में उपस्थित होती है।1. यह वेन्वल पादप कोशिकाओं में उपस्थित होती है।
2. यह प्रोटीन की बनी हुई ‘ तथा सजीव होती है।2. यह सेल्यूलोज की बनी हुई तथा निर्जीव होती है।
3. यह कोमल तथा प्रत्यास्थ होती है।3. यह कठोर तथा मजबूत होती है।
4. यह वर्णात्मक पारगम्य होती है।4. यह वरणात्मक पारगम्य नहीं होती है।

कोशिका भित्ति का कार्य – यह पौधों को संरचनात्मक दृढ़ता प्रदान करती है।

प्लाज्मा झिल्ली का कार्य-यह जन्तु कोशिकाओं का बाहरी आवरण बनाती है तथा वरणात्मक झिल्ली का कार्य करती है।

प्रश्न 4.
विसरण तथा परासरण में दो अन्तर बताओ।
उत्तर:
विसरण तथा परासरण में अन्तर

विसरणपरासरण
1. यह क्रिया प्राय: पदार्थ की तीनों अवस्थाओं (ठोस, द्रव तथा गैस) में होती है।1. यह क्रिया केवल द्रव पदार्थों में होती है।
2. इसमें वरणात्मक पारगम्य झिल्ली का होना आवश्यक नहीं है।2. इसमें दो भिन्न सान्द्रण के विलयनों के मध्य वरणात्मक पारगम्य झिल्ली का होना आवश्यक है।

प्रश्न 5.
कोशिका भित्ति की उपयोगिता बताइये।
उत्तर:
कोशिका भित्ति की उपयोगिता-कोशिका भित्ति पौधों, कवक तथा बैक्टीरिया की कोशिकाओं को अपेक्षाकृत कम तनु विलयन में बिना फटे बनाए रखती है। ऐसे माध्यम से कोशिका परासरण विधि द्वारा पानी लेती है और कोशिका फूल जाती है तथा कोशिका भित्ति पर दबाव डालती है। कोशिका भित्ति भी फूली हुई कोशिका के प्रति समान रूप से दबाव डालती है। कोशिका भित्ति के कारण पादप कोशिकाएँ परिवर्तनीय माध्यम जन्तु कोशिका की अपेक्षा आसानी से सहन कर लेती हैं।

JAC Class 9 Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 6.
प्लाज्मा झिल्ली के प्रमुख कार्य बताओ।
उत्तर:
प्लाज्मा झिल्ली के प्रमुख कार्य:

  • कोशि काओं को आकृति प्रदान करना
  • अन्दर के कोशिकांगों को सुरक्षित करना
  • कुछ आवश्यक पदार्थों को अन्दर आने देना तथा अपशिष्ट पदार्थों को बाहर जाने देना
  • अन्य पदार्थों की गति को रोकना।

प्रश्न 7.
केन्द्रक की संरचना तथा कार्य बताओ।
उत्तर:
केन्द्रक की संरचना तथा कार्य पाठ्य 5.2.3 के अन्तर्गत पैराग्राफ तीन देखिये।

प्रश्न 8.
अन्तर्द्रव्यी जालिका (ER) का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
पाठ्य 5.2.5 कोशिका अंगक (i) अन्तर्द्रव्यी जालिका देखिये।

प्रश्न 9.
गॉल्जी उपकरण की रचना तथा वर्णन कीजिए।
उत्तर:
पाठ्य 5.2.5 कोशिका अंगंक (ii) गॉल्जी उपकरण देखिये।

प्रश्न 10.
माइटोकॉन्ड्रिया की संरचना तथा कार्य का वर्णन करो।
उत्तर:
पाठ्य 5.2.5 कोशिका अंगक (iv) माइटोकॉन्ड्रिया देखिये।

प्रश्न 11.
लाइसोसोम की रचना तथा वर्णन कीजिए।
उत्तर:
पाठ्य 5.2.5 कोशिका अंगक (iii) लाइसोसोम देखिये।

प्रश्न 12.
प्लास्टिड का वर्णन कीजिए।’
उत्तर:
पाठ्य 5.2.5 कोशिका अंगक (v) प्लास्टिड देखिये।

प्रश्न 13.
रसधानी का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
पाठ्य 5.2.5 कोशिका अंगक (vi) रसधानियाँ देखिये।

प्रश्न 14.
प्रोकैरियोटिक कोशिका का नामांकित चित्र बनाओ।
उत्तर:
JAC Class 9 Science Important Questions Chapter 5 जीवन की मौलिक इकाई 1

JAC Class 9 Science Important Questions Chapter 14 प्राकृतिक सम्पदा

Jharkhand Board JAC Class 9 Science Important Questions Chapter 14 प्राकृतिक सम्पदा Important Questions and Answers.

JAC Board Class 9 Science Important Questions Chapter 14 प्राकृतिक सम्पदा

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

1. पृथ्वी के कितने प्रतिशत भाग पर जल है?
(a) 60% पर
(b) 70% पर
(c) 75% पर
(d) 80% पर।
उत्तर:
(c) 75% पर।

2. जीवन को आश्रय देने वाला पृथ्वी का घेरा कहलात है-
(a) वायुमण्डल
(b) स्थलमण्डल
(c) जलमण्डल
(d) जीवमण्डल।
उत्तर:
(d) जीवमण्डल।

3. ऊर्जा का नवीकरणीय स्रोत है-
(a) कोयला
(b) पेट्रोलियम
(c) कैरोसीन
(d) बायोगैस।
उत्तर:
(d) बायोगैस।

4. कम छिद्रयुक्त मिट्टी है-
(a) रेतीली मिट्टी
(b) दोमट मिट्टी
(c) चिकनी मिट्टी
(d) काली मिट्टी।
उत्तर:
(c) चिकनी मिट्टी

5. सबसे अच्छी उपजाऊ मिट्टी है-
(a) रेतीली मिट्टी
(b) ह्यूमस युक्त मिट्टी
(c) चिकनी मिट्टी
(d) क्षारीय मिट्टी।
उत्तर:
(b) ह्यूमस युक्त मिट्टी।

JAC Class 9 Science Important Questions Chapter 14 प्राकृतिक सम्पदा

6. वायुमण्डल में नाइट्रोजन की प्रतिशत मात्रा होती है-
(a) 58%
(b) 68%
(c) 78%
(d) 88%।
उत्तर:
(c) 78%।

7. निम्न में से कौन-सा जीवों का मूल घटक है?
(a) ऑक्सीजन
(b) कार्बन डाइऑक्साइड
(c) नाइट्रोजन
(d) कार्बन।
उत्तर:
(d) कार्बन।

8. निम्न में से कौन नाइट्रोजन का स्थिरीकरण नहीं कर सकता?
(a) नाइट्रोसोमोनास
(b) राइजोबियम
(c) नील हरित शैवाल
(d) बैसिलस सबटिलिस।
उत्तर:
(d) बैसिलस सबटिलिस।

9. कौन-सी गैस ईंधन के जलने से निकलती है-
(a) हाइड्रोजन सल्फाइड
(b) कार्बन डाइऑक्साइड
(c) सल्फर डाइऑक्साइड
(d) नाइट्रोजन।
उत्तर:
(b) कार्बन डाइऑक्साइड।

10. ग्रीन हाउस प्रभाव उत्पन्न करने वाली गैस है-
(a) कार्बन डाइऑक्साइड
(b) ऑक्सीजन
(c) अमोनिया
(d) क्लोरीन।
उत्तर:
(a) कार्बन डाइऑक्साइड।

11. पौधे प्रकाश संश्लेषण में वायुमण्डल से गैस ग्रहण करते है-
(a) ऑक्सीजन
(b) कार्बन डाइऑक्साइड
(c) ओजोन
(d) नाइट्रस ऑक्साइड।
उत्तर:
(b) कार्बन डाइऑक्साइड।

JAC Class 9 Science Important Questions Chapter 14 प्राकृतिक सम्पदा

12. ओजोन की परत किससे हमारी सुरक्षा करती है-
(a) सूर्य की किरणों से
(b) पराबैंगनी किरणों से
(c) कार्बन डाइऑक्साइड से
(d) क्लोरोफ्लोरो कार्बन से।
उत्तर:
(b) पराबैंगनी किरणों से।

रिक्त स्थान भरो-

  1. पृथ्वी की सबसे बाहरी परत को ……………….. कहते हैं।
  2. जैवमण्डल दो घटकों से मिलकर बना है ……………….. और ………………… घटक।
  3. स्मॉग ……………….. प्रदूषण का ही एक प्रकार है।
  4. ओजोन को सूत्र ……………….. है।

उत्तर:

  1. स्थलमंडल
  2. जैव, अजैव
  3. वायु
  4. O3

सुमेलन कीजिए-

कालम ‘क’कॉलम ‘ख’
1. जैव घटक(क) मिट्टी
2. अजैव घटक(ख) H2SO4 + HNO3
3. स्मोग(ग) पौधे
4. अम्लीय वर्षा(घ) धुँआ + धुंध

उत्तर:
1. (ग) पौधे
2. (क) मिट्टी
3. (घ) धुँआ + धुंध
4. (ख) H2SO4 + HNO3

सत्य / असत्य –

  1. पृथ्वी की सतह लगभग 95% भाग पानी है।
  2. वायु प्रदूषण से मनुष्यों में श्वसन तथा गुर्दे की बीमारी, उच्च रक्तचाप, आँखों में जलन जैसी बीमारियाँ होती हैं।
  3. CFC का विस्तार रूप क्लारो क्लोरो कार्बन है।
  4. ह्यूमस मृदा का घटक है।

उत्तर:

  1. असत्य
  2. सत्य
  3. सत्य
  4. सत्य।

अति लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
जीवन के लिए किस-किस की आवश्यकता होती है?
उत्तर:
जीवन के लिए परिवेश, ताप, पानी और भोजन की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 2.
सभी जीवों की मूल आवश्यकता की पूर्ति किसके द्वारा होती है?
उत्तर:
सभी जीवों की मूल आवश्यकता की पूर्ति सूर्य से प्राप्त ऊर्जा और पृथ्वी पर उपलब्ध सम्पदा द्वारा होती है।

प्रश्न 3.
पृथ्वी की सबसे बाहरी परत को क्या कहते हैं?
उत्तर:
पृथ्वी की सबसे बाहरी परत को स्थलमण्डल कहते हैं।

प्रश्न 4.
पृथ्वी के कितने प्रतिशत भाग पर जल है?
उत्तर:
पृथ्वी के 75% भाग पर जल है।

प्रश्न 5.
जीवमण्डल किसे कहते हैं?
उत्तर:
जीवन को आश्रय देने वाला पृथ्वी का वह घेरा जहाँ वायुमण्डल, स्थलमण्डल और जलमण्डल एक-दूसरे से मिलकर जीवन को सम्भव बनाते हैं, उसे जीवमण्डल कहते हैं।

JAC Class 9 Science Important Questions Chapter 14 प्राकृतिक सम्पदा

प्रश्न 6.
जीवमण्डल के जैविक और निर्जीव घटक कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
सजीव जीवमण्डल के जैविक घटक हैं तथा वायु, जल और मृदा जीवमण्डल के निर्जीव घटक हैं।

प्रश्न 7.
वायु किन गैसों का मिश्रण है?
उत्तर:
वायु नाइट्रोजन ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड तथा जलवाष्प का मिश्रण है।

प्रश्न 8.
शुक्र और मंगल ग्रहों पर मुख्य रूप से कौन-सी गैस है?
उत्तर:
शुक्र और मंगल ग्रहों के वायुमण्डल में 95% से 97% तक CO2 गैस है।

प्रश्न 9.
दहन क्रिया किसे कहते हैं?
उत्तर:
वह क्रिया जिसमें ऑक्सीजन की खपत तथा CO2 का उत्पादन होता है, उसे दहन क्रिया कहते हैं।

प्रश्न 10.
CO2 किन दो विधियों से स्थिर होती है?
उत्तर:

  1. हरे पेड़-पौधों के द्वारा CO2 को ग्लूकोज में बदलने से, तथा
  2. समुद्री जल में घुले कार्बोनेट से कवच बनाने से, CO2 स्थिर होती है।

प्रश्न 11.
पृथ्वी का औसत तापमान वर्ष भर किसके द्वारा नियत रहता है?
उत्तर:
पृथ्वी पर औसत तापमान वायुमण्डल द्वारा वर्ष भर नियत रहता है।

प्रश्न 12.
चन्द्रमा की सतह पर अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान कितना रहता है?
उत्तर:
चन्द्रमा की सतह पर न्यूनतम तापमान – 190°C तथा अधिकतम तापमान 110°C रहता है।

प्रश्न 13.
गर्म होने से वायु में कौन-सी धाराएं उत्पन्न होती हैं?
उत्तर:
गर्म होने से वायु में संवहन धाराएँ उत्पन्न होती हैं।

प्रश्न 14.
दिन के समय वायु किस दिशा से किस दिशा की ओर चलती है?
उत्तर:
दिन के समय वायु समुद्र से स्थल की ओर चलती है।

प्रश्न 15.
रात के समय वायु किस दिशा से किस दिशा की ओर चलती है।
उत्तर:
रात के समय वायु स्थल से समुद्र की ओर चलती है।

प्रश्न 16.
वायु की गति किसका परिणाम है?
उत्तर:
वायु की गति वायुमण्डलीय प्रक्रियाओं का परिणाम है।

प्रश्न 17.
हवाओं को कौन से कारक प्रभावित करते हैं?
उत्तर:
हवाओं को पृथ्वी की घूर्णन गति और पवन के मार्ग में आने वाली पर्वत शृंखलाएँ प्रभावित करती हैं।

प्रश्न 18.
बादल कैसे बनते हैं?
उत्तर:
गर्म वायु के साथ जलवाष्प ऊपर उठकर संघनित हो जाती है और हवा में उपस्थित कणों के चारों ओर एकत्र होकर बूँदों में बदलकर बादलों का रूप ले लेती है।

प्रश्न 19.
ओले कब गिरते हैं?
उत्तर:
जब कभी वायु का तापमान काफी कम हो जाता है तब वर्षा की बूँदें ओलों के रूप में गिरती हैं।

प्रश्न 20.
वर्षा का पैटर्न किस पैटर्न पर निर्भर करता है?
उत्तर:
वर्षा का पैटर्न पवनों के पैटर्न पर निर्भर करता है।

JAC Class 9 Science Important Questions Chapter 14 प्राकृतिक सम्पदा

प्रश्न 21.
भारत के बड़े भू-भाग पर किसके कारण वर्षा होती है?
उत्तर:
भारत के बड़े भू-भाग पर अधिकतर वर्षां दक्षिण-पश्चिमी या पूर्व उत्तरी मानसून के कारण होती है।

प्रश्न 22.
अम्लीय वर्षा किस प्रकार होती है?
उत्तर:
SO2 और NO2 वर्षा के पानी के साथ मिलकर अम्लीय वर्षा होती है।

प्रश्न 23.
धूम कोहरा किससे बनता है और वह किस ओर संकेत करता है?
उत्तर:
सर्दी के मौसम में पानी के साथ हवा में संघनन से धूम कोहरा बनता है। यह वायु प्रदूषण की ओर संकेत करता है।

प्रश्न 24.
वायु प्रदूषण किसे कहते हैं?
उत्तर:
वायु में हानिकारक पदार्थों की वृद्धि को वायु प्रदूषण कहते हैं।

प्रश्न 25.
शुद्ध जल कहाँ विद्यमान है?
उत्तर:
शुद्ध जल ध्रुवों पर बर्फ के रूप में, भूमिगत जल, नदियों, झीलों और तालाबों में विद्यमान है।

प्रश्न 26.
जल प्रदूषण किसे कहते हैं?
उत्तर:
जल में मिली अवांछित और हानिकारक पदार्थों की उपस्थिति को जल प्रदूषण कहते हैं।

प्रश्न 27.
जलीय जीव प्रदूषण से कब प्रभावित होते हैं?
उत्तर:
प्रदूषण के कारण जल में ऑक्सीजन की कमी के फलस्वरूप जलीय जीव प्रभावित होते हैं।

प्रश्न 28.
भूमिगत जल स्तर के घटने के तीन कारण लिखो।
उत्तर:
भूमिगत जल स्तर घटने के तीन कारण हैं- कम वर्षा होना, भूमिगत जल का अत्यधिक उपयोग होना तथा वनों की अन्धाधुन्ध कटाई होना।

प्रश्न 29.
मिट्टी (मृदा) क्या है?
उत्तर:
चट्टानों के टूटने के बाद अन्त में बचे बारीक कण मिट्टी कहलाते हैं।

प्रश्न 30.
वे कौन से पौधे हैं जो मिट्टी बनाने में सहायक हैं?
उत्तर:
लाइकेन, मॉस तथा अन्य छोटे-छोटे और बड़े पेड़-पौधे मिट्टी बनाने में सहायक होते हैं।

प्रश्न 31.
ह्यूमस किसे कहते हैं?
उत्तर:
मिट्टी में सड़े-गले जीवों के टुकड़े ह्यूमस कहलाते हैं।

प्रश्न 32.
मिट्टी के गुण किस-किस के कारण होते हैं?
उत्तर:
मिट्टी के गुण उसमें हयूमस की मात्रा तथा सूक्ष्म जीवों के कारण होते हैं।

प्रश्न 33.
मिट्टी की संरचना किस के कारण बरबाद हो गई है?
उत्तर:
मिट्टी की संरचना पीड़कनाशकों तथा उर्वरकों के अधिक प्रयोग के कारण बरबाद हो गई है। इन पदार्थों ने सूक्ष्म जीवों तथा केंचुओं को नष्ट कर दिया है।

प्रश्न 34.
मिट्टी में स्थित जैव विविधता किस प्रकार नष्ट होती है?
उत्तर:
मिट्टी में स्थित जैव विविधता उपयोगी घटकों का मिट्टी से हटना तथा दूसरे हानिकारक पर्ने के मिट्टी में मिलने से नष्ट होती है।

प्रश्न 35.
मृदा का अपरदन किसे कहते हैं?
उत्तर:
जब भूमि की उपजाऊ सतह पर उपरिमृदा वायु द्वारा उड़कर तथा जल के बहाव द्वारा कटकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँच जाती है तो इसे मृदा का अपरदन कहते है।

प्रश्न 36.
मृदा अपरदन को रोकने का क्या उपाय है?
उत्तर:
मृदा अपरदन को रोकने के उपाय- अधिकाधिक वृक्षारोपण किया जाय, पशुओं की अनियन्त्रित चराई पर नियन्त्रण रखा जाय। पहाड़ी ढालों पर सीढ़ीदार, कन्टूर विधि से वेदिका बनाकर खेती की जाय।

JAC Class 9 Science Important Questions Chapter 14 प्राकृतिक सम्पदा

प्रश्न 37.
वायुमण्डल में नाइट्रोजन की मात्रा कितने प्रतिशत है?
उत्तर:
वायुमण्डल में नाइट्रोजन की मात्रा 78% है।

प्रश्न 38.
नाइट्रोजन का उपयोग जीवन के लिए किस रूप में होता है?
उत्तर:
नाइट्रोजन का उपयोग जीवन के लिए प्रोटीन, न्यूक्लिक अम्ल, DNA, RNA और विटामिनों के रूप में होता है।

प्रश्न 39.
नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करने वाले बैक्टीरिया कहाँ मिलते हैं?
उत्तर:
नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करने वाले बैक्टीरिया राइजोबियम लेग्यूमीनोसेरम फलीदार पौधों, जैसे- चना, मटर, सेम आदि की जड़ों में स्थित मूल ग्रन्थिकाओं में मिलते हैं।

प्रश्न 40.
बादलों में चमकने वाली विद्युत (बिजली) का नाइट्रोजन पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
बादलों में चमकने वाली बिजली नाइट्रोजन को नाइट्रोजन के ऑक्साइड में बदल देती है।

प्रश्न 41.
विभिन्न खनिजों में कार्बन किस रूप में पाया जाता है?
उत्तर:
विभिन्न खनिजों में कार्बन, कार्बोनेट और बाई कार्बोनेट के रूप में पाया जाता है।

प्रश्न 42.
जीवों में कार्बन आधारित अणुओं के नाम बताइये।
उत्तर:
जीवों में कार्बन आधारित अणु-प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स वसा, न्यूक्लिक अम्ल और विटामिन हैं।

प्रश्न 43.
श्वसन क्रिया में ग्लूकोज किसमें बदल जाता है?
उत्तर:
श्वसन क्रिया के फलस्वरूप ग्लूकोज ऊर्जा और CO2 में बदल जाता है।

प्रश्न 44.
ग्रीन हाउस प्रभाव किस गैस के कारण होता है?
उत्तर:
ग्रीन हाउस प्रभाव CO2 गैस के कारण होता है।

प्रश्न 45.
ग्रीन हाउस प्रभाव का पृथ्वी पर क्या असर पड़ रहा है?
उत्तर:
ग्रीन हाउस प्रभाव द्वारा वैश्विक ऊष्मीकरण (ग्लोबल वार्मिंग) की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

प्रश्न 46.
वायुमण्डल में ऑक्सीजन की मात्रा कितने प्रतिशत है?
उत्तर:
वायुमण्डल में ऑक्सीजन की मात्रा 21% है।

प्रश्न 47.
किन जैविक अणुओं में ऑक्सीजन पाई जाती है?
उत्तर:
कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन, वसा और न्यूक्लिक अम्ल में ऑक्सीजन पाई जाती है।

प्रश्न 48.
ओजोन परत का कार्य बताइये।
उत्तर:
ओजोन परत सूर्य के हानिकारक विकिरणों (पराबैंगनी किरणों) को सोखकर पृथ्वी की सतह पर आने से रोकती है।

प्रश्न 49.
ओजोन परत की क्षति किसके कारण हो रही है?
उत्तर:
ओजोन परत की क्षति (ह्रास) क्लोरोफ्लोरो कार्बन (CFC) के कारण हो रही है।

प्रश्न 50.
ओजोन परत में छिद्र कहाँ पाया गया है?
उत्तर:
ओजोन परत में छिद्र अंटार्कटिका के ऊपर पाया गया है।

लघुत्तरात्मक एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

प्रश्न 1.
प्राकृतिक सम्पदा या संसाधन किन्हें कहते हैं?
उत्तर:
प्राकृतिक सम्पदा या संसाधन मानवों के लिए उपयोगी प्रकृति में पाए जाने वाले विभिन्न पदार्थों के भण्डार प्राकृतिक संसाधन कहलाते हैं। हमारी मौलिक आवश्यकताएँ जैसे- भोजन, आश्रय, वस्त्र आदि इन्हीं प्राकृतिक संसाधनों से पूरी होती हैं वायु, जल, मृदा, कोयला, पेट्रोलियम, खनिज धातुएँ, वनस्पति तथा जन्तु सभी प्राकृतिक संसाधन हैं। हमारी मूल आवश्यकताओं के अतिरिक्त ये ऊर्जा के स्रोत हैं।

प्रश्न 2.
प्राकृतिक संसाधनों के प्रकार उदाहरण सहित बताओ।
उत्तर:
प्राकृतिक संसाधनों के प्रकार प्राकृतिक संसाधन दो प्रकार के होते हैं-
1. क्षय योग्य या समाप्त होने वाले प्राकृतिक संसाधन – ये वे प्राकृतिक संसाधन हैं जिनके प्रकृति में सीमित भण्डार हैं। मानव क्रियाकलापों के द्वारा इनकी मात्रा एवं गुणवत्ता में कमी आ रही है। इनका पुनः पूरण या निर्माण लगभग असम्भव है। उदाहरणार्थ- कोयला, पेट्रोलियम, खनिज, वन्य जीव, मृदा आदि।

2. अक्षय या समाप्त न होने वाले प्राकृतिक संसाधन ये वे प्राकृतिक संसाधन हैं जो प्रकृति में असीमित मात्रा में पाए जाते हैं तथा मानवीय क्रिया कलापों द्वारा इनको समाप्त नहीं किया जा सकता है। उदाहरणार्थ- सौर ऊर्जा, वायु, जल आदि।

प्रश्न 3.
जल एक अद्भुत द्रव क्यों है?
उत्तर:
इसके उत्तर के लिए खण्ड 14.2 देखिये।

प्रश्न 4.
हमें शुद्ध जल कहाँ से और कैसे प्राप्त होता है?
उत्तर:
इसके उत्तर के लिए क्रियाकलाप 14.7 का तीसरा पैराग्राफ देखिए।

प्रश्न 5.
जल हमारे लिए महत्त्वपूर्ण क्यों है?
उत्तर:
इसके उत्तर के लिए क्रियाकलाप 14.7 का पैराग्राफ 5 देखिए।

JAC Class 9 Science Important Questions Chapter 14 प्राकृतिक सम्पदा

प्रश्न 6.
जल प्रदूषण के प्रमुख कारण बताइए।
उत्तर:
जल प्रदूषण के कारण – खण्ड 14.2.1 देखिये।

प्रश्न 7.
मृदा बनाने वाली प्रमुख कारक प्रक्रियाएँ बताइये।
उत्तर:
मृदा बनाने वाली प्रमुख कारक प्रक्रियाएँ- खण्ड 14.3 के अन्तर्गत सूर्य, जल, वायु तथा जीव का अध्ययन कीजिए।

प्रश्न 8.
जैव-रासायनिक चक्रण क्या होता है?
उत्तर:
जैव-रासायनिक चक्रण-पौधे वातावरण से ऊर्जा के अतिरिक्त विभिन्न अजैविक पदार्थों को ग्रहण करके जटिल जैविक क्रियाओं द्वारा इनको कार्बनिक पदार्थों में परिवर्तित करते रहते हैं। मृत्यु के पश्चात् जटिल कार्बनिक पदार्थ पुनः अकार्बनिक यौगिकों में अपघटित कर दिये जाते हैं जिससे जीवधारी इनका पुनः उपयोग कर सकें। इसके अन्तर्गत जैविक, भौतिक तथा रासायनिक क्रियाएँ होती रहती हैं। पारिस्थितिक तन्त्र या जीवमण्डल में इनका पुनः प्रवेश करना जैव रासायनिक चक्रण कहलाता। जो प्रकृति में चलते रहते हैं।

उदाहरणार्थ- जलीय चक्र, नाइट्रोजन चक्र, कार्बन चक्र, ऑक्सीजन चक्र आदि।

प्रश्न 9.
प्रकृति में जलीय चक्र का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जलचक्र के लिए खण्ड 14.4.1 देखिए।

प्रश्न 10.
प्रकृति में नाइट्रोजन चक्र किस प्रकार चलता है? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
नाइट्रोजन चक्र के लिए खण्ड 14.4.2 देखिए।

प्रश्न 11.
जीव मण्डल में कार्बन चक्र किस प्रकार सम्पन्न होता है? वर्णन कीजिए।
उत्तर:
जीवमण्डल में कार्बन चक्र के लिए खण्ड 14.43 देखिए।

प्रश्न 12.
ग्रीन हाउस प्रभाव क्या है? समझाइए।
उत्तर:
ग्रीन हाउस प्रभाव – सूर्य द्वारा उत्सर्जित विकिरण वायुमण्डल में प्रवेश करते हैं तथा पृथ्वी तल से टकराकर परावर्तित होते हैं। वायुमण्डल में उपस्थित CO2 गैस एवं कुछ अन्य गैसें पृथ्वी से परावर्तित विकिरणों को कुछ सीमा तक वायुमण्डल के ऊपरी भाग में रोकती हैं या परावर्तित विकिरणों को अवशोषित कर लेती हैं।

इससे वायुमण्डल के तापमान में वृद्धि हो जाती है। वायुमण्डलीय गैसों द्वारा पृथ्वी से परावर्तित विकिरणों का अवशोषण कर लेने के कारण वायुमण्डल का गर्म होना ग्रीन हाउस प्रभाव कहलाता है। CO2 एक ग्रीन हाउस प्रभाव वाली गैस है जो वायुमण्डल की ऊष्मा या ताप में वृद्धि कर वैश्विक ऊष्मीकरण (ग्लोबल वार्मिंग) की स्थिति उत्पन्न कर रही है। यदि यह अधिक बढ़ जाए तो पर्वतों तथा ध्रुवों पर जमी बर्फ पिघलने लगेगी जिससे मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ भी आ सकती है।

प्रश्न 13.
प्रकृति में ऑक्सीजन चक्र का विवरण दीजिए।
उत्तर:
ऑक्सीजन चक्र का विवरण खण्ड 14.4.4 के अन्तर्गत देखिए।

प्रश्न 14.
ओजोन परत क्या है? इसका महत्व स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
ओजोन परत – वायुमण्डल में तत्वीय ऑक्सीजन सामान्यतः द्विपरमाण्विक अणु (O2) के रूप में पाई जाती है। परन्तु 16 किमी. की ऊँचाई पर सूर्य की किरणें वहाँ उपस्थित ऑक्सीजन (O) को तीन परमाणु वाले आणुओं अर्थात् ओजोन (O3) में परिवर्तित कर देती हैं। 23 किमी. की ऊँचाई तक ओजोन का घनत्व अधिकतम होता है।

ओजोन की परत पृथ्वी के समस्त जीवों के लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण है। यह परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी विकिरणों को अवशोषित कर लेती है जिससे पराबैंगनी विकिरणें पृथ्वी तक नहीं पहुँच पातीं। पराबैंगनी विकिरणों का तरंगदैर्ध्य कम होने के कारण यह हमारे शरीर में बहुत गहराई तक प्रवेश कर सकती हैं और शरीर के विभिन्न ऊतकों को नष्ट करके त्वचा के कैंसर का कारण बन सकती हैं। ओजोन परत मनुष्य की पराबैंगनी विकिरणों के हानिकारक प्रभाव से रक्षा करती है।

प्रश्न 15.
क्लोरोफ्लोरो कार्बन (CFC) ओजोन परत को किस प्रकार हानि (क्षति) पहुँचाते हैं?
उत्तर:
क्लोरोफ्लोरो कार्बन (CFC) वातानुकूलन (एयर कण्डीशनर) तथा शीतलन संयंत्रों में प्रयुक्त किये जाते हैं। जब ये वायुमण्डल में स्थिर अवस्था में उपस्थित हो जाते हैं। तो ये स्थायी होने के कारण किसी भी जैविक क्रिया से विघटित नहीं होते हैं। एक बार जब ये ओजोन परत के समीप पहुँच जाते हैं तो वे विसरित होकर पराबैंगनी किरणें के प्रभाव से विखण्डित हो जाते हैं और फिर ओजोन परत को क्षतिग्रस्त कर देते हैं। हाल ही में अंटार्कटिका के ऊपर ओजोन परत में छिद्र का पाया जाना CFC के प्रभाव का परिणाम है।

JAC Class 11 Political Science Important Questions Chapter 1 राजनीतिक सिद्धांत – एक परिचय

Jharkhand Board JAC Class 11 Political Science Important Questions Chapter 1 राजनीतिक सिद्धांत – एक परिचय Important Questions and Answers.

JAC Board Class 11 Political Science Important Questions Chapter 1 राजनीतिक सिद्धांत – एक परिचय

बहुविकल्पीय प्रश्न

1. निम्नलिखित में राजनीति के सम्बन्ध में कौनसा कथन उपयुक्त है।
(अ) राजनीति एक अवांछनीय गतिविधि है।
(ब) राजनीति वही है जो राजनेता करते हैं
(स) राजनीति दांवपेंच, कुचक्र और घोटालों से संबंधित नीति है।
(द) राजनीति सामाजिक विकास के उद्देश्य से जनता की परस्पर वार्ता व सामूहिक गतिविधि में भाग लेने की स्थिति है।
उत्तर:
(द) राजनीति सामाजिक विकास के उद्देश्य से जनता की परस्पर वार्ता व सामूहिक गतिविधि में भाग लेने की स्थिति है।

2. महात्मा गांधी की पुस्तक का नाम है।
(अ) हिंद स्वराज
(ब) लेवियाथन
(स) रिपब्लिक
(द) पॉलिटिक्स
अथवा
निम्नलिखित में से हिन्द-स्वराज के लेखक हैं।
(अ) महात्मा गांधी
(ब) पण्डित नेहरू
(स) सरदार पटेल
(द) डॉ. अम्बेडकर
उत्तर:
(अ) हिंद स्वराज

3. आधुनिक काल में सबसे पहले किस विचारक ने यह सिद्ध किया कि स्वतंत्रता है।
(अ) हॉब्स
(ब) लॉक
(स) रूसो
(द) जे. एस. मिल
उत्तर:
(स) रूसो

JAC Class 11 Political Science Important Questions Chapter 1 राजनीतिक सिद्धांत – एक परिचय

4. ‘द रिपब्लिक’ पुस्तक का लेखक है।
(अ) सुकरात
(ब) प्लेटो
(स) सेफलस
(द) ग्लाकॉन
अथवा
प्लेटो ने निम्न में से कौनसी पुस्तक की रचना की थी ?
(अ) पॉलिटिक्स
(ब) द रिपब्लिक
(स) प्रिंस
(द) दास कैपीटल
उत्तर:
(ब) प्लेटो

5. निम्नलिखित में से कौनसा कथन समानता शब्द से सरोकार नहीं रखता है।
(अ) समानता का अर्थ सभी के लिए समान अवसर होता है।
(ब) समानता में किसी न किसी प्रकार की निष्पक्षता का होना आवश्यक है।
(स) अक्षमता के शिकार व्यक्तियों के लिए विशेष प्रावधान भी समानता का एक अंग है।
(द) व्यक्ति पर बाहरी प्रतिबन्धों का अभाव समानता है।
उत्तर:
(द) व्यक्ति पर बाहरी प्रतिबन्धों का अभाव समानता है।

6. राजनीतिक सिद्धान्त के अन्तर्गत विवेचित किया जाता है।
(अ) राजनीतिक विचारधाराओं को
(स) राजनीतिक संकल्पनाओं को
(ब) राजनीतिक समस्याओं को
(द) उपर्युक्त सभी को
उत्तर:
(द) उपर्युक्त सभी को

7. “राजनीति ने हमें साँप की कुण्डली की तरह जकड़ रखा है।” यह कथन है।
(अ) सुकरात का
(स) महात्मा गाँधी का
(ब) कार्ल मार्क्स का
(द) डॉ. भीमराव अम्बेडकर का
उत्तर:
(स) महात्मा गाँधी का

8. हमारी आर्थिक, विदेशी तथा शिक्षा नीतियों का निर्धारण किया जाता है।
(अ) सरकार द्वारा
(ब) परिवार द्वारा
(स) विद्यालय द्वारा
(द) समाज द्वारा
उत्तर:
(अ) सरकार द्वारा

9. ‘समानता भी उतनी ही निर्णायक होती है, जितनी कि स्वतंत्रता।” यह कथन है।
(अ) रूसो का
(ब) कार्ल मार्क्स का
(स) हॉब्स का
(द) महात्मा गाँधी का
उत्तर:
(ब) कार्ल मार्क्स का

JAC Class 11 Political Science Important Questions Chapter 1 राजनीतिक सिद्धांत – एक परिचय

10. राजनीति के अन्तर्गत लिया जाता है।
(अ) सामाजिक घटनाओं को
(ब) धार्मिक घटनाओं को
(स) पारिवारिक घटनाओं को
(द) राजनीतिक घटनाओं को
उत्तर:

11. इण्टरनेट का प्रयोग करने वाले को कहा जाता है।
(अ) नेटिजन
(ब) नैटीकैल
(स) सिटीजन
(द) हैरिजन
उत्तर:
(अ) नेटिजन

रिक्त स्थानों की पूर्ति करें

1. एक अकुशल और भ्रष्ट सरकार लोगों के जीवन और सुरक्षा को भी ……………….. में डाल सकती है।
उत्तर:
संकट

2. अगर सरकार साक्षरता और रोजगार बढ़ाने की नीतियाँ बनाती है तो हमें अच्छे स्कूल में जाने और बेहतर …………….. पाने के अवसर मिल सकते हैं।
उत्तर:
रोजगार

3. भारतीय संविधान में ………………….. राजनीतिक क्षेत्र में समान अधिकारों के रूप में बनी है, लेकिन यह आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में उसी तरह नहीं है।
उत्तर:
समानता

4. जैसे-जैसे हमारी दुनिया बदल रही है, हम आजादी और आजादी पर संभावित खतरों के नए-नए ……………………. की खोज कर रहे हैं।
उत्तर:
आयामों

5. परिस्थितियों के मद्देनजर संविधान में दिए गए …………………. की निरंतर पुनर्व्याख्या की जा रही है।
उत्तर:
मौलिक अधिकारों

निम्नलिखित में से सत्य/असत्य कथन छाँटिये

1. समानता जैसे शब्दों का सरोकार किसी वस्तु के बजाय अन्य मनुष्यों के साथ हमारे संबंधों से होता है।
उत्तर:
सत्य

2. राजनीति किसी भी तरीके से निजी स्वार्थ साधने की कला है।
उत्तर:
असत्य

3. राजनीति एक अवांछनीय गतिविधि है, जिससे हमें अलग रहना चाहिए और पीछा छुड़ाना चाहिए।
उत्तर:
असत्य

4. राजनीति का जन्म इस तथ्य से होता है कि हमारे और हमारे समाज के लिए क्या उचित एवं वांछनीय है और क्या नहीं।
उत्तर:
सत्य

5. राजनीतिक सिद्धान्त उन विचारों व नीतियों के व्यवस्थित रूप को प्रतिबिंबित करता है, जिनसे हमारे सामाजिक जीवन, सरकार और संविधान ने आकार ग्रहण किया है।
उत्तर:
सत्य

निम्नलिखित स्तंभों के सही जोड़े बनाइये

1. ‘राजतंत्र और लोकतंत्र में कौनसा तंत्र बेहतर है’ की विवेचना की।(अ) रूसो
2. ‘स्वतंत्रता मानव का मौलिक अधिकार है’ को सबसे पहले सिद्ध किया।(ब) गाँधीजी
3. हिन्द – स्वराज।(स) डॉ. अम्बेडकर
4. अनुसूचित जातियों को विशेष संरक्षण मिलना चाहिए।(द) मार्क्स
5. ‘समानता भी उतनी ही निर्णायक होती है, जितनी कि स्वतंत्रता’।(य) अरस्तू

उत्तर:

1. ‘राजतंत्र और लोकतंत्र में कौनसा तंत्र बेहतर है’ की विवेचना की।(य) अरस्तू
2. ‘स्वतंत्रता मानव का मौलिक अधिकार है’ को सबसे पहले सिद्ध किया।(अ) रूसो
3. हिन्द – स्वराज।(ब) गाँधीजी
4. अनुसूचित जातियों को विशेष संरक्षण मिलना चाहिए।(स) डॉ. अम्बेडकर
5. ‘समानता भी उतनी ही निर्णायक होती है, जितनी कि स्वतंत्रता’।(द) मार्क्स


अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
‘पॉलिटिक्स’ के रचयिता कौन थे?
उत्तर:
अरस्तू।

प्रश्न 2.
गाँधीजी की राजनीतिक पुस्तक का नाम लिखिये।
उत्तर:
हिन्द-स्वराज।

प्रश्न 3.
प्लेटो की प्रसिद्ध पुस्तक का नाम लिखिये।
उत्तर:
द रिपब्लिक।

JAC Class 11 Political Science Important Questions Chapter 1 राजनीतिक सिद्धांत – एक परिचय

प्रश्न 4.
राजनीति का सकारात्मक रूप क्या है?
उत्तर:
राजनीति का सकारात्मक रूप जनसेवा तथा समाज में सुधारों के कार्य करना है।

प्रश्न 5.
राजनीति का नकारात्मक रूप क्या है?
उत्तर:
राजनीति का नकारात्मक रूप दांव-पेंचों द्वारा अपनी जरूरतों एवं महत्त्वाकांक्षाओं को पूरी करना है।

प्रश्न 6.
राजनीति से जुड़े लोग किस प्रकार के दांव-पेंच चलाते हैं?
उत्तर:
राजनीति के दांव-पेंचों में दल-बदल, झूठे वायदे तथा बढ़-चढ़कर दावे करना आदि आते हैं।

प्रश्न 7.
आधुनिक लेखकों ने राजनीति को किस रूप में देखा है?
उत्तर:
आधुनिक लेखकों ने राजनीति को शक्ति के लिए संघर्ष के रूप में देखा है।

प्रश्न 8.
राजनीतिक सिद्धान्त किस तरह के मूल्यों के बारे में सुव्यवस्थित रूप से विचार करता है?
उत्तर:
राजनीतिक सिद्धान्त स्वतंत्रता, समानता तथा न्याय के मूल्यों के बारे में सुव्यवस्थित रूप से विचार करता है।

प्रश्न 9.
गांधीजी ने स्वराज शब्द की व्याख्या किस पुस्तक में की थी?
उत्तर:
‘हिन्द-स्वराज’ नामक पुस्तक में।

प्रश्न 10.
अस्पृश्यता या छुआछूत का अन्त भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में है?
उत्तर:
अनुच्छेद 17 में।

प्रश्न 11.
इन्टरनेट का प्रयोग करने वाले को क्या कहा जाता है?
उत्तर:
नेटिजन।

प्रश्न 12.
राजनीतिक सिद्धान्त का उद्देश्य क्या है?
उत्तर:
राजनीतिक सिद्धान्त का उद्देश्य नागरिकों को राजनीतिक प्रश्नों के बारे में तर्कसंगत ढंग से सोचने और सामयिक राजनीतिक घटनाओं को सही तरीके से आंकने का प्रशिक्षण देना है।

JAC Class 11 Political Science Important Questions Chapter 1 राजनीतिक सिद्धांत – एक परिचय

प्रश्न 13.
राजनीति को एक प्रकार की जनसेवा बताने वाले कौनसे लोग हैं?
उत्तर:
राजनेता, चुनाव लड़ने वाले तथा राजनीतिक पदाधिकारी लोग।

प्रश्न 14.
सरकार की नीतियाँ लोगों की कैसे सहायता कर सकती हैं?
उत्तर:
सरकारें आर्थिक, विदेश और शिक्षा नीतियों के माध्यम से लोगों के जीवन को उन्नत करने में सहायता कर सकती हैं।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
मनुष्य किन दो मामलों में अद्वितीय है?
उत्तर:

  1. मनुष्य के पास विवेक होता है और अपनी गतिविधियों में उसे व्यक्त करने की योग्यता होती है। वह अपने अंतरतम की भावनाओं और आकांक्षाओं को व्यक्त कर सकता है।
  2. उसके पास भाषा का प्रयोग तथा एक-दूसरे से संवाद करने की भी क्षमता होती है।

प्रश्न 2.
राजनीतिक सिद्धान्त किस तरह के प्रश्नों की पड़ताल करता है?
उत्तर:
राजनीतिक सिद्धान्त कुछ खास बुनियादी प्रश्नों की पड़ताल करता है, जैसे- समाज को कैसे संगठित होना चाहिए? क्या कानून हमारी स्वतंत्रता को सीमित करता है? राजसत्ता की अपने नागरिकों के प्रति क्या देनदारी है? हमें सरकार की जरूरत क्यों है? सरकार का सर्वश्रेष्ठ रूप कौनसा है? नागरिक के रूप में एक-दूसरे के प्रति हमारी क्या देनदारी होती है? आदि।

प्रश्न 3.
राजनीतिक सिद्धान्त कैसे मूल्यों के बारे में सुव्यवस्थित रूप से विचार करता है?
उत्तर:
राजनीतिक सिद्धान्त स्वतंत्रता, समानता और न्याय जैसे मूल्यों के बारे में सुव्यवस्थित रूप से विचार करता है। यह इनके और अन्य संबद्ध अवधारणाओं के अर्थ और महत्त्व की व्याख्या करता है। इन अवधारणाओं की मौजूदा परिभाषाओं को स्पष्ट करता है।

प्रश्न 4.
हमारा सामना राजनीति की किन परस्पर विरोधी छवियों से होता है?
उत्तर:
हमारा सामना राजनीति की अनेक परस्पर विरोधी छवियों से होता है, जैसे

  1. राजनेताओं की राय में राजनीति एक प्रकार की जनसेवा है।
  2. कुछ अन्य लोगों की राय में राजनीति दांवपेंच और कुचक्रों भरी नीति है।
  3. कुछ अन्य लोगों की राय में जो राजनेता करते हैं, वही राजनीति है।

प्रश्न 5.
हम किस तरह से एक बेहतर दुनिया रचने की आकांक्षा करते हैं?
उत्तर:
हम संस्थाएँ बनाकर, अपनी मांगों के लिए प्रचार अभियान चलाकर, सरकार की नीतियों का विरोध करके, वाद-विवाद तथा विचार-विमर्श आदि के द्वारा मौजूदा अव्यवस्था और पतन के तर्कसंगत कारण तलाशते हैं और एक बेहतर दुनिया रचने की आकांक्षा करते हैं।

प्रश्न 6.
राजनीति का जन्म किस तथ्य से होता है?
उत्तर:
राजनीति का जन्म इस तथ्य से होता है कि हमारे व हमारे समाज के लिए क्या उचित एवं वांछनीय है और क्या नहीं? इस सम्बन्ध में परस्पर वार्ताएँ करके निर्णय लेना। एक तरह से इन वार्ताओं से जनता और सरकार दोनों जुड़ी होती हैं।

प्रश्न 7.
राजनीतिक सिद्धान्त क्यों प्रासंगिक है? कोई दो तर्क दीजिए।
उत्तर:
राजनीतिक सिद्धान्त इसलिए प्रासंगिक है; क्योंकि इसकी अवधारणाओं से संबंधित मुद्दे वर्तमान सामाजिक जीवन में अनेक मामलों में उठते हैं और इन मुद्दों की निरन्तर वृद्धि हो रही है। दूसरे, जैसे-जैसे हमारी दुनिया बदल रही है, हम आजादी और आजादी पर संभावित खतरों के नए-नए आयामों की खोज कर रहे हैं।

JAC Class 11 Political Science Important Questions Chapter 1 राजनीतिक सिद्धांत – एक परिचय

प्रश्न 8.
राजनीति क्या है? संक्षेप में समझाओ।
उत्तर:
राजनीति: जब जनता सामाजिक विकास को बढ़ावा देने और सामान्य समस्याओं के समाधान हेतु परस्पर वार्ता करती है और सामूहिक गतिविधियों तथा सरकार के कार्यों में भाग लेती है तथा विभिन्न प्रकार के संघर्षों से सरकार के निर्णयों को प्रभावित करती है तो इसे राजनीति कहते हैं।

प्रश्न 9.
राजनीतिक सिद्धान्त में हम क्या पढ़ते हैं? संक्षेप में लिखिये।
अथवा
राजनीतिक सिद्धान्त में पढ़े जाने वाले किन्हीं दो तत्वों का उल्लेख करो।
उत्तर:
राजनीतिक सिद्धान्त की विषय-सामग्री:

  1. राजनीतिक सिद्धान्त उन विचारों और नीतियों के व्यवस्थित रूप को प्रतिबिंबित करता है, जिनसे हमारे सामाजिक जीवन, सरकार और संविधान ने आकार ग्रहण किया है।
  2. यह स्वतंत्रता, समानता, न्याय, लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता’ जैसी अवधारणाओं का अर्थ स्पष्ट करता है।
  3. यह कानून का राज, अधिकारों का बंटवारा और न्यायिक पुनरावलोकन जैसी नीतियों की सार्थकता की जाँच करता है।
  4. राजनीतिक सिद्धान्तकार हमारे वर्तमान राजनीतिक अनुभवों की छानबीन भी करते हैं और भावी रुझानों तथा संभावनाओं को भी चिन्हित करते हैं ।

प्रश्न 10.
राजनीतिक सिद्धान्तकारों को किन-किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है?
उत्तर:
राजनीतिक सिद्धान्तकारों को रोजमर्रा के विचारों से उलझना पड़ता है, संभावित अर्थों पर विचार-विमर्श करना पड़ता है और नीतिगत विकल्पों को सूत्रबद्ध करना पड़ता है। स्वतंत्रता, समानता, नागरिकता, अधिकार, विकास, न्याय, राष्ट्रवाद तथा धर्मनिरपेक्षता आदि अवधारणाओं पर विचार-विमर्श के दौरान उन्हें विवादकर्ताओं से उलझन भी पड़ता है।

प्रश्न 11.
एक छात्र के लिए राजनीतिक सिद्धान्त के अध्ययन की प्रासंगिकता को स्पष्ट कीजिये।
उत्तर:
एक छात्र के रूप में हम राजनेता, नीति बनाने वाले नौकरशाह, राजनीतिक सिद्धान्त पढ़ाने वाले अध्यापक में से किसी एक पेशे को चुन सकते हैं। इसलिए परोक्ष रूप से यह अभी भी हमारे लिए प्रासंगिक है। दूसरे, एक नागरिक के रूप में दायित्वपूर्ण कार्य निर्वहन के लिए भी हमारे लिए राजनीतिक सिद्धान्तों का अध्ययन प्रासंगिक है। तीसरे, राजनीतिक सिद्धान्त हमें न्याय या समानता के बारे में सुव्यवस्थित सोच से अवगत कराते हैं।

प्रश्न 12.
” कितना नियमन न्यायोचित है और किसको नियमन करना चाहिए – सरकार को या स्वतंत्र नियामकों को?” कथन के संदर्भ में राजनीतिक सिद्धान्त की प्रासंगिकता को स्पष्ट कीजिये।
उत्तर:
जैसे-जैसे हमारी दुनिया बदल रही है, हम स्वतंत्रता और स्वतंत्रता पर संभावित खतरों के नये-नये आयामों की खोज कर रहे हैं। जैसे – वैश्विक संचार तकनीक दुनियाभर में आदिवासी संस्कृति या जंगल की सुरक्षा के लिए सक्रिय कार्यकर्ताओं का परस्पर तालमेल करना आसान बना रही है; लेकिन दूसरी तरफ इसने आतंकवादियों और अपराधियों को भी अपना नेटवर्क कायम करने की क्षमता दी है। इसी प्रकार भविष्य में इन्टरनेट द्वारा व्यापार में बढ़ोतरी तय है। इसका अर्थ है कि वस्तुओं अथवा सेवाओं की खरीद के लिए हम अपने बारे में सूचना ऑन लाइन दें, उसकी सुरक्षा हो।

यद्यपि इन्टरनेट का प्रयोग करने वाले नेटिजन सरकारी नियंत्रण नहीं चाहते, लेकिन वे भी वैयक्तिक सुरक्षा और गोपनीयता को बनाए रखने के लिए किसी न किसी प्रकार का नियमन जरूरी मानते हैं। इसलिए वर्तमान में यह प्रश्न उठता है कि इन्टरनेट इस्तेमाल करने वालों को कितनी स्वतंत्रता दी जाये, ताकि वे उसका सदुपयोग कर सकें और कितना नियमन न्यायोचित है, ताकि उसका दुरुपयोग न हो सके। और यह नियमन करने वाली संस्था कौन होनी चाहिए— सरकार या कोई अन्य स्वतंत्र संस्था? राजनीतिक सिद्धान्त इन प्रश्नों के संभावित उत्तरों को देने में हमारी बहुत सहायता कर सकता है। इसीलिए आज इसकी प्रासंगिकता बहुत अधिक है।

प्रश्न 13.
राजनीतिक सिद्धान्तों को व्यवहार में कैसे उतारा जा सकता है?
उत्तर:
राजनीतिक सिद्धान्तों को व्यवहार में उतारना: राजनीतिक अवधारणाओं के अर्थ को राजनीतिक सिद्धान्तकार यह देखते हुए स्पष्ट करते हैं कि आम भाषा में इसे कैसे समझा और बरता जाता है। वे विविध अर्थों और रायों पर विचार-विमर्श और उनकी जांच-पड़ताल भी सुव्यवस्थित तरीके से करते हैं। जैसे- समानता की अवधारणा के सम्बन्ध में, अवसर की समानता कब पर्याप्त है? कब लोगों को विशेष बरताव की आवश्यकता होती है? ऐसा विशेष बरताव कब तक और किस हद तक किया जाना चाहिए?

ऐसे अनेक प्रश्नों की ओर वे मुखातिब होते हैं। ये मुद्दे बिल्कुल व्यावहारिक हैं। वे शिक्षा और रोजगार के बारे में सार्वजनिक नीतियाँ तय करने में मार्गदर्शन करते हैं। धर्मनिरपेक्षता समानता की ही तरह अन्य अवधारणाओं, जैसे स्वतंत्रता, नागरिकता, अधिकार, न्याय, विकास, आदि के मामलों में भी राजनीतिक सिद्धान्तकार रोजमर्रा के विचारों में उलझता है, संभावित अर्थों पर विचार-विमर्श कर नीतिगत विकल्पों को सूत्रबद्ध कर उन्हें व्यावहारिक बनाता है।

प्रश्न 14.
राजनीतिक सिद्धान्त की आवश्यकता पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिये । उत्तर – राजनीतिक सिद्धान्त की आवश्यकताओं को निम्न प्रकार स्पष्ट किया गया है।

  1. राजनीतिक सिद्धान्त का अध्ययन राजनीति करने वाले राजनेताओं, नीति बनाने वाले नौकरशाहों तथा राजनीतिक सिद्धान्त पढ़ाने वाले अध्यापकों, संविधान और कानूनों की व्याख्या करने वाले वकील, जंज तथा उन कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के लिए अति आवश्यक है, जो शोषण का पर्दाफाश करते हैं और नये अधिकारों की माँग करते हैं।
  2. राजनीतिक सिद्धान्त का अध्ययन दायित्वपूर्ण कार्य निर्वहन के लिए उन राजनीतिक विचारों और संस्थाओं की बुनियादी जानकारी हमारे लिए मददगार होती है, जो हमारी दुनिया को आकार देते हैं।
  3. राजनीतिक सिद्धान्त हमें राजनीतिक चीजों के बारे में अपने विचारों और भावनाओं के परीक्षण के लिए प्रोत्साहित करता है तथा इसके अध्ययन से हमारे विचारों और भावनाओं में उदारता आती है।
  4. राजनीतिक सिद्धान्त हमें न्याय तथा समानता के बारे में सुव्यवस्थित सोच से अवगत कराते हैं, ताकि हम अपने विचारों को परिष्कृत कर सकें और सार्वजनिक हित में सुविज्ञ तरीके से तर्क-वितर्क कर सकें।

JAC Class 11 Political Science Important Questions Chapter 1 राजनीतिक सिद्धांत – एक परिचय

प्रश्न 15.
क्या विद्यार्थियों को राजनीति में भाग लेना चाहिए?
उत्तर:
विद्यार्थियों को न सिर्फ राजनीति के विषय में जानकारी ही होनी चाहिए बल्कि उन्हें इसमें सक्रिय रूप से भाग भी लेना चाहिए क्योंकि।

  1. हमारा समाज लोकतंत्र की भावना में अटूट आस्था रखता है तथा वर्तमान विद्यार्थी ही कल के समाज के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।
  2. इन्हीं नागरिकों में से हमें अपने राजनीतिज्ञों एवं प्रतिनिधियों का चयन करना है, जिन्हें राजनीतिक सिद्धान्तों का पर्याप्त ज्ञान सैद्धान्तिक और व्यावहारिक रूप से होना चाहिए।
  3. यदि विद्यार्थी राजनीतिक गतिविधियों एवं क्रियाकलापों से अवगत नहीं होंगे तो देश के उचित सूत्रधार नहीं बन पायेंगे। इसलिए विद्यार्थियों को राजनीति में भाग लेकर राजनीतिक ज्ञान का व्यवहार में सही प्रयोग करना सीखना चाहिए।

निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
राजनीतिक सिद्धान्त में हम क्या पढ़ते हैं? इनकी प्रासंगिकता को स्पष्ट कीजिये।
उत्तर:
राजनीतिक सिद्धान्त: राजनीतिक सिद्धान्त उन विचारों और नीतियों के व्यवस्थित रूप को प्रतिबिंबित करता है, जिनसे हमारे सामाजिक जीवन, सरकार और संविधान ने आकार ग्रहण किया है। राजनीतिक सिद्धान्त की विषय-सामग्री राजनीतिक सिद्धान्त में हम निम्न बातों का अध्ययन करते हैं।

  1. यह स्वतंत्रता, समानता, न्याय, लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता जैसी अवधारणाओं का अर्थ स्पष्ट करता है।
  2. यह कानून का राज, अधिकारों का बँटवारा और न्यायिक पुनरावलोकन जैसी नीतियों की सार्थकता की जांच करता है। यह इस काम को विभिन्न विचारकों द्वारा इन अवधारणाओं के बचाव में विकसित युक्तियों की जांच-पड़ताल के ये करता है।
  3. राजनीतिक सिद्धान्तकार हमारे ताजा राजनीतिक अनुभवों की छानबीन भी करते हैं और भावी रुझानों तथा संभावनाओं को चिन्हित करते हैं।

राजनीतिक सिद्धान्त के अध्ययन की प्रासंगिकता: राजनीतिक सिद्धान्तों की उपयोगिता या इनके अध्ययन की प्रासंगिकता का विवेचन निम्नलिखित बिन्दुओं के अन्तर्गत किया गया है।
1 .स्वतंत्रता, समानता और लोकतंत्र से संबंधित मुद्दों में वृद्धि:
राजनीतिक सिद्धान्त स्वतंत्रता, समानता, न्याय, लोकतंत्र जैसी धारणाओं के अर्थ स्पष्ट करता है। वर्तमान में भी स्वतंत्रता, समानता तथा लोकतंत्र से संबंधित मुद्दे सामाजिक जीवन के अनेक मामलों में उठते हैं और विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग रफ्तार से उनकी बढ़ोतरी हो रही है। उदाहरण के लिए राजनीतिक क्षेत्र में समानता समान अधिकारों के रूप में है, लेकिन यह आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में उसी तरह नहीं है।

लोगों के पास समान राजनीतिक अधिकार हो सकते हैं, लेकिन हो सकता है कि समाज में उनके साथ जाति या गरीबी के कारण अभी भी भेदभाव होता है। संभव है कि कुछ लोगों को समाज में विशेषाधिकार प्राप्त हों, वहीं कुछ दूसरे बुनियादी आवश्यकताओं तक से वंचित हों। कुछ लोग अपना मनचाहा लक्ष्य पाने में सक्षम हैं, जबकि कई लोग भविष्य में अच्छा रोजगार पाने के लिए जरूरी स्कूली पढ़ाई के लिए भी ‘अक्षम हैं। इनके लिए स्वतंत्रता अभी भी दूर का सपना है। इस दृष्टि से राजनीतिक सिद्धान्त का अध्ययन अब भी प्रासंगिक बना हुआ है।

2. नित नई व्याख्याओं की दृष्टि से प्रासंगिकता:
यद्यपि हमारे संविधान में स्वतंत्रता की गारंटी दी गई है, तथापि हमें हरदम नई व्याख्याओं का सामना करना पड़ता है। नई परिस्थितियों के मद्देनजर संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों की निरंतर पुनर्व्याख्या की जा रही है। जैसे ‘आजीविका के अधिकार’ को ‘जीवन के अधिकार’ में शामिल करने के लिए अदालतों द्वारा उसकी पुनर्व्याख्या की गई है। सूचना के अधिकार की गारंटी एक नए कानून द्वारा की गई है। इस प्रकार समाज बार-बार चुनौतियों का सामना करता है। इस क्रम में नई व्याख्याएँ पैदा होती हैं। समय के साथ संवैधानिक मूल अधिकारों में संशोधन भी हुए हैं और इनका विस्तार भी। अतः राजनैतिक अवधारणाओं की नई व्याख्याओं को समझने के लिए राजनैतिक सिद्धान्त के अध्ययन की प्रासंगिकता बनी हुई है।

3. स्वतंत्रता और स्वतंत्रता के संभावित खतरों के नये आयामों से जुड़े प्रश्नों के उत्तरों के लिए प्रासंगिक:
जैसे-जैसे हमारा विश्व परिवर्तित हो रहा है, हम स्वतंत्रता और स्वतंत्रता पर संभावित खतरों के नए-नए आयामों की खोज कर रहे हैं। जैसे वैश्विक संचार तकनीक विश्व भर में आदिवासी संस्कृति या जंगल की सुरक्षा के लिए सक्रिय कार्यकर्ताओं का एक-दूसरे से तालमेल करना आसान बना रही है। पर इसने आतंकवादियों और अपराधियों को भी अपना नेटवर्क कायम करने की क्षमता दी है। इसी प्रकार, भविष्य में इंटरनेट द्वारा व्यापार में वृद्धि निश्चित है।

इसका अर्थ है कि वस्तुओं अथवा सेवाओं की खरीद के लिए हम अपने बारे में जो सूचना ऑन लाइन दें, उसकी सुरक्षा हो। इसलिए, यद्यपि नेटिजन सरकारी नियंत्रण नहीं चाहते तथापि वे भी वैयक्तिक सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए किसी-न-किसी प्रकार का नियमन जरूरी मानते हैं। लेकिन कितना नियमन न्यायोचित है और किसको नियमन करना चाहिए? राजनीतिक सिद्धान्त में इन प्रश्नों के संभावित उत्तरों के सिलसिले में हमारे सीखने के लिए बहुत कुछ है और इसीलिए यह बेहद प्रासंगिक है।